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  1. बजाज ऑटो का नेट प्रॉफिट जून तिमाही में 46% उछला, रेवेन्यू में भी 65% की बढ़ोतरी

मार्केट न्यूज़

बजाज ऑटो का नेट प्रॉफिट जून तिमाही में 46% उछला, रेवेन्यू में भी 65% की बढ़ोतरी

Shubham Singh Thakur

3 min read | अपडेटेड July 21, 2026, 13:33 IST

सारांश

जून तिमाही में Bajaj Auto का ऑपरेशन से रेवेन्यू 37.02% बढ़कर ₹17,244 करोड़ हो गया। पिछले साल की इसी तिमाही में यह ₹12584 करोड़ था। नतीजों के बीच कंपनी के शेयरों में 0.08 फीसदी की मामूली गिरावट नजर आई और यह 10510 रुपये के भाव पर ट्रेड कर रहा था।

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Bajaj Auto का स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट 2,983 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।

Bajaj Auto Q1 Results: टू-व्हीलर बनाने वाली कंपनी बजाज ऑटो ने FY27 की पहली तिमाही के नतीजों का ऐलान कर दिया है। अप्रैल-जून तिमाही में कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 45.9% बढ़कर ₹3,225.63 करोड़ हो गया। नतीजों के बीच कंपनी के शेयरों में 0.08 फीसदी की मामूली गिरावट नजर आई और यह 10510 रुपये के भाव पर ट्रेड कर रहा था। जून तिमाही में बजाज ऑटो का ऑपरेशन से रेवेन्यू भी 65% बढ़कर ₹21,688.83 करोड़ पर पहुंच गया।
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स्टैंडअलोन आधार पर भी कंपनी ने अब तक की सबसे ज्यादा तिमाही आय और मुनाफा दर्ज किया। अप्रैल-जून तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू 37% बढ़कर रिकॉर्ड ₹17,244 करोड़ पहुंच गया। कंपनी के मुताबिक, यह बढ़ोतरी पेट्रोल-डीजल और इलेक्ट्रिक वाहनों, घरेलू और निर्यात बाजार, साथ ही दोपहिया और तिपहिया दोनों कारोबार में अच्छी मांग की वजह से हुई।

कैसे रहे Bajaj Auto के नतीजे?

तिमाही के दौरान Bajaj Auto का EBITDA ₹3,500 करोड़ के पार पहुंच गया, जबकि स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट ₹2,983 करोड़ रहा। दोनों में पिछले साल की तुलना में 40% से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई। कंपनी का EBITDA मार्जिन 20.9% रहा, जो एक साल पहले की तुलना में 110 बेसिस प्वाइंट बेहतर है। कंपनी ने कहा कि बेहतर प्रोडक्ट मिक्स, विदेशी मुद्रा से मिला फायदा, सही कीमत निर्धारण, लागत में बचत और बड़े पैमाने पर उत्पादन से बढ़ती इनपुट लागत का असर काफी हद तक कम हो गया।

घरेलू और EV कारोबार में मजबूत बढ़त

घरेलू कारोबार से कंपनी की आय में 26% की बढ़ोतरी हुई। दोपहिया और तिपहिया दोनों सेगमेंट में पारंपरिक और इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री मजबूत रही। कंपनी के घरेलू कारोबार में अब इलेक्ट्रिक वाहन (EV) की हिस्सेदारी करीब 30% हो गई है और इस सेगमेंट से होने वाली आय पिछले साल के मुकाबले लगभग दोगुनी रही। हालांकि, कंपनी ने कहा कि उत्पादन क्षमता और सप्लाई की सीमाओं के कारण EV कारोबार अपनी पूरी क्षमता तक नहीं पहुंच सका।

निर्यात और स्पोर्ट्स बाइक की बिक्री में रिकॉर्ड प्रदर्शन

निर्यात कारोबार ने भी कंपनी के इतिहास का सबसे अच्छा तिमाही प्रदर्शन किया। पहली बार कंपनी का निर्यात वॉल्यूम 7 लाख यूनिट के पार पहुंचा। वहीं, घरेलू बाजार में Pulsar, Avenger और Dominar जैसी स्पोर्ट्स मोटरसाइकिलों की बिक्री में डबल डिजिट ग्रोथ दर्ज की गई। कंपनी का कहना है कि Pulsar रेंज में किए गए बदलावों से उसकी बाजार हिस्सेदारी बढ़ी है और आने वाले समय में 125cc-160cc सेगमेंट में नए अपग्रेड से उसकी प्रतिस्पर्धी स्थिति और मजबूत होगी।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)

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