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  1. देश के प्रॉपर्टी बाजार पर निवेशकों का बढ़ा भरोसा, तीन महीने में ही आ गया 5.1 अरब डॉलर का निवेश

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देश के प्रॉपर्टी बाजार पर निवेशकों का बढ़ा भरोसा, तीन महीने में ही आ गया 5.1 अरब डॉलर का निवेश

Upstox

3 min read | अपडेटेड April 22, 2026, 13:38 IST

सारांश

भारतीय रियल एस्टेट सेक्टर ने साल 2026 की पहली तिमाही में इतिहास रच दिया है। सीबीआरई की रिपोर्ट के मुताबिक, जनवरी से मार्च के बीच कुल 5.1 अरब डॉलर का निवेश आया है। इसमें सबसे बड़ी भूमिका घरेलू निवेशकों की रही है, जिनका कुल निवेश में 96 पर्सेंट हिस्सा रहा।

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भारतीय रियल एस्टेट बाजार में निवेश के सारे पुराने रिकॉर्ड टूट गए हैं।

दुनिया भर में चल रही आर्थिक हलचल और अनिश्चितताओं के बीच भारतीय रियल एस्टेट सेक्टर ने एक ऐसी कामयाबी हासिल की है, जिसने सबको चौंका दिया है। साल 2026 की पहली तिमाही यानी जनवरी से मार्च के बीच भारत के प्रॉपर्टी बाजार में रिकॉर्ड तोड़ निवेश हुआ है। रियल एस्टेट सलाहकार कंपनी सीबीआरई (CBRE) की ताजा रिपोर्ट 'इंडिया मार्केट मॉनिटर Q1 2026 – इन्वेस्टमेंट्स' के मुताबिक, इस दौरान देश के रियल एस्टेट सेक्टर में कुल 5.1 अरब डॉलर का निवेश आया है। अगर इसकी तुलना पिछले साल की इसी तिमाही से करें, तो इसमें करीब 72 पर्सेंट की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

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निवेश के पुराने सारे रिकॉर्ड टूटे

आंकड़ों पर नजर डालें तो पता चलता है कि यह ग्रोथ कितनी बड़ी है। जनवरी-मार्च 2025 में इस सेक्टर में कुल 2.9 अरब डॉलर का निवेश आया था। वहीं, साल 2025 की आखिरी तिमाही यानी अक्टूबर-दिसंबर में यह आंकड़ा 3.3 अरब डॉलर रहा था। लेकिन 2026 की शुरुआत में ही 5.1 अरब डॉलर का निवेश आना यह साफ करता है कि बाजार अब पूरी तरह से रफ्तार पकड़ चुका है। इस रिकॉर्ड निवेश में सबसे बड़ी भूमिका डेवलपर्स और रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट (रीट) की रही है। डेवलपर्स ने कुल निवेश में 42 पर्सेंट की हिस्सेदारी निभाई, जबकि रीट का हिस्सा करीब 40 पर्सेंट रहा।

घरेलू निवेशकों ने संभाली कमान

इस पूरी रिपोर्ट में सबसे दिलचस्प बात यह है कि भारत के प्रॉपर्टी बाजार को सहारा देने में विदेशी निवेशकों के मुकाबले घरेलू निवेशकों का हाथ ज्यादा रहा है। कुल आए हुए निवेश का करीब 96 पर्सेंट हिस्सा घरेलू निवेशकों से आया है। इसमें मुख्य रूप से बड़े डेवलपर्स शामिल रहे, जिन्होंने नई जमीन खरीदने और पुराने प्रोजेक्ट्स को आगे बढ़ाने में पैसा लगाया है। सीबीआरई के चेयरमैन और सीईओ अंशुमान मैगजीन का कहना है कि यह भारतीय रियल एस्टेट की ग्रोथ स्टोरी में घरेलू और संस्थागत निवेशकों के ऊंचे विश्वास को दिखाता है। वैश्विक चुनौतियों के बाद भी भारत का आर्थिक ढांचा इतना मजबूत है कि वह बड़े निवेश को अपनी ओर खींच रहा है।

ऑफिस और जमीन पर सबसे ज्यादा भरोसा

निवेशकों ने अपना सबसे ज्यादा पैसा ऑफिस स्पेस और जमीन के अधिग्रहण में लगाया है। रिपोर्ट के मुताबिक, कुल इक्विटी फ्लो का 90 पर्सेंट से ज्यादा हिस्सा इन्हीं दो जगहों पर खर्च हुआ है। कंपनियां अब बड़े ऑफिस स्पेस और किराये पर देने वाली संपत्तियों में ज्यादा रुचि दिखा रही हैं। इसके अलावा डेवलपर्स भविष्य के प्रोजेक्ट्स के लिए बड़े पैमाने पर जमीन की खरीदारी कर रहे हैं।

इन तीन शहरों का रहा दबदबा

जब बात निवेश की आती है, तो भारत के कुछ बड़े शहर हमेशा रेस में आगे रहते हैं। इस बार भी बेंगलुरु, मुंबई और दिल्ली-एनसीआर का दबदबा कायम रहा। इन तीनों शहरों ने मिलकर कुल निवेश का लगभग 65 पर्सेंट हिस्सा अपनी ओर आकर्षित किया है। बेंगलुरु अपनी आईटी हब की छवि की वजह से ऑफिस स्पेस के लिए पसंदीदा बना हुआ है, जबकि मुंबई और दिल्ली-एनसीआर में प्रीमियम प्रोजेक्ट्स और जमीन की भारी डिमांड देखी गई है।

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Upstox Hindi News Desk पत्रकारों की एक टीम है जो शेयर बाजारों, अर्थव्यवस्था, वस्तुओं, नवीनतम व्यावसायिक रुझानों और व्यक्तिगत वित्त को उत्साहपूर्वक कवर करती है।

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