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कब आपके घर में पड़ा LPG सिलेंडर हो जाएगा गैरकानूनी? जान लें सरकार का नया फरमान, वरना होगी मुश्किल

Upstox

3 min read | अपडेटेड May 06, 2026, 11:54 IST

सारांश

भारत सरकार अब "एक घर, एक गैस कनेक्शन" के नियम को बहुत सख्ती से लागू कर रही है। अब किसी भी घर में पाइप वाली गैस (PNG) और सब्सिडी वाला घरेलू सिलेंडर (LPG) एक साथ रखना गैरकानूनी माना जाएगा। ग्लोबल एनर्जी क्राइसिस और सप्लाई में आ रही दिक्कतों की वजह से यह बड़ा कदम उठाया गया है।

LPG gas consumption 6 May rule

घर में है LPG सिलेंडर और PNG कनेक्शन दोनों?

अगर आपके घर में खाना बनाने के लिए पाइप वाली गैस यानी PNG और सिलेंडर वाला कनेक्शन यानी LPG दोनों मौजूद हैं, तो यह खबर आपके लिए बहुत जरूरी है। भारत सरकार अब "एक घर, एक कनेक्शन" के नियम को बहुत ही कड़ाई के साथ लागू करने जा रही है। अब एक ही पते पर सब्सिडी वाला घरेलू सिलेंडर और पाइप वाली गैस का कनेक्शन एक साथ रखना गैरकानूनी माना जाएगा। सरकार का मानना है कि इस नियम से गैस की कालाबाजारी रुकेगी और उन लोगों तक सिलेंडर पहुंच सकेगा जिन्हें इसकी सबसे ज्यादा जरूरत है। इस फैसले के पीछे दुनिया भर में चल रहा ऊर्जा संकट और खाड़ी देशों में बढ़ता तनाव भी एक बड़ी वजह है।

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क्यों लगाया गया है यह बैन?

सरकार ने यह कदम इसलिए उठाया है ताकि सीमित संसाधनों का सही तरीके से इस्तेमाल हो सके। दिल्ली और देश के दूसरे बड़े शहरों में अधिकारियों ने ऐसे घरों की पहचान शुरू कर दी है जो पाइप वाली गैस होने के बावजूद सिलेंडर का इस्तेमाल भी कर रहे हैं। सरकार का मुख्य मकसद उन लोगों को सिलेंडर उपलब्ध कराना है जहां अभी तक पाइप वाली गैस की लाइन नहीं पहुंची है। पेट्रोलियम मंत्रालय ने साफ कहा है कि एक ही घर के लिए दो अलग-अलग तरह के गैस कनेक्शन रखना अब प्रतिबंधित गतिविधियों की लिस्ट में शामिल है। इसके लिए बाकायदा नियमों में संशोधन भी किया गया है।

नियमों में हुआ बड़ा बदलाव

बीती 14 मार्च को पेट्रोलियम और नेचुरल गैस मंत्रालय ने एसेंशियल कमोडिटीज एक्ट से जुड़े नियमों में बदलाव किया है। नए नियमों के मुताबिक, जिन घरों में PNG कनेक्शन लग चुका है, उन्हें अपना घरेलू सिलेंडर वाला कनेक्शन तुरंत सरेंडर करना होगा। तेल कंपनियों और गैस डिस्ट्रीब्यूटर्स को भी यह आदेश दिया गया है कि वे ऐसे घरों को नया सिलेंडर जारी न करें और न ही पुराने सिलेंडर की रीफिलिंग करें। सरकार अब डेटा के जरिए उन लोगों को ट्रैक कर रही है जिन्होंने दोनों सुविधाएं ले रखी हैं।

भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए काफी हद तक दूसरे देशों पर निर्भर है। भारत अपनी जरूरत का करीब 88 पर्सेंट कच्चा तेल और 50 पर्सेंट नेचुरल गैस विदेशों से मंगाता है। वहीं करीब 60 पर्सेंट LPG का भी आयात किया जाता है। भारत में गैस की सप्लाई ज्यादातर सऊदी अरब और यूएई जैसे देशों से होती है। फिलहाल ईरान और इजराइल के बीच बढ़ते तनाव की वजह से सप्लाई के रास्तों में रुकावट आने का खतरा बना हुआ है। स्टेट ऑफ हॉर्मुज, जहां से दुनिया का एक बड़ा हिस्सा तेल और गैस पाता है, वहां तनाव की वजह से कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। इसी वजह से सरकार घरेलू स्तर पर गैस की बचत करने और सही इंप्लिमेंटेशन पर जोर दे रही है।

गलती करने पर जुर्माने की है तैयारी

अभी तक करीब 43,000 से ज्यादा ग्राहकों ने खुद आगे आकर अपना LPG कनेक्शन सरेंडर कर दिया है, लेकिन सरकार का मानना है कि असल संख्या इससे कहीं ज्यादा बड़ी है। जो लोग इस नियम का पालन नहीं करेंगे, उनके खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई की जा सकती है। इसमें एक्स्ट्रा कनेक्शन का कैंसिल होना और जुर्माना लगना शामिल है। सरकार चाहती है कि पाइप वाली गैस का नेटवर्क जिन इलाकों में है, वहां के लोग पूरी तरह पाइप गैस पर शिफ्ट हो जाएं। इससे सिलेंडर की किल्लत कम होगी और ऑपरेशनल परफॉर्मेंस में भी सुधार आएगा।

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Upstox Hindi News Desk पत्रकारों की एक टीम है जो शेयर बाजारों, अर्थव्यवस्था, वस्तुओं, नवीनतम व्यावसायिक रुझानों और व्यक्तिगत वित्त को उत्साहपूर्वक कवर करती है।

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