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3 min read | अपडेटेड November 17, 2025, 13:27 IST
सारांश
19 नवंबर को 500 करोड़ रुपये का एक और आईपीओ खुल रहा है। SaaS कंपनी एक्सेलसॉफ्ट टेक्नोलॉजीस का प्राइस बैंड 114-120 रुपये है। कंपनी नए इश्यू से 180 करोड़ रुपये जुटाएगी। रिटेल निवेशक 15,000 रुपये का न्यूनतम निवेश कर सकते हैं।

एक्सेलसॉफ्ट टेक्नोलॉजीस लर्निंग और असेसमेंट मार्केट में काम करने वाली एक SaaS कंपनी है।
Excelsoft Technologies IPO: शेयर बाजार में आईपीओ का दौर जारी है। अगर आप भी किसी नए इश्यू में पैसा लगाने की सोच रहे हैं, तो अगले कुछ दिनों में एक और मौका मिलने वाला है। ग्लोबल SaaS (सॉफ्टवेयर-एज-ए-सर्विस) कंपनी एक्सेलसॉफ्ट टेक्नोलॉजीस लिमिटेड अपना 500 करोड़ रुपये का इनिशियल पब्लिक ऑफर (आईपीओ) ला रही है। यह इश्यू सब्सक्रिप्शन के लिए 19 नवंबर 2025 को खुलेगा।
एक्सेलसॉफ्ट टेक्नोलॉजीस का यह आईपीओ 19 नवंबर को खुलेगा और निवेशक इसमें 21 नवंबर 2025 तक पैसा लगा सकेंगे। यह एक बुक बिल्ड इश्यू है, जिसका कुल साइज 500 करोड़ रुपये है। इस 500 करोड़ के इश्यू में 180 करोड़ रुपये के 1.50 करोड़ नए शेयर (फ्रेश इश्यू) जारी किए जाएंगे। इसके अलावा, 320 करोड़ रुपये के 2.67 करोड़ शेयर ऑफर फॉर सेल (ओएफएस) के तहत बेचे जाएंगे। यानी ओएफएस का पैसा मौजूदा निवेशकों के पास जाएगा, जबकि फ्रेश इश्यू का पैसा कंपनी के पास जाएगा।
कंपनी ने इस इश्यू के लिए प्राइस बैंड 114 रुपये से 120 रुपये प्रति शेयर तय किया है। शेयरों का अलॉटमेंट 24 नवंबर 2025 को फाइनल होने की उम्मीद है। बीएसई और एनएसई पर इसकी लिस्टिंग 26 नवंबर 2025 को हो सकती है।
इस आईपीओ में एक लॉट साइज 125 शेयरों का रखा गया है। अगर कोई रिटेल निवेशक इसमें पैसा लगाना चाहता है, तो उसे कम से कम एक लॉट यानी 125 शेयरों के लिए बोली लगानी होगी। प्राइस बैंड की ऊपरी कीमत 120 रुपये के हिसाब से, एक रिटेल निवेशक को न्यूनतम 15,000 रुपये का निवेश करना होगा।
वहीं, एसएनआईआई (sNII) कैटेगरी के लिए न्यूनतम 14 लॉट (1,750 शेयर) हैं, जिसके लिए 2,10,000 रुपये लगाने होंगे। बीएनआईआई (bNII) कैटेगरी के लिए 67 लॉट (8,375 शेयर) के लिए 10,05,000 रुपये का निवेश जरूरी है।
एक्सेलसॉफ्ट टेक्नोलॉजीस की स्थापना साल 2000 में हुई थी। यह एक ग्लोबल वर्टिकल SaaS कंपनी है, जो लर्निंग और असेसमेंट मार्केट (सीखने और मूल्यांकन) में विशेषज्ञता रखती है। यह कंपनी एआई-पावर्ड एप्लीकेशन, टेस्ट और असेसमेंट प्लेटफॉर्म, ऑनलाइन प्रॉक्टरिंग सोल्यूशन और डिजिटल ई-बुक प्लेटफॉर्म जैसी सेवाएं देती है।
कंपनी के ग्राहकों में शैक्षणिक प्रकाशक, विश्वविद्यालय, स्कूल, सरकारी एजेंसियां, रक्षा संगठन और बड़े बिजनेस शामिल हैं। पियर्सन एजुकेशन और एओए एजुकेशन जैसे बड़े नाम इसके क्लाइंट हैं। भारत के अलावा कंपनी का कारोबार मलेशिया, सिंगापुर, यूके और यूएसए में भी फैला है और यह 30 मिलियन से अधिक लर्नर्स को प्रभावित करती है।
कंपनी के वित्तीय आंकड़े भी मजबूत नजर आ रहे हैं। 31 मार्च 2024 को समाप्त वित्त वर्ष की तुलना में 31 मार्च 2025 को समाप्त वित्त वर्ष में कंपनी का रेवेन्यू 24 प्रतिशत बढ़ा है। सबसे खास बात यह है कि इस दौरान कंपनी का टैक्स चुकाने के बाद मुनाफा (PAT) 172 प्रतिशत उछला है। 31 मार्च 2025 तक कंपनी का मुनाफा 34.69 करोड़ रुपये और कुल इनकम 248.80 करोड़ रुपये थी।
कंपनी फ्रेश इश्यू से जुटाए गए 180 करोड़ रुपये का इस्तेमाल कई कामों के लिए करेगी। इस पैसे से मैसूर प्रॉपर्टी पर जमीन खरीदने और नई बिल्डिंग बनाने के लिए लगभग 71.96 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके अलावा, मैसूर की मौजूदा फैसिलिटी के अपग्रेडेशन पर 39.51 करोड़ और कंपनी के आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर (सॉफ्टवेयर, हार्डवेयर) को अपग्रेड करने पर 54.63 करोड़ रुपये खर्च करने की योजना है।
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