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  1. G7 समिट में आज होगी पीएम मोदी और डोनाल्ड ट्रंप की मुलाकात, इन बड़े मुद्दों पर होगी बात

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G7 समिट में आज होगी पीएम मोदी और डोनाल्ड ट्रंप की मुलाकात, इन बड़े मुद्दों पर होगी बात

Upstox

4 min read | अपडेटेड June 17, 2026, 11:10 IST

सारांश

फ्रांस में चल रहे जी7 समिट के दौरान आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच द्विपक्षीय बातचीत होगी। तीन भारतीय नाविकों की मौत और भारी टैरिफ की वजह से दोनों देशों के रिश्तों में आए तनाव के बाद यह दोनों नेताओं की पहली मुलाकात होने जा रही है।

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जी7 समिट के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच आज अहम बैठक होगी।

फ्रांस के एवियन में चल रहे G7 समिट के दौरान आज भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच एक बेहद अहम द्विपक्षीय बैठक होने जा रही है। पिछले 16 महीनों में दोनों नेताओं के बीच यह पहली आमने-सामने की मुलाकात होगी। हाल के दिनों में अमेरिका द्वारा भारत पर लगाए गए भारी टैरिफ, नई इमिग्रेशन पॉलिसी और हाल ही में अमेरिकी हमलों में तीन भारतीय नाविकों की मौत के कारण दोनों देशों के रिश्तों में काफी कड़वाहट आई है। ऐसे में आज होने वाली इस बैठक पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हुई हैं कि क्या दोनों नेता इन विवादों को सुलझाकर रिश्तों को एक नई दिशा दे पाएंगे। दोनों नेताओं ने इससे पहले मंगलवार को G7 नेताओं की एक सभा में संक्षिप्त बातचीत की थी और एक-दूसरे का अभिवादन किया था।

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भारतीय नाविकों की मौत से बढ़ा नया तनाव

पिछले हफ्ते ओमन के तट के पास अमेरिकी सेना द्वारा तीन व्यापारिक जहाजों पर किए गए हमलों में तीन भारतीय नाविकों की मौत हो गई थी। अमेरिकी सेंट्रल कमांड का कहना था कि मैरीवेक्स, सेटेबेलो और एमटी जलवीर नाम के ये जहाज ईरान के बंदरगाहों की अमेरिकी नाकेबंदी का उल्लंघन करने की कोशिश कर रहे थे। इस घटना के बाद नई दिल्ली ने अमेरिकी राजनयिक जेसन मीक्स को समन भेजकर इस कार्रवाई पर कड़ा विरोध जताया था और कहा था कि भारतीय चालक दल वाले कमर्शियल जहाजों पर अमेरिकी सेना के ये घातक हमले पूरी तरह से अस्वीकार्य हैं। भारत में इस मुद्दे पर भारी राजनीतिक विवाद भी खड़ा हो गया है और विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने इस मामले पर पीएम मोदी की चुप्पी को लेकर उन पर निशाना साधा था। मंगलवार को G7 के एक सेशन के दौरान पीएम मोदी ने बिना नाम लिए सभी देशों से समुद्री रास्तों को सुरक्षित रखने और नाविकों की सुरक्षा पक्की करने की अपील की थी।

रिश्तों में कड़वाहट की पुरानी वजहें

भारत और अमेरिका के बीच रिश्तों में गिरावट केवल नाविकों की मौत तक ही सीमित नहीं है। पिछले साल मई में 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान भारत और पाकिस्तान के बीच हुए सैन्य टकराव को लेकर राष्ट्रपति ट्रंप के दावों से भी तनाव बढ़ा था। ट्रंप ने बार-बार सार्वजनिक रूप से दावा किया था कि उन्होंने दोनों देशों के बीच युद्ध को रुकवाकर लाखों लोगों की जान बचाई थी, जबकि भारत का साफ कहना था कि यह टकराव भारत और पाकिस्तान के बीच हुई बातचीत से खत्म हुआ था और इसमें अमेरिका की कोई भूमिका नहीं थी। इसके अलावा अमेरिका की नई इमिग्रेशन पॉलिसी और H1B वीजा फीस में बढ़ोतरी के फैसले ने भी भारतीय छात्रों और कामगारों को प्रभावित किया है। इन फैसलों की वजह से भारत के आर्थिक हितों और दोनों नेताओं के बीच की पर्सनल केमिस्ट्री पर भी असर पड़ा है।

व्यापार और डिफेंस सहयोग पर होगी चर्चा

आज भारतीय समयानुसार शाम करीब सवा छह बजे होने वाली इस बैठक में दोनों नेता द्विपक्षीय व्यापार समझौते और डिफेंस सहयोग को बढ़ाने पर चर्चा करेंगे। दोनों देशों के बीच एक अंतरिम व्यापार सौदे को लेकर बातचीत चल रही है, जिसका खाका फरवरी में तैयार किया गया था। यह समझौता दोनों देशों के बीच एक व्यापक व्यापार समझौते की तरफ एक बड़ा कदम हो सकता है। पिछले महीने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भारत का दौरा किया था और पीएम मोदी को ट्रंप की तरफ से व्हाइट हाउस आने का न्योता भी दिया था। रुबियो ने भारत को अमेरिका की इंडो-पैसिफिक नीति का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा बताया था। आज की बैठक में दोनों नेता पश्चिम एशिया के संकट और रूस-यूक्रेन युद्ध जैसे वैश्विक मुद्दों पर भी अपने विचार साझा कर सकते हैं।

भारत को इस बार G7 समिट में एक गेस्ट देश के रूप में आमंत्रित किया गया है। G7 दुनिया की सात सबसे बड़ी एडवांस इकोनॉमी का एक ग्रुप है, जिसमें कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान, ब्रिटेन, अमेरिका और यूरोपीय यूनियन शामिल हैं। राष्ट्रपति ट्रंप से मुलाकात के अलावा पीएम मोदी आज G7 के एक वर्किंग सेशन में भी हिस्सा लेंगे, जिसका विषय सभी के फायदे के लिए संतुलित, समावेशी और टिकाऊ आर्थिक विकास को बढ़ाना है। इसके साथ ही वे यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन के साथ एक त्रिपक्षीय बैठक करेंगे और जर्मनी के साथ भी द्विपक्षीय बातचीत करेंगे। इसके बाद वे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के सुरक्षित और प्रभावी उपयोग से जुड़े एक वर्किंग लंच में भी शामिल होंगे ताकि फ्यूचर की तकनीकों पर मिलकर काम किया जा सके।

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