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SBI Strike: 16 मांगों को लेकर कर्मचारियों का विरोध तेज, मई में 2 दिन का हड़ताल

Upstox

3 min read | अपडेटेड May 06, 2026, 14:16 IST

सारांश

SBI Strike: कर्मचारियों की मांगों में सुरक्षा एक बड़ा मुद्दा है। सूरत की SBI ब्रांच में दिनदहाड़े लूट की घटना का जिक्र करते हुए यूनियन ने कहा कि बिना सशस्त्र गार्ड के शाखाएं असुरक्षित हैं। इससे कर्मचारियों, खासकर महिला स्टाफ और ग्राहकों की जान को खतरा है। इसलिए यूनियन ने गार्ड की भर्ती की मांग की है।

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SBI कर्मचारियों में वेतन और समानता को लेकर भी नाराजगी है।

SBI Strike: अगर आप भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के ग्राहक या कर्मचारी हैं तो आपके लिए जरूरी खबर है। ऑल इंडिया स्टेट बैंक ऑफ इंडिया स्टाफ फेडरेशन (AISBISF) ने हड़ताल का ऐलान किया है। यह हड़ताल 25 और 26 मई 2026 को देशभर में दो दिन के लिए होगा। यूनियन का कहना है कि उनकी कई मांगें लंबे समय से लंबित हैं और बैंक प्रबंधन कर्मचारियों की अनदेखी कर रहा है। AISBISF ने कहा है कि अगर इन दोनों में से कोई दिन छुट्टी पड़ता है, तो हड़ताल 27 मई को की जाएगी। इस हड़ताल को कई अन्य बैंक और कर्मचारी यूनियनों का भी समर्थन मिला है।
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क्या है AISBISF की मांगें

यूनियन का आरोप है कि कर्मचारियों के अधिकार धीरे-धीरे कमजोर किए जा रहे हैं। स्थायी नौकरियों को आउटसोर्सिंग के जरिए खत्म किया जा रहा है, जिससे नौकरी की सुरक्षा खत्म हो रही है और कर्मचारियों का भविष्य अस्थिर हो रहा है। साथ ही, लगभग 30 साल से मैसेंजर पदों पर भर्ती नहीं हुई है, जिससे गरीब और कमजोर वर्ग के लोगों के लिए नौकरी के मौके कम हो गए हैं।

सुरक्षा पर भी सवाल

कर्मचारियों की मांगों में सुरक्षा एक बड़ा मुद्दा है। सूरत की SBI ब्रांच में दिनदहाड़े लूट की घटना का जिक्र करते हुए यूनियन ने कहा कि बिना सशस्त्र गार्ड के शाखाएं असुरक्षित हैं। इससे कर्मचारियों, खासकर महिला स्टाफ और ग्राहकों की जान को खतरा है। इसलिए यूनियन ने गार्ड की भर्ती की मांग की है।

वेतन और समानता

वेतन और समानता को लेकर भी नाराजगी है। 12th Bipartite Settlement में 17% वेतन बढ़ोतरी तय थी, लेकिन SBI ने अधिकारियों को अतिरिक्त “Special Pay” देकर उनकी बढ़ोतरी लगभग 22% कर दी, जबकि कर्मचारियों की बढ़ोतरी 17% ही रही। इससे कर्मचारियों में असंतोष बढ़ा है।

पेंशन पर भी सवाल

यूनियन का कहना है कि पेंशन से जुड़ी समस्या भी अहम है। NPS (नेशनल पेंशन सिस्टम) के तहत काम कर रहे कर्मचारियों को पेंशन फंड मैनेजर बदलने का विकल्प नहीं दिया जा रहा, जबकि दूसरे बैंकों में यह सुविधा है। इससे कर्मचारियों के रिटायरमेंट फंड पर असर पड़ रहा है।

यूनियन की ये हैं 16 मांगें

मैसेंजर और सशस्त्र गार्ड की भर्ती, पर्याप्त स्टाफ की नियुक्ति, स्थायी नौकरियों में आउटसोर्सिंग बंद करना, 2019 के बाद भर्ती कर्मचारियों के लिए इंटर-सर्कल ट्रांसफर, वेतन में समानता, करियर प्रोग्रेशन की समीक्षा, 8th stagnation increment देना, डॉक्टर कंसल्टेशन चार्ज, मेडिकल रीइम्बर्समेंट में सुधार, पेंशन में सभी पे कंपोनेंट जोड़ना, HRMS सिस्टम की समस्याएं हल करना, वर्कमैन डायरेक्टर की नियुक्ति, PF ट्रस्टी का प्रतिनिधि, और cross-selling के नाम पर mis-selling रोकना।

लेखकों के बारे में

Upstox
Upstox Hindi News Desk पत्रकारों की एक टीम है जो शेयर बाजारों, अर्थव्यवस्था, वस्तुओं, नवीनतम व्यावसायिक रुझानों और व्यक्तिगत वित्त को उत्साहपूर्वक कवर करती है।

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