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5 min read | अपडेटेड June 30, 2026, 10:46 IST
सारांश
30 जून 2026 को शेयर बाजार में बैंकिंग स्टॉक्स में भारी हलचल देखने को मिल रही है। एचडीएफसी बैंक ने पूर्व फाइनेंस सेक्रेटरी राजीव कुमार को नया चेयरमैन नियुक्त किया है। इसके अलावा यस बैंक ने 16,000 करोड़ रुपये का फंड जुटाने की योजना बनाई है।

बैंकिंग सेक्टर्स की कंपनियों में भारी उठापटक और हलचल देखने को मिल रही है। | Image: Shutterstock
भारतीय शेयर बाजार में आज के कारोबारी दिन बैंकिंग सेक्टर्स के शेयरों में भारी हलचल और एक्शन देखने को मिल रहा है। बाजार में कई बड़े बैंकों को लेकर एक साथ कई महत्वपूर्ण खबरें सामने आई हैं, जिसके चलते निवेशकों की नजरें पूरी तरह से बैंकिंग स्टॉक्स पर टिकी हुई हैं। इन बदलावों में निजी क्षेत्र के सबसे बड़े बैंक HDFC बैंक के चेयरमैन की नियुक्ति से लेकर एक्सिस बैंक और बंधन बैंक के CFO के इस्तीफे की बड़ी खबरें शामिल हैं। इसके अलावा, देश के चार बड़े सरकारी बैंकों ने सरकार को एक बहुत बड़ी रकम डिविडेंड के रूप में सौंपी है। इन तमाम कॉर्पोरेट घोषणाओं के बीच आज निफ्टी बैंक इंडेक्स में मिला-जुला असर देखने को मिल रहा है, जिससे निवेशकों के लिए ट्रेडिंग के नए मौके बन रहे हैं।
आज के कारोबार में निफ्टी बैंक इंडेक्स में उतार-चढ़ाव के बीच हल्की मजबूती देखने को मिल रही है। ताजा लाइव आंकड़ों के मुताबिक, निफ्टी बैंक 82.15 पॉइंट यानी 0.14 पर्सेंट की बढ़त के साथ 57,809.50 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। आज के सत्र में फेडरल बैंक का शेयर 2.24 पर्सेंट और इंडसइंड बैंक 1.18 पर्सेंट की शानदार तेजी के साथ कारोबार कर रहे हैं। इसके अलावा एक्सिस बैंक 0.10 पर्सेंट, SBI 0.16 पर्सेंट और पीएनबी 0.17 पर्सेंट की हल्की बढ़त पर बने हुए हैं। हालांकि, बड़े बैंकों में HDFC बैंक 0.21 पर्सेंट, ICICI बैंक 0.25 पर्सेंट और कोटक बैंक 0.40 पर्सेंट की गिरावट के साथ ट्रेड कर रहे हैं। यस बैंक का शेयर भी आज 1.04 पर्सेंट नीचे फिसल गया है।
निजी क्षेत्र के सबसे बड़े बैंक HDFC बैंक से एक बहुत बड़ी खबर आई है। बैंक के बोर्ड ने देश के पूर्व फाइनेंस सेक्रेटरी राजीव कुमार को अपना नया चेयरमैन और इंडिपेंडेंट डायरेक्टर नियुक्त किया है। उनकी यह नियुक्ति 30 जून 2026 से अगले चार साल के लिए की गई है। इसके साथ ही उन्हें तीन साल के लिए पार्ट-टाइम चेयरमैन बनाने का प्रस्ताव भी आरबीआई को भेजा गया है। राजीव कुमार इससे पहले भारत के 25वें चीफ इलेक्शन कमिश्नर भी रह चुके हैं और उनके नाम साल 2024 के आम चुनाव को सफलतापूर्वक कराने का वर्ल्ड रिकॉर्ड भी दर्ज है। वह अतनु चक्रवर्ती की जगह लेंगे जिन्होंने मार्च महीने में अपने पद से इस्तीफा दे दिया था।
बैंकिंग सेक्टर में इस समय टॉप मैनेजमेंट के स्तर पर एक बड़ी उठापटक देखने को मिल रही है। देश के दो बड़े प्राइवेट बैंकों, एक्सिस बैंक और बंधन बैंक के चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर यानी CFO ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है। एक्सिस बैंक के सीएफओ पुनीत शर्मा, जो पिछले छह साल से इस पद पर थे, उन्होंने आगे बढ़ने के लिए इस्तीफा दे दिया है और वे 31 अगस्त को पदमुक्त होंगे। वहीं बंधन बैंक के सीएफओ राजीव मंत्री ने भी इस्तीफा दे दिया है। बाजार में ऐसी चर्चाएं हैं कि पुनीत शर्मा आने वाले समय में एचडीएफसी बैंक के सीएफओ बन सकते हैं, जबकि राजीव मंत्री एक्सिस बैंक में पुनीत शर्मा की जगह ले सकते हैं। इसके अलावा एक्सिस बैंक के बोर्ड ने मुनीष शारदा को तीन साल के लिए दोबारा एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर बनाने को मंजूरी दी है।
सरकारी बैंकों की तरफ से सरकार के लिए एक बहुत अच्छी खबर सामने आई है। पंजाब नेशनल बैंक, केनरा बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा और इंडियन बैंक ने मिलकर वित्त वर्ष 2025-26 के लिए सरकार को कुल 9,439 करोड़ रुपये का बंपर डिविडेंड चुकाया है। इन सभी बैंकों के प्रमुखों ने सोमवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से मुलाकात कर उन्हें डिविडेंड के चेक सौंपे। इसमें बैंक ऑफ बड़ौदा ने सबसे ज्यादा 2,811 करोड़ रुपये, पीएनबी ने 2,416 करोड़ रुपये, केनरा बैंक ने 2,397 करोड़ रुपये और इंडियन बैंक ने 1,815.05 करोड़ रुपये का चेक दिया। केनरा बैंक ने इस साल प्रति शेयर 4.2 रुपये का डिविडेंड घोषित किया है, जो उसके फेस वैल्यू का 210 पर्सेंट है।
निजी क्षेत्र के एक और प्रमुख बैंक, यस बैंक ने अपने फ्यूचर बिजनेस को बढ़ाने के लिए एक बहुत बड़ा फैसला लिया है। बैंक के बोर्ड ने बाजार से कुल 16,000 करोड़ रुपये तक का नया फंड जुटाने की योजना को अपनी मंजूरी दे दी है। इस योजना के तहत बैंक इक्विटी शेयर जारी करके 7,500 करोड़ रुपये और डेट इंस्ट्रूमेंट्स यानी कर्ज के जरिए 8,500 करोड़ रुपये जुटाने की तैयारी में है। यह फंड एक या उससे ज्यादा किस्तों में जुटाया जाएगा। बैंक का कहना है कि इस फंड से उसे अपने बिजनेस को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी, हालांकि इक्विटी जारी करने से बैंक में हिस्सेदारी का ज्यादा से ज्यादा 10 पर्सेंट का ही डाइल्यूशन होगा।
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