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RBI MPC Highlights: ग्लोबल संकट के बाद भी काबू में महंगाई, लेकिन Q3 में बढ़ सकता है खतरा

विकास तिवारी

9 min read | अपडेटेड June 05, 2026, 10:37 IST

सारांश

रिजर्व बैंक ने इस बार रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं करने का फैसला किया है, जिससे यह अभी भी 5.25% पर स्थिर बनी हुई है। देश में बढ़ती महंगाई और मौसम के बदलते मिजाज के बीच आर्थिक स्थिरता बनाए रखने के लिए केंद्रीय बैंक ने यह कदम उठाया है, जिससे आम जनता को फिलहाल ईएमआई के मोर्चे पर राहत मिलेगी।

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आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा आज सुबह 10 बजे मौद्रिक नीति के फैसलों की जानकारी देश के सामने रखेंगे।

आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा की अगुवाई वाली मौद्रिक नीति समिति ने रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया है और यह अभी भी 5.25% पर स्थिर है, जिससे आम जनता को फिलहाल ईएमआई के मोर्चे पर राहत मिलेगी। हालांकि, गवर्नर ने चेतावनी दी है कि बढ़ती महंगाई आम परिवारों की खरीदारी करने की ताकत को कम कर सकती है, लेकिन सर्विस सेक्टर में तेजी, जीएसटी में सुधार और नौकरियों के स्थिर हालात से शहरों में खपत को सहारा मिलता रहेगा। उन्होंने यह भी बताया कि पिछला अनुमान 6.9% का था। इसके साथ ही ऊर्जा की बढ़ती कीमतों और सप्लाई की दिक्कतों का बुरा असर आर्थिक गतिविधियों पर पड़ रहा है और इसका असर 4 तिमाही से आगे भी दिखेगा, लेकिन इसके बावजूद भारत कम से कम नुकसान के साथ इन ग्लोबल झटकों का सामना करने के लिए पूरी तरह आश्वस्त है। बता दें कि वित्तीय वर्ष 2027 के लिए यह समिति की दूसरी द्विमासिक नीति बैठक थी जो 3 जून से 5 जून तक चली।

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आरबीआई एमपीसी बैठक के हाईलाइट्स:

10:33 AM - एनआरआई और ओसीआई के लिए निवेश की सीमा बढ़ी

आरबीआई ने शेयर बाजार में बिना सेबी रजिस्ट्रेशन के ट्रेड होने वाले इक्विटी इंस्ट्रूमेंट्स में एनआरआई और ओसीआई के लिए निवेश की सीमा को बढ़ाने का बड़ा ऐलान किया है। केंद्रीय बैंक के इस फैसले से विदेशी भारतीय निवेशकों को अब भारतीय शेयर बाजार में पैसे लगाने के ज्यादा मौके मिलेंगे और उनके लिए निवेश की राह आसान होगी।

10:26 AM - पश्चिम एशिया संकट के बीच इकोनॉमी मजबूत

आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा है कि पश्चिम एशिया युद्ध ने घरेलू ग्रोथ और महंगाई के अनुमानों पर बुरा असर डाला है, लेकिन इसके बावजूद भारतीय इकोनॉमी काफी मजबूत बनी हुई है। केंद्रीय बैंक ने चालू वित्त वर्ष के लिए कोर इन्फ्लेशन यानी मुख्य महंगाई दर 4.7% रहने का अनुमान लगाया है। इसके साथ ही गवर्नर ने साफ किया कि देश की आर्थिक जरूरतों को पूरा करने के लिए आरबीआई बैंकिंग सिस्टम में नकदी यानी कैश की उचित सप्लाई लगातार जारी रखेगा।

10:23 AM - जीडीपी ग्रोथ का अनुमान घटा, एक्सपोर्ट पर पड़ा असर

भारतीय रिजर्व बैंक ने चालू वित्त वर्ष के लिए देश की आर्थिक वृद्धि दर के अनुमान को 6.9 पर्सेंट से घटाकर 6.6 पर्सेंट कर दिया है। आरबीआई गवर्नर के मुताबिक, दुनिया भर में कमजोर डिमांड और सामान भेजने की ऊंची लागत यानी हाई लॉजिस्टिक कॉस्ट की वजह से भारत के प्रोडक्ट एक्सपोर्ट के सामने बड़ी बाधाएं आ रही हैं।

10:16 AM - महंगाई का खतरा और खरीदारी की क्षमता पर गवर्नर की चेतावनी

आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने चेतावनी दी है कि बढ़ती महंगाई आम परिवारों की खरीदारी करने की ताकत को कम कर सकती है। हालांकि, सर्विस सेक्टर में लगातार तेजी, जीएसटी के सुधारों और नौकरियों के स्थिर हालात से शहरों में खपत को सहारा मिलता रहेगा, भले ही बढ़ती महंगाई लोगों की जेब पर थोड़ा दबाव बनाए। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि पिछला अनुमान 6.9% का था।

