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  1. US Fed के फैसले से पहले सोना-चांदी चमके, आगे इन फैक्टर्स पर रहेगी नजर

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US Fed के फैसले से पहले सोना-चांदी चमके, आगे इन फैक्टर्स पर रहेगी नजर

Upstox

3 min read | अपडेटेड June 17, 2026, 18:56 IST

सारांश

निवेशकों की निगाहें अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति बैठक पर हैं। बाजार को उम्मीद है कि फेड इस बार ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं करेगा। हालांकि निवेशक यह जानना चाहते हैं कि आने वाले महीनों में ब्याज दरों को लेकर केंद्रीय बैंक का रुख क्या रहेगा।

Gold

सोने को आमतौर पर कम ब्याज दरों के माहौल में फायदा मिलता है।

Gold-Silver Price: अमेरिकी केंद्रीय बैंक (Fed) के ब्याज दरों पर फैसले से पहले अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में तेजी देखने को मिली है। आज सोना MCX पर मामूली गिरावट के साथ 152752 रुपये प्रति 10 ग्राम पर है। इसके अलावा चांदी भी 248749 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गया है। आज की हल्की गिरावट को छोड़ दें तो पिछले कुछ दिनों में सोने और चांदी की कीमत में मजबूती आई है।
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फेड के फैसले पर टिकी हैं बाजार की नजरें

निवेशकों की निगाहें अब अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति बैठक पर हैं। यूएस फेडरल रिजर्व (US Fed) की दो दिवसीय FOMC बैठक 16 और 17 जून 2026 को आयोजित की जा रही है। बाजार को उम्मीद है कि फेड इस बार ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं करेगा। हालांकि निवेशक यह जानना चाहते हैं कि आने वाले महीनों में ब्याज दरों को लेकर केंद्रीय बैंक का रुख क्या रहेगा।

कम ब्याज दरों की उम्मीद से सोने को सहारा

सोने को आमतौर पर कम ब्याज दरों के माहौल में फायदा मिलता है, क्योंकि यह कोई ब्याज देने वाली संपत्ति नहीं है। ऐसे में जब निवेशकों को लगता है कि भविष्य में वास्तविक ब्याज दरें कम रह सकती हैं, तो सोने की मांग बढ़ जाती है।

बाजार में यह खबर भी आई कि अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर को आगे बढ़ाने और बातचीत जारी रखने को लेकर एक अस्थायी समझ बनी है। इससे सुरक्षित निवेश (Safe Haven) के तौर पर सोने की मांग पर कुछ दबाव पड़ा, लेकिन क्षेत्रीय और वैश्विक अनिश्चितताओं के कारण निवेशकों की सतर्कता बनी हुई है।

केंद्रीय बैंकों की खरीदारी बढ़ा रही मांग

वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के एक सर्वे के मुताबिक, दुनिया के करीब आधे केंद्रीय बैंक अगले 12 महीनों में अपने गोल्ड रिजर्व बढ़ाने की योजना बना रहे हैं। इससे यह संकेत मिलता है कि सोना अभी भी महंगाई और आर्थिक अनिश्चितता से बचाव का एक महत्वपूर्ण साधन माना जा रहा है।

सोने में तेजी का असर चांदी पर भी देखने को मिल रहा है। इसके अलावा औद्योगिक मांग से जुड़े कमोडिटी बाजारों में सुधार की उम्मीदों ने भी चांदी की कीमतों को समर्थन दिया है।

आगे क्या देखेगा बाजार?

अब निवेशकों की नजर अमेरिका के रिटेल सेल्स आंकड़ों और फेड की नीति घोषणा पर रहेगी। इन घटनाओं के बाद सोना और चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है और बाजार को आगे की दिशा मिल सकती है।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)

लेखकों के बारे में

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Upstox Hindi News Desk पत्रकारों की एक टीम है जो शेयर बाजारों, अर्थव्यवस्था, वस्तुओं, नवीनतम व्यावसायिक रुझानों और व्यक्तिगत वित्त को उत्साहपूर्वक कवर करती है।

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