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  1. घाटे के बावजूद इंडिगो के शेयरों में क्यों आई भारी तेजी? 5 पर्सेंट से ज्यादा उछला भाव

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घाटे के बावजूद इंडिगो के शेयरों में क्यों आई भारी तेजी? 5 पर्सेंट से ज्यादा उछला भाव

विकास तिवारी

3 min read | अपडेटेड June 01, 2026, 10:00 IST

सारांश

मार्च तिमाही में 2,537 करोड़ रुपये का भारी नेट लॉस होने के बावजूद सोमवार को इंडिगो के शेयरों में शानदार तेजी देखने को मिली। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज पर कंपनी का शेयर 2.7 पर्सेंट की बढ़त के साथ खुला और इंट्राडे में 5.1 पर्सेंट तक उछल गया। डॉलर के मुकाबले रुपये में आई कमजोरी और फॉरेक्स लॉस की वजह से कंपनी के मुनाफे पर बुरा असर पड़ा है।

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आज इंडिगो के शेयर में तेजी देखी जा रही है। Image: Shutterstock

एविएशन सेक्टर की दिग्गज कंपनी इंटरग्लोब एविएशन यानी इंडिगो के शेयर सोमवार को शेयर बाजार में भारी चर्चा का विषय बने हुए हैं। मार्च तिमाही में कंपनी को 2,537 करोड़ रुपये का भारी कंसोलिडेटेड नेट लॉस उठाना पड़ा है, लेकिन इस बड़े झटके के बाद भी आज मार्केट खुलते ही कंपनी के शेयरों में शानदार तेजी देखने को मिली है। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज यानी एनएसई पर इंडिगो के शेयर 2.7 पर्सेंट की बढ़त के साथ 4,525 रुपये प्रति शेयर के भाव पर खुले। बाजार खुलने के बाद इंट्राडे कारोबार के दौरान इसमें और भी ज्यादा तेजी दर्ज की गई और कंपनी का स्टॉक करीब 5.1 पर्सेंट की मजबूती के साथ 4,633.9 रुपये के दिन के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गया। इस तेजी ने मार्केट के दिग्गजों को हैरान कर दिया है क्योंकि आमतौर पर इतने बड़े नुकसान के बाद शेयरों में गिरावट आती है। पिछले साल की समान तिमाही में कंपनी को बड़ा मुनाफा हुआ था, जिसके मुकाबले इस बार का प्रदर्शन काफी कमजोर रहा है।

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आखिर क्यों हुआ इंडिगो को इतना बड़ा नुकसान?

इंडिगो ने वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही में 2,537 करोड़ रुपये का कंसोलिडेटेड नेट लॉस दर्ज किया है। कंपनी ने बताया कि उसे यह नुकसान मुख्य रूप से फॉरेक्स लॉस यानी विदेशी मुद्रा के नुकसान, घरेलू मार्केट में कैपेसिटी पर लगी रोक और कुछ वन-टाइम खर्चों की वजह से उठाना पड़ा है। कंपनी को नए लेबर कोड के इंप्लीमेंटेशन से जुड़े कामों के लिए 250 करोड़ रुपये का अतिरिक्त एकमुश्त खर्च भी करना पड़ा है, जिसने अर्निंग्स पर बुरा असर डाला। इसके मुकाबले पिछले साल की समान तिमाही में कंपनी ने 3,068 करोड़ रुपये का बड़ा नेट प्रॉफिट कमाया था।

ऑपरेशन से रेवेन्यू में दर्ज हुई मामूली बढ़त

इस भारी नुकसान के बाद भी कंपनी के रेवेन्यू के मोर्चे पर थोड़ी राहत की खबर आई है। इंडिगो का ऑपरेशन से रेवेन्यू सालाना आधार पर मामूली रूप से 1 पर्सेंट बढ़कर 22,438 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है, जो पिछले साल की इसी तिमाही में 22,152 करोड़ रुपये दर्ज किया गया था। कंपनी के मुताबिक, मार्च तिमाही के दौरान अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये की कीमत में 5 पर्सेंट की बड़ी गिरावट देखने को मिली थी। रुपये की इस कमजोरी की वजह से ही कंपनी को 4,823 करोड़ रुपये का बड़ा फॉरेक्स लॉस झेलना पड़ा, जिसने कंपनी के नेट प्रॉफिट को सबसे ज्यादा प्रभावित किया है। अगर इस फॉरेक्स लॉस और एक्स्ट्रा खर्चों को पूरी तरह से अलग हटा दिया जाए, तो कंपनी का नेट प्रॉफिट 1,920.6 करोड़ रुपये के स्तर पर रहता।

कंपनी के ऑपरेशनल परफॉर्मेंस और इंटरग्लोब एविएशन के चौथी तिमाही के आंकड़ों को देखें तो इस बार कई बड़े बदलाव हुए हैं। कंपनी का एबिटा मार्जिन पिछले साल के 27.5 पर्सेंट के मुकाबले इस बार भारी गिरावट के साथ केवल 3.6 पर्सेंट पर आ गया है, जो खर्चों में हुई भारी बढ़ोतरी को साफ दर्शाता है। वहीं दूसरी तरफ कंपनी का एबिटडा मार्जिन भी पिछले साल के 30.8 पर्सेंट से थोड़ा घटकर इस तिमाही में 28.5 पर्सेंट दर्ज किया गया है। इसके अलावा कंपनी का कुल एबिटडा भी सालाना आधार पर 6 पर्सेंट कम होकर 6,396 करोड़ रुपये रह गया है, जो पिछले साल की समान अवधि में 6,817 करोड़ रुपये था।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)

लेखकों के बारे में

विकास तिवारी
Vikash Tiwary is a finance journalist with 6+ years of newsroom experience. He is currently growing Upstox Hindi, crafting data-driven stories on stocks, personal finance, mutual funds, and global markets, while exploring how AI can simplify finance. His work spans Zee Business, TV9 Bharatvarsh, ABP News, India TV, and Inshorts. He also holds NISM certification.

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