10:13 AM - एनर्जी की बढ़ती कीमतों और सप्लाई संकट पर आरबीआई गवर्नर का बयान

आरबीआई गवर्नर ने कहा है कि एनर्जी की बढ़ती कीमतों और सप्लाई में आ रही रुकावटों का हमारी आर्थिक गतिविधियों पर बुरा असर पड़ रहा है। गवर्नर के मुताबिक, सप्लाई में आई इस कमी का असर 4 तिमाही से आगे भी देखने को मिलेगा। हालांकि, उन्होंने यह भी साफ किया कि तमाम ग्लोबल अनिश्चितताओं के बाद भी हम बहुत कम असर के साथ इन बाहरी झटकों का सामना करने के लिए पूरी तरह आश्वस्त हैं।

10:12 AM- ग्लोबल संकट के बाद भी काबू में महंगाई

आरबीआई गवर्नर मल्होत्रा ने बताया कि दुनिया भर में लग रहे झटकों के बावजूद देश में सीपीआई महंगाई दर अभी टारगेट से नीचे बनी हुई है, क्योंकि घरेलू कीमतों पर इसका ज्यादा असर नहीं पड़ा है। हालांकि, बेसलाइन अनुमान बताते हैं कि इस साल की 3 तिमाही यानी Q3 में हेडलाइन महंगाई बढ़कर अपर टॉलरेंस लेवल के करीब पहुंच सकती है।

10:09 AM- पश्चिम एशिया संकट का भारतीय इकोनॉमी पर असर: आरबीआई गवर्नर

आरबीआई गवर्नर मल्होत्रा ने कहा कि पश्चिम एशिया युद्ध के कारण एनर्जी की बढ़ी हुई कीमतें और ग्लोबल सप्लाई में आ रही रुकावटें हमारी आर्थिक गतिविधियों को प्रभावित कर रही हैं। कुछ सेक्टरों में सुस्ती के शुरुआती संकेत दिखने लगे हैं और एमपीसी का मानना है कि देश की ग्रोथ और महंगाई के पुराने अनुमानों के सामने अब कई बड़े खतरे खड़े हैं। इसके साथ ही, कम दक्षिण-पश्चिम मानसून और अल नीनो की आशंका की वजह से आने वाले दिनों में खाने-पीने की चीजों की कीमतों को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।

10:06 AM - वैश्विक चुनौतियों के बीच मजबूती से उभरेगा भारत: आरबीआई गवर्नर

आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने द्विमासिक मौद्रिक नीति समीक्षा पेश करते हुए कहा कि दुनिया भर में जारी अनिश्चितताओं के बीच हमें पूरा भरोसा है कि हम सभी चुनौतियों से पार पाते हुए और भी ज्यादा मजबूती के साथ उभरकर बाहर निकलेंगे।

10:05 AM- रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं, 5.25% पर बरकरार

आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा की अगुवाई वाली मौद्रिक नीति समिति ने ब्याज दरों को लेकर बड़ा फैसला सुना दिया है। रिजर्व बैंक ने इस बार रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं करने का फैसला किया है, जिससे यह अभी भी 5.25% पर स्थिर बनी हुई है। देश में बढ़ती महंगाई और मौसम के बदलते मिजाज के बीच आर्थिक स्थिरता बनाए रखने के लिए केंद्रीय बैंक ने यह कदम उठाया है, जिससे आम जनता को फिलहाल ईएमआई के मोर्चे पर राहत मिलेगी।

10:00 AM- आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने शुरू किए एमपीसी बैठक के ऐलान

आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा की अगुवाई वाली मौद्रिक नीति समिति यानी एमपीसी की बैठक को लेकर बड़ा अपडेट आया है। गवर्नर ने इस मीटिंग में लिए गए फैसलों के बारे में जानकारी देनी शुरू कर दी है। बढ़ती महंगाई और इकोनॉमी की मौजूदा स्थिति को देखते हुए इस बार क्या बड़े फैसले लिए गए हैं, इसकी पूरी डिटेल अब सामने आने लगी है।

09:53 AM- बैंकिंग सिस्टम में नकदी बढ़ाने के लिए आरबीआई का बड़ा कदम

भारतीय रिजर्व बैंक ने मौद्रिक नीति के फैसले से ठीक पहले बैंकिंग सिस्टम में कैश की कोई कमी न होने देने की कोशिश की है। इसी के तहत केंद्रीय बैंक ने वेरिएबल रेट रेपो नीलामी के जरिए बैंकिंग सिस्टम में 17445 करोड़ रुपये डाले हैं। रिजर्व बैंक ने दूसरे बैंकों की ओर से मांगी गई पूरी रकम मंजूर कर ली है और इसमें कट-ऑफ रेट व वेटेड एवरेज रेट दोनों ही 5.26 परसेंट पर तय हुए हैं।

