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FY26 में उपभोग से आगे निकलेगा निवेश, आर्थिक वृद्धि पकड़ेगी रफ्तार: SBI MF रिपोर्ट

Upstox

2 min read | अपडेटेड March 10, 2025, 14:24 IST

सारांश

SBI Mutual Fund Report: स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक वित्त वर्ष 2025-2026 में निवेश उपभोग को पीछे छोड़ देगा। रिपोर्ट के मुताबिक FY25 की तीसरी तिमाही में आर्थिक गतिविधियां तेजी पकड़ेंगी। इसमें सरकार की ओर से ज्यादा खर्च और भारतीय रिजर्व बैंक के रेपो रेट को घटाने जैसे फैसलों के आधार पर अर्थव्यवस्था के तेजी पकड़ने की बात कही गई है।

SBI MF रिपोर्ट के मुताबिक निजी निवेश में आएगा उछाल।

SBI MF रिपोर्ट के मुताबिक निजी निवेश में आएगा उछाल।

अगले महीने से शुरू होने जा रहे वित्त वर्ष में भारत में निवेश उपभोग को पीछे छोड़ सकता है। यह कहना है स्टेट बैंक ऑफ इंडिया म्यूचुअल फंड (SBI Mutual Fund) रिपोर्ट का। रिपोर्ट के मुताबिक वित्त वर्ष 2025-26 में भारत की आर्थिक वृद्धि 6.5-7% की दर पर होने की उम्मीद है जबकि FY25 में इसके 6.5% पर रहने का आकलन किया गया है।

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रिपोर्ट में कहा गया है कि FY26 में उपभोग से ज्यादा निवेश होगा। केंद्र सरकार की नीतियों और भारतीय रिजर्व बैंक की ओर से उठाए गए कदमों के दम पर आर्थिक वृद्धि में FY25 में तेजी देखी जाएगी और निवेश आग निकल जाएगा।

भारत का सकल घरेलू उत्पाद (GDP) FY25 की तीसरी तिमाही में 6.2% की दर से बढ़ा जो पिछली तिमाही के 5.6% की तुलना में ज्यादा रहा। SBI की रिपोर्ट के मुताबिक FY26 का ग्रोथ रेट भले ही FY22-24 के 7.5-9% की तुलना में कम हो, यह अर्थव्यवस्था के सकारात्मक विस्तार की ओर संकेत देता है।

रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि सरकारी खर्च के साथ-साथ ग्रामीण उपभोग बेहतर हो सकता है जिससे आर्थिक गतिविधियों को रफ्तार मिलेगी। इसके अलावा FY26 में नॉमिनल जीडीपी का ग्रोथ रेट 10-11% होने का अनुमान है जबकि FY25 में 9-10% रह सकता है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि पिछले दो साल में सरकार का फोकस फिस्कल पॉलिसी के कंसॉलिडेशन पर रहा है जबकि भारतीय रिजर्व बैंक का ध्यान मुद्रास्फीति दर को नियंत्रित करने और वित्तीय स्थिरता को कायम करने पर रहा है। हालांकि, अब आर्थिक वृद्धि की ओर दोनों के प्रयास जारी है।

अपनी मॉनिटरी पॉलिसी बैठक के बाद रिजर्व बैंक ने ब्याज दरों में कटौती का ऐलान किया था। इसके अलावा लिक्विडिटी को बेहतर करने के लिए भी कई कदम उठाए गए हैं। वहीं, केंद्र सरकार के भी ज्यादा खर्च करने की उम्मीद है।

माना जा रहा है कि भले ही सरकार का कैपिटल खर्च बहुत ज्यादा ना बढ़े, कॉर्पोरेट ऑर्डर बुक्स मजबूत ही रहेंगी जिससे निजी निवेश चढ़ा रहेगा।

लेखकों के बारे में

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Upstox Hindi News Desk पत्रकारों की एक टीम है जो शेयर बाजारों, अर्थव्यवस्था, वस्तुओं, नवीनतम व्यावसायिक रुझानों और व्यक्तिगत वित्त को उत्साहपूर्वक कवर करती है।

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