return to news
  1. Aegis Logistics की 809 मिलियन डॉलर की बड़ी डील, Tristar में खरीदेगी 89.8% हिस्सेदारी, शेयरों में तेजी

मार्केट न्यूज़

Aegis Logistics की 809 मिलियन डॉलर की बड़ी डील, Tristar में खरीदेगी 89.8% हिस्सेदारी, शेयरों में तेजी

Namita Shukla

3 min read | अपडेटेड October 14, 2026, 09:31 IST

सारांश

यह डील Aegis Logistics की अंतरराष्ट्रीय विस्तार रणनीति के लिए महत्वपूर्ण है। हालांकि, इसके वास्तविक वित्तीय प्रभाव का आकलन सौदा पूरा होने, फंडिंग की शर्तों और आने वाले वित्तीय नतीजों के आधार पर किया जाना चाहिए।

शेयर सूची

स्टॉक रिऐक्शन

Aegis Logistics का ग्लोबल विस्तार, दुबई की Tristar में बड़ी हिस्सेदारी खरीदने का समझौता (Photo: Shutterstock)

Aegis Logistics-Tristar Deal: भारत की लॉजिस्टिक्स कंपनी Aegis Logistics Limited ने इंटरनेशनल एनर्जी लॉजिस्टिक्स कारोबार में अपनी पहुंच बढ़ाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। कंपनी ने दुबई स्थित Tristar Holdings Limited में करीब 89.8% हिस्सेदारी खरीदने के लिए एक पक्का समझौता किया है। इस सौदे के लिए इक्विटी कंसिडरेशन करीब 809 मिलियन डॉलर रखा गया है। इसमें डिफर्ड कंसिडरेशन पर लागू ब्याज और संभावित अतिरिक्त भुगतान भी शामिल हैं। इसके बाद आज Aegis Logistics के शेयरों में हलचल देखने को मिल रही है। शुरुआती कारोबार में शेयरों में 3.5% तक की तेजी देखने को मिली थी। 9:30 बजे के आसपास शेयर 3.5% यानी की करीब 50 रुपये चढ़कर 1,445 रुपये प्रति शेयर के आस-पास ट्रेड हो रहे थे।

Open FREE Demat Account within minutes!
Join now

कंपनी ने आज शेयर बाजार को दी गई जानकारी में इस प्रस्तावित अधिग्रहण की घोषणा की। हालांकि, सौदा अभी पूरा नहीं हुआ है। इसके लिए संबंधित नियामकीय मंजूरियां और अन्य जरूरी शर्तें पूरी करनी होंगी। कंपनी को उम्मीद है कि यह अधिग्रहण फाइनेंशियल ईयर 2026-27 की चौथी तिमाही में पूरा हो सकता है।

क्या करती है Tristar कंपनी?

Tristar की स्थापना 1998 में हुई थी। यह लिक्विड लॉजिस्टिक्स के सेक्टर में काम करती है और एनर्जी सेक्टर को कई तरह की सर्विसेज देती है। इसके कारोबार में समुद्री लॉजिस्टिक्स, सड़क परिवहन, फ्यूल टैंक स्टोरेज, ईंधन वितरण और एविएशन फ्यूलिंग जैसी सर्विसेज शामिल हैं।

कंपनी दुबई में रजिस्टर्ड है और 30 से ज्यादा देशों में कारोबार करती है। फाइनेंशियल ईयर 2025 में Tristar ने करीब 1.4 अरब डॉलर का रेवेन्यू दर्ज किया था। इस दौरान कंपनी का EBITDA लगभग 257 मिलियन डॉलर और शुद्ध मुनाफा करीब 82 मिलियन डॉलर रहा।

Aegis Logistics को क्या होगा फायदा?

Aegis Logistics के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर राज चंडारिया के मुताबिक, यह अधिग्रहण कंपनी को घरेलू कारोबार पर केंद्रित कंपनी से अंतरराष्ट्रीय एनर्जी लॉजिस्टिक्स प्लेटफॉर्म में बदलने की दिशा में अहम कदम है।

इस सौदे से Aegis को नए बाजारों में पहुंच, कारोबार में विविधता और बड़े अंतरराष्ट्रीय ग्राहकों के नेटवर्क का लाभ मिल सकता है। दोनों कंपनियों की सेवाएं एक-दूसरे की पूरक हैं, जिससे भविष्य में परिचालन स्तर पर तालमेल और लागत संबंधी लाभ मिलने की उम्मीद है।

कंपनी का मानना है कि यह अधिग्रहण उसकी कुल लाभप्रदता में शुरुआती योगदान दे सकता है और लंबे समय में कारोबार को मजबूत बना सकता है।

Aegis Logistics का कारोबार कितना बड़ा है?

Aegis Logistics की स्थापना 1956 में हुई थी। कंपनी भारत में तेल, गैस और केमिकल सेक्टर में सोर्सिंग, स्टोरेज, डिस्ट्रीब्यूशन और थर्ड-पार्टी लॉजिस्टिक्स सेवाएं देती है। इसके पास 20 लाख किलोलीटर की लिक्विड स्टोरेज क्षमता, 2,46,800 मीट्रिक टन की LPG स्टैटिक क्षमता और 36,000 मीट्रिक टन की अमोनिया स्टैटिक क्षमता है। कंपनी भारत में LPG हैंडलिंग कारोबार में भी प्रमुख स्थान रखती है और अपने गैस कारोबार की पूरी वैल्यू चेन में मौजूद है।

कब पूरा होगा अधिग्रहण?

इस सौदे को संबंधित प्रतिस्पर्धा और एंटी-ट्रस्ट कानूनों के तहत नियामकीय मंजूरियां मिलने के साथ अन्य सामान्य शर्तें पूरी होने के बाद ही अंतिम रूप दिया जाएगा। Aegis Logistics के अनुसार, अधिग्रहण वित्त वर्ष 2027 की चौथी तिमाही में पूरा होने की उम्मीद है।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)

लेखकों के बारे में

Namita Shukla
Namita Shukla is a seasoned journalist with over 15 years of experience in Hindi media. She has worked with some of the most reputed news organizations, including Navbharat Times, Dainik Jagran, Aaj Tak, and Hindustan Times Hindi. Throughout her career, Namita has reported on a wide range of beats such as national affairs, sports, business, and entertainment, bringing clarity and depth to her reporting. In addition to her journalistic work, she is a certified fact-checker by both Google and Meta, underscoring her commitment to accuracy and ethical journalism in the digital age.

अगला लेख