मार्केट न्यूज़
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5 min read | अपडेटेड July 06, 2026, 07:38 IST
सारांश
आज ट्रेडिंग की शुरुआत से पहले निवेशकों को बैंकिंग से लेकर मेटल, पावर और कंज्यूमर गुड्स सेक्टर्स के स्टॉक्स पर नजर रखनी चाहिए। इन कंपनियों द्वारा पहली तिमाही में दर्ज की गई लोन ग्रोथ, रिकॉर्ड उत्पादन और रेवेन्यू में डबल डिजिट की बढ़ोतरी की खबरों का सीधा असर आज बाजार में इनकी कीमतों पर देखने को मिलेगा।

Stocks to Watch Today: इन पर रहेगी निवेशकों की नजर
भारतीय शेयर बाजार में नए कारोबारी हफ्ते की शुरुआत के साथ ही निवेशकों के लिए बड़े एक्शन और कमाई के बेहतरीन मौके बनते दिख रहे हैं। आज बाजार खुलने से पहले देश के बैंकिंग, मेटल, पावर और फास्ट मूविंग कंज्यूमर गुड्स यानी FMCG सेक्टर्स की कई दिग्गज कंपनियों ने चालू वित्तीय साल 2026-27 की पहली तिमाही के अपने बिजनेस और उत्पादन के आंकड़े जारी कर दिए हैं। इस हफ्ते शुरू होने जा रहे तिमाही नतीजों के सीजन से ठीक पहले आए ये आंकड़े कंपनियों के सेहत की मजबूत गवाही दे रहे हैं, जिसका सीधा और बड़ा असर आज इनके शेयरों की कीमतों पर पड़ने वाला है।
आज के कारोबार में बैंकिंग सेक्टर के शेयरों में सबसे ज्यादा हलचल देखने को मिल सकती है क्योंकि देश के बड़े प्राइवेट बैंकों ने जून 2026 को समाप्त हुई तिमाही के शानदार आंकड़े पेश किए हैं। देश के सबसे बड़े निजी बैंक एचडीएफसी बैंक के कुल डिपॉजिट में सालाना आधार पर 14.6 पर्सेंट की बढ़त दर्ज की गई है और यह 31.70 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया है, जबकि बैंक का ग्रॉस एडवांस भी 15.4 पर्सेंट बढ़कर 30.61 लाख करोड़ रुपये रहा है। एक्सिस बैंक ने भी दमदार प्रदर्शन करते हुए अपने ग्रॉस एडवांस में 18.8 पर्सेंट और कुल डिपॉजिट में 18.2 पर्सेंट की जोरदार छलांग लगाई है। कोटक महिंद्रा बैंक के नेट एडवांस में सालाना आधार पर 15 पर्सेंट की वृद्धि देखी गई है और इसका आंकड़ा 5.12 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया है, जबकि कुल जमा राशि भी 11.7 पर्सेंट बढ़कर 5.72 लाख करोड़ रुपये हो गई है।
छोटे और मध्यम दर्जे के बैंकों की बात करें तो यस बैंक के लोन और एडवांस में 18.4 पर्सेंट की मजबूत बढ़त दर्ज की गई है, जिससे इसका आंकड़ा 2.9 लाख करोड़ रुपये पर आ गया है, जबकि इसके डिपॉजिट भी 14.3 पर्सेंट बढ़े हैं। आईडीबीआई बैंक ने अपने नेट एडवांस में 22 पर्सेंट की बंपर ग्रोथ दिखाई है जो अब 2.59 लाख करोड़ रुपये हो गई है। एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक ने भी शानदार अपडेट देते हुए अपने कुल डिपॉजिट में 23.5 पर्सेंट और ग्रॉस एडवांस में 25.8 पर्सेंट की तेज बढ़त दर्ज की है। हालांकि, इंडसइंड बैंक के एडवांस में सालाना आधार पर 2.3 पर्सेंट की मामूली गिरावट देखी गई है, लेकिन तिमाही आधार पर इसने 3.3 पर्सेंट की रिकवरी दिखाते हुए 3.26 लाख करोड़ रुपये का स्तर हासिल किया है और इसके कुल डिपॉजिट भी 4.5 पर्सेंट बढ़कर 4.15 लाख करोड़ रुपये हो गए हैं।
