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4 min read | अपडेटेड April 20, 2026, 12:28 IST
सारांश
बजाज कंज्यूमर केयर ने चौथी तिमाही में शानदार प्रदर्शन करते हुए अपना नेट प्रॉफिट दोगुना कर लिया है। कंपनी का मुनाफा 64 करोड़ रुपये के पार पहुंच गया है। अच्छे नतीजों और विदेशी निवेशकों के बढ़ते भरोसे के कारण आज शेयर ने अपना 52-वीक हाई लेवल पार कर लिया है।
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बजाज कंज्यूमर केयर के शेयरों में आज रिकॉर्ड तोड़ तेजी देखने को मिल रही है।
भारतीय शेयर बाजार में आज बजाज कंज्यूमर केयर के शेयरों में जबरदस्त रौनक देखी जा रही है। सोमवार को बाजार खुलते ही कंपनी के शेयर में तेजी का दौर शुरू हुआ और इसने 496.85 रुपये के लेवल को छूते हुए अपना 52-वीक हाई पार कर लिया। फिलहाल यह शेयर अपनी रिकॉर्ड ऊंचाई के आसपास ही ट्रेड कर रहा है। निवेशकों के बीच इस उत्साह की सबसे बड़ी वजह कंपनी के हाल ही में आए चौथी तिमाही के नतीजे हैं। कंपनी ने अपने बिजनेस और मुनाफे में जो बढ़त दिखाई है, उससे यह साफ हो गया है कि आने वाले समय में यह स्टॉक बड़ी छलांग लगाने को तैयार है।
बजाज कंज्यूमर केयर ने 17 अप्रैल को हुई बोर्ड मीटिंग के बाद अपने वित्तीय आंकड़ों की जानकारी दी है। मार्च 2026 को खत्म हुई इस तिमाही में कंपनी का स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट 6,407.47 लाख रुपये रहा है। अगर हम इसकी तुलना पिछले साल की इसी तिमाही से करें, जब कंपनी को 3,147.70 लाख रुपये का मुनाफा हुआ था, तो यह 100 पर्सेंट से भी ज्यादा की धमाकेदार बढ़त है। मुनाफे के साथ-साथ कंपनी के रेवेन्यू में भी अच्छी तेजी आई है। ऑपरेशन से रेवेन्यू पिछले साल के 24,352.24 लाख रुपये से बढ़कर अब 30,831.54 लाख रुपये के स्तर पर पहुंच गया है। मुनाफे में आई इस बड़ी मजबूती ने शेयर की कीमतों को नए पंख लगा दिए हैं।
सिर्फ आखिरी तिमाही ही नहीं बल्कि पूरे वित्तीय वर्ष 2026 में कंपनी का प्रदर्शन बहुत ही दमदार रहा है। पूरे साल के लिए बजाज कंज्यूमर का स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट 19,373.06 लाख रुपये दर्ज किया गया है, जो कि पिछले साल 13,013.87 लाख रुपये था। इसी तरह कंपनी का सालाना रेवेन्यू भी 94,276 लाख रुपये से बढ़कर 1,09,217 लाख रुपये के पार निकल गया है। कंपनी का एबिटा और ऑपरेशनल परफॉर्मेंस बेहतर होने का सीधा फायदा इसके निवेशकों को मिल रहा है। कंपनी के विस्तार की बात करें तो बजाज कंज्यूमर ने विशाल पर्सनल केयर लिमिटेड की पूरी हिस्सेदारी खरीद ली है और अब वह कंपनी की पूर्ण स्वामित्व वाली सब्सिडियरी बन गई है। इसके अलावा डीमर्जर की स्कीम को भी नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल यानी एनसीएलटी ने 9 अप्रैल 2026 को मंजूरी दे दी है।
बजाज कंज्यूमर केयर के लिए एक और सकारात्मक बात यह है कि इसमें विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों यानी एफआईआई ने अपनी हिस्सेदारी में बड़ी बढ़ोतरी की है। दिसंबर 2025 की तिमाही तक विदेशी निवेशकों के पास कंपनी की सिर्फ 9.70 पर्सेंट हिस्सेदारी थी, जो मार्च 2026 की तिमाही में तेजी से बढ़कर 16.59 पर्सेंट हो गई है। विदेशी निवेशकों का यह बढ़ता हुआ निवेश यह दर्शाता है कि उन्हें कंपनी के फ्यूचर और इसके बिजनेस मॉडल पर पूरा भरोसा है। जब भी किसी कंपनी में विदेशी निवेशक अपनी हिस्सेदारी बढ़ाते हैं, तो उसे बाजार में एक बहुत ही मजबूत संकेत माना जाता है।
तकनीकी नजरिए से देखें तो बजाज कंज्यूमर केयर का शेयर एक ऐतिहासिक पड़ाव पर खड़ा है। पिछले 10 साल के चार्ट को देखें तो यह स्टॉक तीन बार अपने ऑल-टाइम हाई लेवल को छूने की कोशिश कर चुका है, लेकिन हर बार वहां से इसमें गिरावट आ जाती थी। अब शानदार नतीजों और भारी खरीदारी के दम पर यह शेयर एक बार फिर अपने पुराने शिखर को चुनौती दे रहा है। अगर यह शेयर इस बार अपने रेजिस्टेंस लेवल के ऊपर टिकने में कामयाब रहता है, तो आने वाले समय में इसमें बहुत बड़ी तेजी की संभावना जताई जा रही है। पिछले कुछ ही समय में यह शेयर 256 रुपये के लेवल से 69 पर्सेंट से ज्यादा की बढ़त दिखा चुका है।
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