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  1. लोहिया कॉर्प, इंडो-MIM या एक्स्ट्रानेट टेक IPO में अगर लगाया है दांव, तो ऐसे चेक करें अलॉटमेंट स्टेटस

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लोहिया कॉर्प, इंडो-MIM या एक्स्ट्रानेट टेक IPO में अगर लगाया है दांव, तो ऐसे चेक करें अलॉटमेंट स्टेटस

Namita Shukla

5 min read | अपडेटेड July 28, 2026, 10:04 IST

सारांश

आज एक-दो नहीं बल्कि तीन-तीन मेनबोर्ड आईपीओ के अलॉटमेंट फाइनलाइज किए जाने हैं। एक नजर डालते हैं कि कैसे आप इन में से किसी भी आईपीओ का अलॉटमेंट स्टेटस कैसे चेक कर सकते हैं।

आईपीओ अलॉटमेंट

आज तीन मेनबोर्ड आईपीओ के अलॉटमेंट फाइनलाइज होने हैं। (Photo: Shutterstock)

लोहिया कॉर्प, इंडो-MIM और एक्स्ट्रानेट टेक्नोलॉजीज आईपीओ के अलॉटमेंट स्टेटस आज फाइनलाइज किए जाने हैं। 23 जुलाई को ये तीनों मेनबोर्ड आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए खोले गए थे, जबकि इन पर बोली लगाने की लास्ट डेट 27 जुलाई थी। आज इन तीनों आईपीओ के अलॉटमेंट स्टेटस फाइनलाइज किए जाने हैं। जबकि 30 जुलाई को इन तीनों कंपनियों के शेयर मार्केट में डेब्यू करेंगे। एक नजर डालते हैं कि कैसे आप इन तीनों आईपीओ, या इनमें से किसी का भी अलॉटमेंट स्टेटस कैसे चेक कर सकते हैं-

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BSE पर अलॉटमेंट स्टेटस ऐसे करें चेक

  • BSE वेबसाइट पर स्टेटस चेक करने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें।
  • इश्यू टाइप में 'Equity' सेलेक्ट करें।

  • इश्यू नेम के लिए ड्रॉपडाउन मेनू से आईपीओ का नाम सेलेक्ट करें।

  • इसके बाद अपना एप्लिकेशन नंबर या PAN दर्ज करें।

  • अब I'm not a robot पर चेक करने के बाद Search पर क्लिक करें।

NSE पर अलॉटमेंट स्टेटस ऐसे करें चेक

  • NSE वेबसाइट पर IPO अलॉटमेंट स्टेटस चेक करने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें।
  • इसके Equity & SME IPO bid details' को सेलेक्ट करें।

  • इश्यू सिंबल के लिए ड्रॉपडाउन लिस्ट से कंपनी नाम सेलेक्ट करें।

  • इसके बाद PAN नंबर और एप्लिकेशन नंबर दर्ज करें।

  • अब Submit बटन पर क्लिक करें।

Kfin Technologies पर अलॉटमेंट स्टेटस ऐसे करें चेक

  • रजिस्ट्रार की वेबसाइट के लिए इस लिंक पर क्लिक करें।
  • ड्रॉपडाउन मेनू से कंपनी का नाम सेलेक्ट करें।

  • निवेशकों को अब PAN, एप्लिकेशन नंबर या DP क्लाइंट ID जैसी जानकारी भरनी होगी।

  • इसके बाद सबमिट बटन पर क्लिक करें।

अब एक नजर इन तीनों कंपनियों के डीटेल्स पर डालते हैं-

लोहिया कॉर्प

कंपनी का वित्तीय प्रदर्शन पिछले तीन सालों में लगातार बेहतर हुआ है। फाइनेंशियल ईयर 2026 में ऑपरेशंस से रेवेन्यू बढ़कर ₹1,677.66 करोड़ हो गया, जबकि कंपनी ने लगभग ₹157.9 करोड़ का शुद्ध लाभ (PAT) दर्ज किया। मुनाफे और परिचालन दोनों में लगातार वृद्धि कंपनी के कारोबार की मजबूती को दर्शाती है। हालांकि, कंपनी का बिजनेस पूंजी-प्रधान (Capital Intensive) है, जिसके कारण उस पर कर्ज का स्तर अपेक्षाकृत अधिक है। IPO से जुटाए गए फंड का बड़ा हिस्सा कर्ज कम करने और नए ट्रक, प्लांट एवं मशीनरी खरीदने में लगाया जाएगा, जिससे भविष्य में परिचालन क्षमता और नकदी प्रवाह बेहतर होने की उम्मीद है।

