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4 min read | अपडेटेड August 25, 2026, 10:11 IST
सारांश
अन्नू प्रोजेक्ट्स लिमिटेड का आईपीओ आज 25 अगस्त से निवेशकों के लिए खुल गया है। कंपनी इस आईपीओ के जरिए 175.06 करोड़ रुपये जुटाने जा रही है। इसका प्राइस बैंड 94 से 99 रुपये तय किया गया है। 28 अगस्त तक इसमें दांव लगाया जा सकता है।

अन्नू प्रोजेक्ट्स का 175.06 करोड़ रुपये का आईपीओ आज से सब्सक्रिप्शन के लिए खुल गया है।
प्राइमरी मार्केट में आज एक और नया आईपीओ दांव लगाने के लिए खुल गया है। इन्फ्रास्ट्रक्चर सेक्टर की कंपनी अन्नू प्रोजेक्ट्स लिमिटेड (Annu Projects Limited) का आईपीओ आज 25 अगस्त से सब्सक्रिप्शन के लिए ओपन हो गया है। निवेशक इस इश्यू में 28 अगस्त तक बोली लगा सकते हैं। कंपनी ने इस आईपीओ के लिए 94 रुपये से 99 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है। यह आईपीओ पूरी तरह से फ्रेश इश्यू है, यानी कंपनी नए शेयर जारी करके 175.06 करोड़ रुपये जुटाने जा रही है। अगर आप भी इसमें पैसे लगाने की सोच रहे हैं, तो कंपनी के बिजनेस, कमाई और आईपीओ से मिलने वाले पैसों के इस्तेमाल की पूरी जानकारी नीचे दी गई है।
अन्नू प्रोजेक्ट्स के इस 175.06 करोड़ रुपये के आईपीओ में रिटेल निवेशक कम से कम 1 लॉट के लिए आवेदन कर सकते हैं। 1 लॉट में 151 शेयर रखे गए हैं। अपर प्राइस बैंड 99 रुपये के हिसाब से निवेशकों को कम से कम 14,949 रुपये का इनवेस्टमेंट करना होगा। रिटेल निवेशकों के लिए इस इश्यू का 50% हिस्सा रिजर्व रखा गया है। 28 अगस्त को आईपीओ बंद होने के बाद शेयरो का अलॉटमेंट 31 अगस्त को होने की उम्मीद है। वहीं कंपनी के शेयर 2 सितंबर को बीएसई और एनएसई पर लिस्ट हो सकते हैं।
कंपनी इस आईपीओ से मिलने वाले नेट प्रोसीड्स का इस्तेमाल अपने बिजनेस को विस्तार देने में करेगी। कंपनी ने अपनी जरूरतों को स्पष्ट रूप से बताया है। कुल रकम में से लगभग 15.41 करोड़ रुपये नए मशीनरी और इक्विपमेंट खरीदने पर खर्च किए जाएंगे, ताकि कंपनी की ऑपरेशनल कैपेसिटी बढ़ सके। इसके अलावा लगभग 115 करोड़ रुपये का बड़ा हिस्सा वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने के लिए यूज किया जाएगा। बाकी बची रकम को जनरल कॉर्पोरेट उद्देश्यों पर खर्च करने की योजना है। इससे कंपनी की फ्यूचर ग्रोथ को मजबूती मिलेगी।
अन्नू प्रोजेक्ट्स मुख्य रूप से अंडरग्राउंड और ओवरहेड यूटिलिटी इन्फ्रास्ट्रक्चर के ईपीसी (EPC) प्रोजेक्ट्स का काम संभालती है। कंपनी के बिजनेस को तीन प्रमुख हिस्सों में बांटा जा सकता है। पहला है टेलीकॉम इन्फ्रास्ट्रक्चर, जिसके तहत कंपनी ने 25,000 किलोमीटर से ज्यादा ऑप्टिकल फाइबर केबल नेटवर्क बिछाया है और 50,000 किलोमीटर से ज्यादा नेटवर्क का मेंटेनेंस कर रही है। दूसरा है सीवरेज इन्फ्रास्ट्रक्चर, जिसमें सीवरेज पाइप बिछाने और सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट बनाने का काम शामिल है। तीसरा है गैस पाइपलाइन वर्टिकल, जिसके तहत कंपनी आईजीएल, गुजरात गैस और गेल जैसी बड़ी कंपनियों के लिए 537 किलोमीटर से ज्यादा पाइपलाइन बिछा चुकी है।
कंपनी के वित्तीय आंकड़े काफी मजबूत नजर आ रहे हैं। पिछले तीन सालों में कंपनी के रेवेन्यू और नेट प्रॉफिट में लगातार अच्छी ग्रोथ देखने को मिली है। फाइनेंशियल ईयर 2026 में कंपनी का टोटल इनकम बढ़कर 244.59 करोड़ रुपये पर पहुंच गया, जो फाइनेंशियल ईयर 2025 के 182.35 करोड़ रुपये के मुकाबले लगभग 34% ज्यादा है। वहीं नेट प्रॉफिट की बात करें तो यह फाइनेंशियल ईयर 2025 के 21.10 करोड़ रुपये से 56% बढ़कर 33.03 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है। फाइनेंशियल ईयर 2026 में कंपनी का ईबिटडा (EBITDA) 50.19 करोड़ रुपये रहा, जिसका मार्जिन 20.81% और नेट प्रॉफिट मार्जिन 13.69% दर्ज किया गया।
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