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  1. क्या फिर बढ़ेगी आपकी EMI? जानें कब, कहां और कैसे देखें रेपो रेट पर रिजर्व बैंक का फैसला

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क्या फिर बढ़ेगी आपकी EMI? जानें कब, कहां और कैसे देखें रेपो रेट पर रिजर्व बैंक का फैसला

Upstox

3 min read | अपडेटेड October 06, 2026, 11:07 IST

सारांश

भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति की बैठक का नतीजा 7 अक्टूबर 2026 को सामने आएगा। रेपो दर में बदलाव होगा या नहीं, इसका ऐलान सुबह 10 बजे होगा। इसके बाद दोपहर 12 बजे प्रेस कांफ्रेंस होगी।

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महंगाई ने बढ़ाई RBI की चिंता, क्या इस बार फिर बढ़ेगा रेपो रेट? जानें एक्सपर्ट्स की राय (Photo: Shutterstock)

भारतीय रिजर्व बैंक यानी आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की तीन दिवसीय महत्वपूर्ण बैठक का कल 7 अक्टूबर 2026 को आखिरी दिन है। इस बैठक में देश की ब्याज दरों और रेपो रेट को लेकर क्या फैसला लिया जाता है, इस पर पूरे देश की नजरें टिकी हुई हैं। महंगाई के दबाव और अंतरराष्ट्रीय हालातों के बीच रिजर्व बैंक का यह फैसला आम लोगों की जेब पर सीधा असर डाल सकता है। अगर आप भी रिजर्व बैंक के इस फैसले को सीधे और सबसे पहले देखना चाहते हैं, तो इसके लिए परेशान होने की जरूरत नहीं है। केंद्रीय बैंक की मौद्रिक नीति के बयान और उसके बाद होने वाली प्रेस कांफ्रेंस का सीधा प्रसारण ऑनलाइन किया जाएगा, जिसे आप घर बैठे आराम से देख सकते हैं।

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कहां और कैसे देखें लाइव?

आरबीआई के नीतिगत फैसलों की घोषणा का लाइव प्रसारण 7 अक्टूबर को यूट्यूब पर किया जाएगा। मौद्रिक नीति के बयान का लाइव प्रसारण सुबह 10:00 बजे शुरू होगा। इसे यूट्यूब पर दिए गए आधिकारिक लिंक (youtube.com/live/YzOwHYFuEZQ?si=XMYxl7IArDCRZIxg) के जरिए देखा जा सकता है। इसके अलावा नीतिगत फैसलों के बाद होने वाली पोस्ट मौद्रिक नीति प्रेस कांफ्रेंस का सीधा प्रसारण दोपहर 12:00 बजे आयोजित किया जाएगा। इस प्रेस कांफ्रेंस को देखने के लिए यूट्यूब का आधिकारिक लिंक (https://www.youtube.com/live/IZwc7rT_us0) उपलब्ध कराया गया है। इन दोनों लिंक के माध्यम से कोई भी व्यक्ति सीधे जुड़कर केंद्रीय बैंक के फैसलों और शीर्ष अधिकारियों की बातचीत को लाइव सुन और देख सकता है।

क्या रेपो रेट में हो सकती है बढ़ोतरी?

अर्थशास्त्रियों और वरिष्ठ बैंक अधिकारियों का मानना है कि पश्चिम एशिया संकट के दोबारा गहराने से महंगाई का दबाव फिर से बढ़ गया है। ऐसे में भारतीय रिजर्व बैंक अक्टूबर की मौद्रिक नीति समीक्षा में रेपो दर में 0.25% की वृद्धि कर सकता है। न्यूज एजेंसी पीटीआई द्वारा किए गए 16 अर्थशास्त्रियों और वरिष्ठ बैंक अधिकारियों के एक सर्वे में यह बात सामने आई है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर आगामी नीतिगत समीक्षा में केंद्रीय बैंक दरों में बढ़ोतरी करता है, तो यह ब्याज दर नीति में एक बहुत बड़े बदलाव का संकेत माना जाएगा।

ब्याज दरों का पिछला इतिहास क्या बता रहा?

मौजूदा समय में आरबीआई की नीतिगत रेपो दर 5.25% के स्तर पर है। इससे पहले साल 2025 में ब्याज दरों में कटौती देखने को मिली थी और उसके बाद लंबे समय तक दरों में ठहराव देखा गया था। रिजर्व बैंक की तरफ से रेपो दर में आखिरी बार बढ़ोतरी फरवरी 2023 में की गई थी, जब आरबीआई ने दर को 0.25% बढ़ाकर 6.50% कर दिया था। इसके बाद केंद्रीय बैंक ने साल 2023-24 के दौरान दर को बिना किसी बदलाव के अपरिवर्तित रखा था और फिर साल 2025 में कटौती का चक्र शुरू किया था।

फैसले पर क्यों बनी हुई है सभी की नजर?

आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति की यह महत्वपूर्ण बैठक आज से शुरू हो चुकी है और इसका समापन 7 अक्टूबर को होगा। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और उससे उपजे महंगाई के दबाव ने केंद्रीय बैंक के सामने नई चुनौतियां पेश की हैं। यही वजह है कि 7 अक्टूबर को सुबह 10 बजे आने वाले बयान और दोपहर 12 बजे होने वाली प्रेस कांफ्रेंस को लेकर निवेशकों, उद्योग जगत और आम नागरिकों के बीच भारी उत्सुकता है।

लेखकों के बारे में

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Upstox Hindi News Desk पत्रकारों की एक टीम है जो शेयर बाजारों, अर्थव्यवस्था, वस्तुओं, नवीनतम व्यावसायिक रुझानों और व्यक्तिगत वित्त को उत्साहपूर्वक कवर करती है।

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