IPO के प्रमुख रिस्क फैक्टर्स

कंपनी की आय का बड़ा हिस्सा कुछ चुनिंदा ग्राहकों से आता है। किसी बड़े ग्राहक का अनुबंध समाप्त होने पर कारोबार प्रभावित हो सकता है।

कंपनी का व्यवसाय कोयला खनन और लॉजिस्टिक्स पर आधारित है, इसलिए सरकारी नीतियों, पर्यावरण मंजूरियों और खनन अनुबंधों में बदलाव का जोखिम बना रहता है।

कारोबार मौसमी परिस्थितियों, विशेषकर भारी बारिश और मानसून से प्रभावित हो सकता है, जिससे परियोजनाओं का काम धीमा पड़ सकता है।

IPO के बाद शेयर के बाजार मूल्य में उतार-चढ़ाव का जोखिम रहेगा और यह जरूरी नहीं कि लिस्टिंग के बाद शेयर इश्यू प्राइस से ऊपर ही कारोबार करे।

कंपनी के विस्तार और पूंजीगत निवेश की योजना लागत, ब्याज दरों और बाजार की परिस्थितियों पर निर्भर है। इन कारकों में बदलाव से फंड के उपयोग और भविष्य की योजनाओं पर असर पड़ सकता है।

इंडो-MIM

कंपनी ने पिछले तीन वित्तीय सालों में रेवेन्यू और प्रॉफिट में लगातार वृद्धि दर्ज की है। FY26 में कंपनी का परिचालन मजबूत रहा और EBITDA और नेट प्रॉफिट में सुधार देखने को मिला। ऑटोमोबाइल, एयरोस्पेस, मेडिकल, डिफेंस और इंडस्ट्रियल सेक्टर से विविध रेवेन्यू होने के कारण बिजनेस अपेक्षाकृत संतुलित है। कंपनी की विदेशी बाजारों में भी मजबूत उपस्थिति है, जिससे निर्यात आय का अच्छा योगदान मिलता है।

प्रमुख रिस्क फैक्टर्स

कारोबार का बड़ा हिस्सा ऑटोमोबाइल और औद्योगिक क्षेत्रों पर निर्भर है। इन सेक्टरों में मंदी आने पर मांग प्रभावित हो सकती है।

कंपनी का व्यवसाय धातुओं (Metal Powders) और कच्चे माल की कीमतों पर निर्भर है। कीमतों में उतार-चढ़ाव से मार्जिन प्रभावित हो सकते हैं।

राजस्व का महत्वपूर्ण हिस्सा निर्यात से आता है, इसलिए विदेशी मुद्रा विनिमय दरों में बदलाव का जोखिम बना रहता है।

कुछ बड़े ग्राहकों पर निर्भरता होने से किसी प्रमुख ग्राहक के नुकसान का असर कारोबार पर पड़ सकता है।

एक्स्ट्रानेट टेक्नोलॉजीज

पिछले तीन सालों में कंपनी के रेवेन्यू और प्रॉफिट में लगातार वृद्धि दर्ज की गई है। कंपनी के पास दैनिक संचालन और भविष्य की जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त नकदी एवं तरलता बनाए रखने की व्यवस्था है। ब्याज दर, क्रेडिट और बाजार जोखिमों के प्रबंधन के लिए उचित वित्तीय नीतियां अपनाई गई हैं। कंपनी का व्यवसाय मौसमी नहीं है, इसलिए पूरे वर्ष कारोबार अपेक्षाकृत स्थिर रहता है।

आईपीओ के रिस्क फैक्टर्स

कंपनी की आय कुछ बड़े ग्राहकों और प्रमुख प्रोजेक्ट्स पर निर्भर है, इसलिए इनके कम होने पर कारोबार प्रभावित हो सकता है।

आईटी सिस्टम में साइबर हमले, डेटा सुरक्षा या तकनीकी समस्याएं संचालन पर असर डाल सकती हैं।

इंडस्ट्री में बढ़ती प्रतिस्पर्धा के कारण नए ऑर्डर हासिल करना और प्रॉफिट मार्जिन बनाए रखना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।

आर्थिक परिस्थितियों, सरकारी नीतियों और नियामकीय बदलावों का भी कंपनी के प्रदर्शन पर प्रभाव पड़ सकता है।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)

लेखकों के बारे में

Namita Shukla
Namita Shukla is a seasoned journalist with over 15 years of experience in Hindi media. She has worked with some of the most reputed news organizations, including Navbharat Times, Dainik Jagran, Aaj Tak, and Hindustan Times Hindi. Throughout her career, Namita has reported on a wide range of beats such as national affairs, sports, business, and entertainment, bringing clarity and depth to her reporting. In addition to her journalistic work, she is a certified fact-checker by both Google and Meta, underscoring her commitment to accuracy and ethical journalism in the digital age.

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