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  1. ₹12 लाख करोड़ के वैल्यूएशन पर आ रहा Jio का आईपीओ, जानिए क्या है रिलायंस का बड़ा प्लान?

मार्केट न्यूज़

₹12 लाख करोड़ के वैल्यूएशन पर आ रहा Jio का आईपीओ, जानिए क्या है रिलायंस का बड़ा प्लान?

विकास तिवारी

3 min read | अपडेटेड October 05, 2026, 11:10 IST

सारांश

जिओ प्लेटफॉर्म्स इस महीने अपना आईपीओ ला सकती है। इसकी एंटरप्राइज वैल्यूएशन 143 से 146 अरब डॉलर यानी 12 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा रहने का अनुमान है। यह 3.8 अरब डॉलर का भारत का सबसे बड़ा इश्यू हो सकता है।

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जिओ प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ इस महीने मार्केट में आ सकता है। | Image: Shutterstock

रिलायंस इंडस्ट्रीज की डिजिटल और टेलीकॉम सर्विस कंपनी जिओ प्लेटफॉर्म्स इसी महीने प्राइमरी मार्केट में एंट्री कर सकती है। सूत्रों के मुताबिक, कंपनी 143 से 146 अरब डॉलर यानी कम से कम 12 लाख करोड़ रुपये की एंटरप्राइज वैल्यूएशन पर अपना आईपीओ ला सकती है। अगर ऐसा होता है तो यह भारत का अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ साबित हो सकता है। इसका कुल इश्यू साइज करीब 3.8 अरब डॉलर होने का अनुमान है। कंपनी ने दुनिया भर में अपने रोडशो पूरे कर लिए हैं और अब अपने पब्लिक ऑफर डॉक्यूमेंट्स को अंतिम रूप देने में लगी हुई है।

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आईपीओ का शेड्यूल और तारीखें

जिओ प्लेटफॉर्म्स 12 अक्टूबर से शुरू हो रहे हफ्ते में अपने फाइनल आईपीओ डॉक्यूमेंट्स दाखिल कर सकती है। बैंकिंग सूत्रों के अनुसार, यह इश्यू दशहरा से पहले एंकर इन्वेस्टर्स के लिए खुल सकता है। वहीं आम पब्लिक इन्वेस्टर्स के लिए यह आईपीओ 23 अक्टूबर से पहले लाइव हो सकता है। सब कुछ तय प्लान के मुताबिक रहा तो कंपनी के शेयर इस महीने के आखिर तक शेयर बाजार में लिस्ट हो सकते हैं। कंपनी ने इससे पहले जून महीने में ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस यानी DRHP दाखिल किया था, जिस पर मार्केट रेगुलेटर सेबी से 28 अगस्त को फाइनल ऑब्जर्वेशन मिल चुके हैं।

यह आईपीओ कई मायनों में बेहद खास माना जा रहा है। साल 2008 के बाद रिलायंस ग्रुप की तरफ से आने वाला यह पहला पब्लिक ऑफर होगा। इसके साथ ही, यह ग्रुप के कंज्यूमर-फोकस्ड बिजनेस का पहला पब्लिक इश्यू भी होगा। रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस यानी आरएचपी फाइल करने के बाद कंपनी 12 अक्टूबर वाले हफ्ते में भारत में भी रोडशो आयोजित करने की तैयारी में है। इससे इन्वेस्टर्स को कंपनी के बिजनेस मॉडल और फ्यूचर प्लान्स को समझने का बेहतरीन मौका मिलेगा।

फंड का कहां होगा इस्तेमाल?

जिओ प्लेटफॉर्म्स का यह आईपीओ पूरी तरह से फ्रेश इश्यू होगा। इसमें 27 करोड़ इक्विटी शेयर जारी किए जाएंगे। इस इश्यू में ऑफर फॉर सेल यानी ओएफएस का कोई कंपोनेंट नहीं रखा गया है। इसका मतलब है कि प्रमोटर्स अपनी हिस्सेदारी नहीं बेच रहे हैं। आईपीओ से मिलने वाले पैसों का इस्तेमाल कंपनी की मुख्य सब्सिडियरी कंपनी रिलायंस जिओ इंफोकॉम लिमिटेड का कर्ज चुकाने के लिए किया जाएगा। इसके अलावा बचे हुए फंड का इस्तेमाल जनरल कॉर्पोरेट कामों में किया जाएगा।

जिओ प्लेटफॉर्म्स की टेलीकॉम यूनिट रिलायंस जिओ इंफोकॉम देश की सबसे बड़ी टेलीकॉम ऑपरेटर है। मोबाइल कनेक्शन मार्केट में कंपनी की हिस्सेदारी 39.29% है और इसके पास 506 मिलियन कस्टमर्स हैं। वहीं फिक्स्ड-लाइन कनेक्शन मार्केट में कंपनी की हिस्सेदारी 32.89% है, जहां इसके 157.9 मिलियन कस्टमर्स हैं। ड्राफ्ट प्रॉस्पेक्टस के मुताबिक, मुकेश अंबानी की अगुवाई वाली रिलायंस इंडस्ट्रीज के पास जिओ प्लेटफॉर्म्स की करीब 66.4% हिस्सेदारी है। इसके अलावा ग्लोबल टेक दिग्गज मेटा और गूगल के पास कुल मिलाकर 17.7% हिस्सेदारी है।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)

लेखकों के बारे में

विकास तिवारी
Vikash Tiwary is a finance journalist with 6+ years of newsroom experience. He is currently growing Upstox Hindi, crafting data-driven stories on stocks, personal finance, mutual funds, and global markets, while exploring how AI can simplify finance. His work spans Zee Business, TV9 Bharatvarsh, ABP News, India TV, and Inshorts. He also holds NISM certification.

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