09:41 AM- फ्यूचर आउटलुक और ग्रोथ पर असर

अल नीनो के बढ़ते खतरे को देखते हुए केंद्रीय बैंक वित्तीय वर्ष 2027 के लिए अपने महंगाई के अनुमान को बढ़ा सकता है। इसके साथ ही आरबीआई देश की आर्थिक ग्रोथ में आने वाली गिरावट के जोखिम को लेकर भी सचेत कर सकता है। हाल ही में भारतीय रुपये में देखी गई कमजोरी के बीच आरबीआई यह साफ कर सकता है कि महंगाई को टारगेट करने के ढांचे के तहत मौद्रिक नीति और फॉरेन एक्सचेंज मैनेजमेंट दोनों अलग अलग चीजें हैं। बाजार की नजर अब गवर्नर संजय मल्होत्रा के बयान पर है कि वह देश की इकोनॉमी को आगे बढ़ाने के लिए क्या रास्ता दिखाते हैं।

09:24 AM- शेयर बाजार में रौनक

आरबीआई पॉलिसी के आने से पहले आज घरेलू शेयर बाजार में अच्छी तेजी देखने को मिली है। बाजार खुलते ही सेंसेक्स 269.93 पॉइंट यानी 0.36% की मजबूती के साथ 74,629.94 पर पहुंच गया। वहीं निफ्टी 50 भी 62.40 पॉइंट यानी 0.27% चढ़कर 23,478.95 पर खुला। इसके साथ ही बैंक निफ्टी में भी 97.35 पॉइंट यानी 0.18% की बढ़त देखी गई और यह 54,405.20 के स्तर पर खुला।

09:05 AM- आरबीआई का रुख और कच्चे तेल का संकट

तमाम आर्थिक जानकारों और इकोनॉमिस्ट्स का मानना है कि इस बार आरबीआई एमपीसी रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं करेगी और इसे स्थिर रख सकती है। हालांकि केंद्रीय बैंक यह इशारा जरूर दे सकता है कि अगर महंगाई का खतरा और ज्यादा बढ़ता है, तो वह तुरंत सख्त कदम उठाने के लिए पूरी तरह तैयार है। वैसे भी एनर्जी की ऊंची कीमतों का असर पूरी इकोनॉमी पर दिखने लगा है। जानकारों के मुताबिक, आरबीआई इस बार ब्रेंट क्रूड ऑयल के दामों में जारी अनिश्चितता का जिक्र खास तौर पर कर सकता है क्योंकि जियोपॉलिटिकल तनाव की वजह से कच्चे तेल का संकट अभी बना रहने वाला है।

08:50 AM- वैश्विक तनाव और रुपये पर बढ़ता दबाव

मौजूदा समय में दुनिया भर के देशों के सामने आर्थिक चुनौतियां खड़ी हो गई हैं। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते भू राजनैतिक तनाव ने कच्चे तेल यानी क्रूड ऑयल की कीमतों को आसमान पर पहुंचा दिया है। इसकी वजह से भारत में महंगाई का आउटलुक काफी प्रभावित हो रहा है और अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया भी कमजोर हुआ है। इसी बीच इंडोनेशिया, फिलीपींस और श्रीलंका जैसी कई उभरती अर्थव्यवस्थाओं ने हैरान करने वाले फैसले लेते हुए ब्याज दरों में बढ़ोतरी कर दी है। इन देशों के इस कदम के बाद भारतीय बाजार के एक हिस्से में यह उम्मीद जताई जा रही है कि आरबीआई भी रुपये को मजबूती देने के लिए नीति में बदलाव कर सकता है।

08:36 AM- मौसम का मिजाज और महंगाई का खतरा

घरेलू मोर्चे पर बात करें तो भारत के सामने सिर्फ विदेशी संकट ही नहीं बल्कि मौसम की मार भी एक बड़ी चुनौती बनकर उभरी है। देश में अल नीनो की बदलती स्थितियां, भीषण गर्मी और सामान्य से कम मानसून रहने की आशंका बनी हुई है। इन सभी कारणों से आने वाले दिनों में महंगाई और ज्यादा बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। खाद्य पदार्थों की कीमतें बढ़ने से आम जनता पर बोझ बढ़ सकता है। यही वजह है कि आरबीआई इस बार महंगाई को कंट्रोल में रखने और आर्थिक स्थिरता बनाए रखने के लिए फूंक फूंक कर कदम रख रहा है।

लेखकों के बारे में

विकास तिवारी
Vikash Tiwary is a finance journalist with 6+ years of newsroom experience. He is currently growing Upstox Hindi, crafting data-driven stories on stocks, personal finance, mutual funds, and global markets, while exploring how AI can simplify finance. His work spans Zee Business, TV9 Bharatvarsh, ABP News, India TV, and Inshorts. He also holds NISM certification.

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