अनिल अग्रवाल की अगुवाई वाले वेदांता ग्रुप के विभिन्न बिजनेस वर्टिकल्स से आज बेहद सकारात्मक खबरें आई हैं, जिससे वेदांता के शेयर पर आज खास फोकस रहेगा। कंपनी ने अपने एल्युमीनियम बिजनेस में पहली तिमाही के दौरान अब तक का सबसे ज्यादा 632 किलोटन का उत्पादन दर्ज किया है, जो सालाना आधार पर 5 पर्सेंट ज्यादा है। वेदांता पावर सेगमेंट में बिजली की कुल बिक्री 38 पर्सेंट उछलकर 5,225 मिलियन यूनिट पर पहुंच गई है, जिसमें उनके मीनाक्षी प्लांट की बिक्री में सालाना आधार पर 245 पर्सेंट का बंपर उछाल आया है। आयरन और स्टील बिजनेस के मोर्चे पर कंपनी ने अपने इतिहास का सबसे ज्यादा 291 किलोटन का पिग आयरन उत्पादन हासिल किया है।
ग्रुप की अन्य इकाइयों की बात करें तो फैकोर (FACOR) ने कालारंगियाट्टा माइंस के दोबारा शुरू होने के बाद अपने इतिहास का सबसे ज्यादा तिमाही ओर (Ore) उत्पादन 153 किलोटन दर्ज किया है, जो सालाना आधार पर 41 पर्सेंट अधिक है। कॉपर इंडिया ने पिछले आठ सालों में अपनी पहली तिमाही की सबसे बेहतरीन बिक्री दर्ज करते हुए 53 किलोटन का आंकड़ा छुआ है, हालांकि होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के अस्थाई रूप से बंद होने के कारण फुजैराह में कॉपर रॉड की बिक्री में 51 पर्सेंट की गिरावट आई है। विजाग पोर्ट पर कंपनी ने अब तक का सबसे ज्यादा पहली तिमाही का डिस्चार्ज वॉल्यूम (2,358 किलोटन) हासिल किया है। हालांकि, ऑयल एंड गैस सेगमेंट में कंपनी का ग्रॉस ऑपरेटेड प्रोडक्शन सालाना आधार पर 17 पर्सेंट गिरा है, लेकिन कंपनी भविष्य के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए लगातार नए एक्सप्लोरेशन और ड्रिलिंग पर ध्यान दे रही है। साथ ही जिंक इंटरनेशनल का गम्सबर्ग फेज 2 प्रोजेक्ट पूरी तरह ट्रैक पर है और जुलाई 2026 से चालू होने जा रहा है।
कंज्यूमर गुड्स और एफएमसीजी सेक्टर की दो बड़ी कंपनियों, डाबर इंडिया और गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स के शेयर भी आज निवेशकों के रडार पर रहेंगे क्योंकि दोनों ने पहली तिमाही के मजबूत संकेत दिए हैं। डाबर इंडिया ने उम्मीद जताई है कि चालू वित्तीय साल की पहली तिमाही में उसका कंसोलिडेटेड रेवेन्यू और शुद्ध मुनाफा (PAT) डबल डिजिट में ग्रोथ दर्ज करेगा। डाबर का घरेलू एफएमसीजी बिजनेस हेयर ऑयल और शैम्पू सेगमेंट में हुई भारी ग्रोथ के दम पर करीब डबल डिजिट की बढ़त हासिल करने में सफल रहा है, जबकि कंपनी का इंटरनेशनल बिजनेस भी काफी शानदार प्रदर्शन कर रहा है।
दूसरी तरफ, गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स लिमिटेड को भी पहली तिमाही के दौरान अपने कंसोलिडेटेड रेवेन्यू में हाई-टीन (करीब 15 से 19 पर्सेंट) की मजबूत ग्रोथ मिलने की पूरी उम्मीद है। कंपनी को यह सहारा अपने घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में वॉल्यूम ग्रोथ के दम पर मिला है। कंपनी के स्टैंडअलोन ऑपरेशन्स ने डबल डिजिट रेवेन्यू ग्रोथ दर्ज की है, जबकि उनके इंडोनेशिया के बिजनेस में मिड-टीन और गाम (GAUM) बिजनेस में मजबूत डबल-डिजिट बढ़त देखी गई है। कंपनी का कहना है कि कच्चे माल की ऊंची लागत के कारण मार्जिन पर थोड़ा अस्थाई दबाव जरूर देखा जा रहा है, लेकिन इसके बावजूद कंपनी का कुल एबिटा (EBITDA) पहली तिमाही में डबल डिजिट में बढ़ने की पूरी उम्मीद है।
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