मार्केट न्यूज़
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3 min read | अपडेटेड February 26, 2026, 09:25 IST
सारांश
ओमनीटेक इंजीनियरिंग का 583 करोड़ रुपये का आईपीओ 25 फरवरी को खुल गया है। पहले दिन यह केवल 0.09 गुना सब्सक्राइब हुआ है। कंपनी ने इसका प्राइस बैंड 216 से 227 रुपये तय किया है। फिलहाल ग्रे मार्केट में इसका प्रीमियम शून्य (0) है, जो निवेशकों के लिए चिंता का विषय हो सकता है।

ओमनीटेक इंजीनियरिंग आईपीओ का पहला दिन सुस्त रहा।
इंजीनियरिंग सेक्टर की कंपनी ओमनीटेक इंजीनियरिंग का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए खुल चुका है। पहले दिन यानी 25 फरवरी की शाम तक बाजार से इसे बहुत उत्साहजनक प्रतिक्रिया नहीं मिली है। आंकड़ों के मुताबिक, यह इश्यू पहले दिन केवल 0.09 गुना ही भरा है। रिटेल कैटेगरी में इसे 0.06 गुना और नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (NII) कैटेगरी में भी 0.06 गुना सब्सक्राइब किया गया है। वहीं, क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) की ओर से 0.14 गुना सब्सक्रिप्शन मिला है।
ओमनीटेक इंजीनियरिंग का यह पूरा आईपीओ 583 करोड़ रुपये का है। इसमें दो हिस्से शामिल हैं। पहला हिस्सा 'फ्रेश इश्यू' है, जिसके जरिए कंपनी 418 करोड़ रुपये के नए शेयर जारी कर रही है। दूसरा हिस्सा 'ऑफर फॉर सेल' यानी OFS है, जिसमें पुराने शेयरधारक 165 करोड़ रुपये के शेयर बेच रहे हैं। कंपनी ने इस आईपीओ के लिए 216 रुपये से 227 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है। एक लॉट में 66 शेयर होंगे, जिसके लिए रिटेल निवेशकों को कम से कम 14,982 रुपये निवेश करने होंगे। अच्छी बात यह है कि कंपनी ने अपने कर्मचारियों के लिए 11 रुपये प्रति शेयर का डिस्काउंट भी रखा है।
निवेशकों के मन में अक्सर यह सवाल होता है कि कंपनी इन पैसों का इस्तेमाल कहां करेगी। ओमनीटेक इंजीनियरिंग ने साफ किया है कि आईपीओ से मिलने वाले 418 करोड़ रुपये (फ्रेश इश्यू वाले) का बड़ा हिस्सा कंपनी का कर्ज चुकाने में खर्च किया जाएगा। इससे कंपनी की बैलेंस शीट मजबूत होगी और ब्याज का बोझ कम होगा। इसके अलावा, कंपनी अपनी वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने और सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए भी इस फंड का उपयोग करेगी। कर्ज कम होने से भविष्य में कंपनी के नेट प्रॉफिट में सुधार आने की पूरी संभावना रहती है।
अगर कंपनी की माली हालत की बात करें, तो ओमनीटेक इंजीनियरिंग का प्रदर्शन स्थिर नजर आ रहा है। कंपनी के रेवेन्यू और मुनाफे में पिछले कुछ समय से बढ़त देखी गई है। हालांकि, मौजूदा समय में इसका ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) जीरो रुपये चल रहा है। इसका मतलब है कि फिलहाल बाजार इस शेयर की लिस्टिंग इसके ऊपरी प्राइस बैंड यानी 227 रुपये पर ही होने की उम्मीद कर रहा है। यानी लिस्टिंग पर मुनाफे की उम्मीद अभी कम दिख रही है। लेकिन लंबी अवधि के लिए कंपनी की उत्पादन क्षमता और इंजीनियरिंग सेक्टर में इसकी पकड़ को देखते हुए निवेशक अपनी रणनीति बना सकते हैं।
अगर आपने इस आईपीओ में पैसा लगाया है या लगाने वाले हैं, तो कुछ तारीखें नोट कर लें। यह आईपीओ 27 फरवरी को बंद हो जाएगा। शेयरों का अलॉटमेंट 2 मार्च 2026 को फाइनल होने की उम्मीद है। जिन निवेशकों को शेयर नहीं मिलेंगे, उन्हें 3 मार्च तक रिफंड मिल जाएगा। कंपनी के शेयरों की लिस्टिंग बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर 5 मार्च को होने वाली है। बाजार की मौजूदा स्थिति और ग्लोबल संकेतों का असर भी इसकी लिस्टिंग पर देखने को मिल सकता है।
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