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4 min read | अपडेटेड February 06, 2026, 13:32 IST
सारांश
हिटाची एनर्जी इंडिया के शेयरों में शुक्रवार को 13 प्रतिशत से अधिक की तेजी आई। कंपनी ने वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही में 261.4 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया है, जो पिछले साल के मुकाबले 90.3 प्रतिशत अधिक है। रेवेन्यू में भी 28 प्रतिशत की बड़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
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हिटाची एनर्जी ने तीसरी तिमाही के शानदार नतीजे पेश किए हैं।
शेयर बाजार में आज हिटाची एनर्जी इंडिया के शेयरों में जबरदस्त हलचल देखी जा रही है। कंपनी ने वित्त वर्ष 2025-26 की अक्टूबर से दिसंबर तिमाही के लिए अपने शानदार नतीजे पेश किए, जिसके बाद निवेशकों के बीच इस स्टॉक को खरीदने की होड़ मच गई। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज पर दोपहर को एक बजे के करीब कंपनी का शेयर 13.10 प्रतिशत की भारी बढ़त के साथ 21,725 रुपये के लेवल पर कारोबार कर रहा था। इलेक्ट्रिफिकेशन के सेक्टर में दुनिया में अपनी पहचान रखने वाली इस कंपनी के मुनाफे में आई भारी बढ़ोतरी ने बाजार के एक्सपर्ट को भी हैरान कर दिया है।
हिटाची एनर्जी इंडिया लिमिटेड ने इस तिमाही में अपने मुनाफे में लगभग दोगुना इजाफा दर्ज किया है। कंपनी द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, दिसंबर 2025 को समाप्त हुई तिमाही में उसका टैक्स के बाद शुद्ध लाभ (PAT) 90.3 प्रतिशत बढ़कर 261.4 करोड़ रुपये हो गया है। पिछले साल की इसी अवधि में कंपनी ने 137.4 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ कमाया था। मुनाफे में इस उछाल के पीछे रेवेन्यू में हुई बड़ी बढ़ोतरी को मुख्य कारण माना जा रहा है। कंपनी का ऑपरेशनल रेवेन्यू भी सालाना आधार पर 28.51 प्रतिशत बढ़कर 2,082.21 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है, जो पिछले वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में 1,620.27 करोड़ रुपये था।
कंपनी की इस सफलता में डेटा सेंटर, रिन्यूएबल एनर्जी और औद्योगिक क्षेत्र से मिले ऑर्डर्स का बड़ा हाथ रहा है। हिटाची एनर्जी के पास वर्तमान में 29,872.2 करोड़ रुपये का विशाल ऑर्डर बैकलाग है, जो भविष्य के लिए आय की सुरक्षा सुनिश्चित करता है। इस तिमाही के दौरान कंपनी को 2,477.6 करोड़ रुपये के नए ऑर्डर मिले हैं, जो पिछले साल के मुकाबले 73.7 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्शाते हैं। मुख्य रूप से ट्रांसफार्मर, रिएक्टर्स और एयर-इंसुलेटेड स्विचगियर जैसे उत्पादों की मांग में तेजी देखी गई है। एआई की बढ़ती मांग के कारण बिजली की खपत वाले डेटा सेंटर्स का विस्तार हो रहा है, जिसका सीधा फायदा इस कंपनी को मिल रहा है।
हिटाची एनर्जी के एमडी और सीईओ एन वेणु ने इन नतीजों पर खुशी जताते हुए कहा कि यह आंकड़े भारत और दुनिया भर में इलेक्ट्रिफिकेशन की बढ़ती रफ्तार को दर्शाते हैं। उन्होंने बताया कि वैश्विक स्तर पर बिजली की मांग में 70 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि होने का अनुमान है। भारत में 2030 तक प्रति व्यक्ति 2,000 किलोवाट बिजली की खपत का लक्ष्य रखा गया है, जिसे पूरा करने के लिए ग्रिड की मजबूती और क्षमता विस्तार बहुत जरूरी है। वेणु के अनुसार, उनकी कंपनी आधुनिक बुनियादी ढांचे के जरिए एआई-रेडी डेटा सेंटर और टिकाऊ ऊर्जा भविष्य की ओर कदम बढ़ा रही है।
हाल ही में भारत और यूरोपीय संघ के बीच हुए मुक्त व्यापार समझौते (FTA) ने भी इस कंपनी के लिए संभावनाओं के नए द्वार खोल दिए हैं। जानकारों का मानना है कि इस समझौते से स्वच्छ ऊर्जा की साझेदारी मजबूत होगी, खास तौर पर ग्रीन हाइड्रोजन और रिन्यूएबल एनर्जी के क्षेत्र में। इससे भारतीय ऊर्जा कंपनियों को बेहतर तकनीक और निवेश मिलने की उम्मीद है। हिटाची एनर्जी अपनी वैश्विक तकनीक और स्थानीय अनुभव के दम पर इस बदलते परिदृश्य में खुद को एक लीडर के रूप में देख रही है। कंपनी का लक्ष्य ग्राहकों को विश्वसनीय, सस्ती और टिकाऊ बिजली उपलब्ध कराना है, जिससे वह लंबे समय तक बाजार में अपनी पकड़ मजबूत रख सके।
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