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  1. Rupee Crash के बीच RBI का बड़ा एक्शन: बैंकों की FX पोजीशन पर $100 मिलियन की सख्त लिमिट

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Rupee Crash के बीच RBI का बड़ा एक्शन: बैंकों की FX पोजीशन पर $100 मिलियन की सख्त लिमिट

Upstox

2 min read | अपडेटेड March 28, 2026, 12:11 IST

सारांश

रुपये में गिरावट के लिए कई फैक्टर्स जिम्मेदार हैं। अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध जारी है। डोनाल्ड ट्रंप के दावों और ईरान के लगातार खंडन ने निवेशकों को कनफ्यूज कर दिया है। इसी वजह से निवेशकों का भरोसा कमजोर हुआ है और उभरते बाजारों की मुद्राएं, जैसे रुपया दबाव में हैं।

Rupee

तेल की कीमतों में तेज उछाल भी रुपये में कमजोरी की एक बड़ी वजह है।

Rupee: गिरते रुपये को संभालने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक यानी RBI ने बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय बैंक ने बैंकों को निर्देश दिया है कि वे फॉरेन एक्सचेंज मार्केट में रुपये पर अपनी नेट ओपन पोजीशन को हर कारोबारी दिन के अंत में अधिकतम 100 मिलियन डॉलर तक ही सीमित रखें। अधिकृत डीलर्स को इस नए नियम का पालन 10 अप्रैल तक करना होगा। बता दें कि डॉलर के मुकाबले रुपये की वैल्यू लगातार गिर रही है। इसका ऑल टाइम लो अमेरिकी डॉलर के मुकाबले ₹94.84 है, जो 27 मार्च 2026 को दर्ज किया गया था।
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पहले क्या था नियम

अब तक नियम यह था कि अधिकृत डीलर्स के बोर्ड खुद अपनी नेट ओपन पोजीशन लिमिट तय कर सकते थे, लेकिन यह उनकी कुल पूंजी के 25% से ज्यादा नहीं हो सकती थी। हालांकि, RBI के पास यह अधिकार हमेशा से था कि वह जरूरत पड़ने पर इस पर सख्त सीमा लगा सके, ताकि रुपये में ज्यादा उतार-चढ़ाव को कंट्रोल किया जा सके।

क्यों गिर रहा है रुपया

रुपये में गिरावट के लिए कई फैक्टर्स जिम्मेदार हैं। अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध जारी है। डोनाल्ड ट्रंप के दावों और ईरान के लगातार खंडन ने निवेशकों को कनफ्यूज कर दिया है। इसी वजह से निवेशकों का भरोसा कमजोर हुआ है और उभरते बाजारों की मुद्राएं, जैसे रुपया दबाव में हैं।

इसके अलावा कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल भी रुपये में कमजोरी की एक बड़ी वजह है। Brent crude $105 प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गया। तेल महंगा होने से भारत को ज्यादा डॉलर में इंपोर्ट करना पड़ता है, जिससे डॉलर की डिमांड बढ़ती है और रुपया कमजोर होता है। FII (फॉरेन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स) लगातार भारतीय बाजार से पैसा निकाल रहे हैं। जब विदेशी निवेशक पैसा निकालते हैं, तो वे रुपये बेचकर डॉलर खरीदते हैं, जिससे रुपया और गिरता है।

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Upstox Hindi News Desk पत्रकारों की एक टीम है जो शेयर बाजारों, अर्थव्यवस्था, वस्तुओं, नवीनतम व्यावसायिक रुझानों और व्यक्तिगत वित्त को उत्साहपूर्वक कवर करती है।

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