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  1. कोफोर्ज के Q1 नतीजों में मुनाफा घटा, लेकिन इन वजहों से शेयरों में आया 10% तक का उछाल

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कोफोर्ज के Q1 नतीजों में मुनाफा घटा, लेकिन इन वजहों से शेयरों में आया 10% तक का उछाल

Namita Shukla

3 min read | अपडेटेड July 28, 2026, 10:53 IST

सारांश

कोफोर्ज ने घोषणा की है कि फाइनेंशियल ईयर 2026-27 के लिए ₹2 अंकित मूल्य वाले प्रत्येक इक्विटी शेयर पर ₹4 प्रति शेयर का अंतरिम डिविडेंड दिया जाएगा। इसके लिए 3 अगस्त 2026 को रिकॉर्ड डेट तय की गई है।

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कोफोर्ज शेयर

कोफोर्ज शेयरों में Q1 नतीजों के बाद जबर्दस्त तेजी (Photo: Shutterstock)

आईटी सर्विस सेक्टर की अहम कंपनी कोफोर्ज लिमिटेड ने फाइनेंशियल ईयर 2026-27 के पहले क्वार्टर (अप्रैल से जून 2026) के वित्तीय नतीजे जारी कर दिए हैं, इसके साथ की कुछ अहम घोषणाएं भी की हैं। कंपनी ने 27 जुलाई को शेयर मार्केट क्लोज होने के बाद नतीजे जारी किए थे। दमदार नतीजों का असर आज कंपनी के शेयरों पर देखने को मिल रहा है। सुबह 10:30 बजे के आस-पास कोफोर्ज के शेयर करीब 10% यानी कि 135 रुपये प्रति शेयर से ज्यादा चढ़कर 1,666 रुपये के आस-पास ट्रेड हो रहे थे। कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की मीटिंग में बिना ऑडिट किए गए स्टैंडअलोन और कंसोलिडेटेड फाइनेंशियल रिजल्ट्स को मंजूरी दी गई। इसके अलावा शेयरधारकों के लिए अंतरिम डिविडेंड, इंडिपेंडेंट डायरेक्टर और बोर्ड चेयरपर्सन के रि-अपॉइंटमेंट साथ ही चीन में नई यूनिट स्थापित करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई।

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कैसे रहे वित्तीय नतीजे?

कंपनी ने घोषणा की है कि फाइनेंशियल ईयर 2026-27 के लिए ₹2 अंकित मूल्य वाले प्रत्येक इक्विटी शेयर पर ₹4 प्रति शेयर का अंतरिम डिविडेंड दिया जाएगा। इसके लिए 3 अगस्त 2026 को रिकॉर्ड डेट तय की गई है। इस डेट तक जिन निवेशकों के नाम कंपनी के रिकॉर्ड में होंगे, वे डिविडेंड पाने के हकदार होंगे। कंपनी ने यह भी क्लियर किया है कि डिविडेंड का भुगतान घोषणा की तारीख से 30 दिनों के भीतर कर दिया जाएगा।

बोर्ड ने 30 जून 2026 को खत्म क्वार्टर के स्टैंडअलोन और कंसोलिडेटेड वित्तीय परिणामों को मंजूरी दी। साथ ही कंपनी के वैधानिक ऑडिटर एस आर बाटलीबोइ एंड एसोसिएट्स एलएलपी ने इन परिणामों पर बिना बदलाव वाली सीमित समीक्षा रिपोर्ट (Unmodified Limited Review Report) जारी की है। इसका मतलब है कि ऑडिटरों ने वित्तीय नतीजों पर किसी तरह की प्रतिकूल टिप्पणी नहीं की है और वे नियामकीय मानकों के अनुरूप पाए गए हैं।

भट्ट दूसरी बार बने इंडिपेंडेंट डायरेक्टर

कॉर्पोरेट गवर्नेंस के तहत कंपनी ने श्री ओ. पी. भट्ट को दूसरी बार इंडिपेंडेंट डायरेक्टर और बोर्ड के चेयरपर्सन के रूप में रि-अपॉइंट करने का फैसला लिया है। उनका नया कार्यकाल 1 मई 2027 से 30 अप्रैल 2032 तक रहेगा। हालांकि यह नियुक्ति कंपनी के शेयरधारकों की स्वीकृति के अधीन होगी। भट्ट भारतीय बैंकिंग और कॉर्पोरेट जगत के अनुभवी नाम हैं और वे पूर्व में भारतीय स्टेट बैंक के चेयरमैन एवं सीईओ भी रह चुके हैं। कंपनी ने अपने ग्लोबल एक्सपेंशन की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है।

चीन में एक्सपेंशन को मंजूरी मिलने के क्या हैं मायने?

बोर्ड ने चीन में नई यूनिट स्थापित करने को मंजूरी दे दी है। कंपनी का कहना है कि इस विस्तार से इंटरनेशनल मार्केट में उसकी मौजूदगी मजबूत होगी और भविष्य में नए व्यावसायिक मौके हासिल करने में सहायता मिलेगी। हालांकि इस संबंध में विस्तृत जानकारी बाद में साझा की जाएगी। कुल मिलाकर, कोफोर्ज के बोर्ड के ये फैसले कंपनी की विकास रणनीति, मजबूत कॉर्पोरेट गवर्नेंस और निवेशकों के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं। अंतरिम डिविडेंड की घोषणा से शेयरधारकों को डायरेक्ट प्रॉफिट मिलेगा, जबकि चीन में एक्सपेंशन के प्लान कंपनी की लॉन्ग-टर्म ग्लोबल डेवलपमेंट स्ट्रैटजी का संकेत देती है। आने वाले समय में निवेशकों की नजर कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन और इंटरनेशनल एक्सपेंशन की प्रगति पर बनी रहेगी।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)

लेखकों के बारे में

Namita Shukla
Namita Shukla is a seasoned journalist with over 15 years of experience in Hindi media. She has worked with some of the most reputed news organizations, including Navbharat Times, Dainik Jagran, Aaj Tak, and Hindustan Times Hindi. Throughout her career, Namita has reported on a wide range of beats such as national affairs, sports, business, and entertainment, bringing clarity and depth to her reporting. In addition to her journalistic work, she is a certified fact-checker by both Google and Meta, underscoring her commitment to accuracy and ethical journalism in the digital age.

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