मार्केट न्यूज़

3 min read | अपडेटेड June 04, 2026, 10:58 IST
सारांश
आइडियाफोर्ज टेक्नोलॉजी लिमिटेड के शेयरों में गुरुवार 4 जून को भारी तेजी देखी गई और इसने अपना 52-वीक हाई छू लिया। कंपनी के बोर्ड द्वारा 500 करोड़ रुपये तक फंड जुटाने के प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद शेयरों में 5 पर्सेंट का अपर सर्किट लगा।

आइडियाफोर्ज टेक्नोलॉजी के शेयरों में जबरदस्त उछाल देखा गया। Image: Shutterstock
भारतीय शेयर बाजार में ड्रोन बनाने वाली दिग्गज कंपनी आइडियाफोर्ज टेक्नोलॉजी लिमिटेड के शेयरों में 4 जून को जबरदस्त तेजी देखने को मिली है। कंपनी के बोर्ड द्वारा फंड जुटाने के बड़े प्लान को मंजूरी मिलने के बाद इसके शेयरों में खरीदारों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। इसके चलते नेशनल स्टॉक एक्सचेंज यानी NSE पर कंपनी का शेयर 5 पर्सेंट की मजबूत बढ़त के साथ 900 रुपये प्रति शेयर के स्तर पर पहुंच गया, जो इसका ऊपरी सर्किट यानी अपर सर्किट लेवल है। इस शानदार तेजी के साथ ही कंपनी ने बाजार में अपना नया 52-वीक हाई भी बना लिया है। इस समय कंपनी का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन बढ़कर 3,904.89 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है।
आइडियाफोर्ज के शेयरों ने पिछले कुछ समय में अपने निवेशकों को बहुत ही बेहतरीन रिटर्न दिया है। पिछले एक हफ्ते के दौरान इस शेयर में करीब 6.47 पर्सेंट की तेजी आई है, जबकि पिछले एक महीने में इसने 23.12 पर्सेंट की मजबूत बढ़त दर्ज की है। अगर हम इस साल की शुरुआत से लेकर अब तक यानी ईयर-टू-डेट की बात करें, तो कंपनी के शेयरों ने 93.90 पर्सेंट की धमाकेदार छलांग लगाई है, जिससे निवेशकों की संपत्ति लगभग दोगुनी हो चुकी है।
शेयरों में आई इस बंपर तेजी के पीछे कंपनी का एक बड़ा बिजनेस फैसला है। एक्सचेंज फाइलिंग के अनुसार, 3 जून को हुई बोर्ड मीटिंग में आइडियाफोर्ज के बोर्ड ने प्रेफरेंशियल अलॉटमेंट और क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट यानी क्यूआईपी के जरिए कुल 500 करोड़ रुपये तक का फंड जुटाने के प्रस्ताव को अपनी मंजूरी दे दी है। कंपनी इस फंड को इक्विटी शेयर, प्रेफरेंस शेयर, पूरी तरह या आंशिक रूप से कनवर्टिबल डिबेंचर्स, नॉन-कनवर्टिबल डिबेंचर्स या वारंट जैसे विभिन्न इंस्ट्रूमेंट्स के जरिए एक या एक से अधिक किस्तों में जुटा सकती है। इस पैसे का इस्तेमाल कंपनी अपने फ्यूचर बिजनेस एक्सपेंशन के लिए करेगी।
फंड जुटाने के प्लान के अलावा कंपनी के वित्तीय नतीजे भी बहुत मजबूत रहे हैं। वित्त वर्ष 2025-26 की आखिरी तिमाही यानी चौथी तिमाही में आइडियाफोर्ज ने 60 करोड़ रुपये का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट कमाया है, जबकि इससे पिछले साल की समान अवधि में कंपनी को 25.70 करोड़ रुपये का नेट लॉस हुआ था। वहीं दूसरी तरफ चौथी तिमाही के दौरान कंपनी का ऑपरेशन से रेवेन्यू कई गुना बढ़कर 141 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है, जो पिछले साल इसी तिमाही में केवल 20.3 करोड़ रुपये था।
कंपनी को पूरे वित्त वर्ष 2026 के दौरान डिफेंस और सिविल ग्राहकों से कुल 530 करोड़ रुपये के बड़े ऑर्डर्स मिले हैं। अपने फ्यूचर प्लान को लेकर कंपनी ने बताया है कि वह अब सिर्फ इंटेलिजेंस, सर्विलांस और रीकॉनेसेंस यानी आईएसआर ड्रोन तक सीमित नहीं रहेगी। कंपनी अब खुद के रिसर्च और रणनीतिक साझेदारियों के जरिए कॉम्बैट ड्रोन जैसे कि लंबी दूरी के स्ट्राइक प्लेटफॉर्म, लोइटरिंग म्यूनिशन्स और कामिकेज ड्रोन विकसित करने पर तेजी से काम कर रही है। इससे कंपनी को भारतीय डिफेंस फोर्सेज की तरफ से आने वाले बड़े अवसरों को भुनाने में मदद मिलेगी।
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