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3 min read | अपडेटेड April 22, 2026, 08:15 IST
सारांश
सोने और चांदी की कीमतों में बुधवार को सुधार देखने को मिला है। पिछले दो दिनों की गिरावट के बाद आज इसमें 1.8 पर्सेंट तक की तेजी आई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान के साथ सीजफायर बढ़ाने और शांति वार्ता की उम्मीदों के बीच बाजार में यह उछाल आया है।

सोने और चांदी की कीमतों में आज शानदार रिकवरी दर्ज की गई है।
आज सर्राफा बाजार में सोने और चांदी के निवेशकों के लिए राहत की खबर आई है। 22 अप्रैल को सोने और चांदी की कीमतों में जोरदार रिकवरी देखने को मिली है। पिछले दो दिनों से जारी गिरावट पर आज ब्रेक लग गया और कीमतों में 1.8 पर्सेंट तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई। यह तेजी तब आई है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ सीजफायर को आगे बढ़ाने का फैसला किया है। हालांकि शांति वार्ता को लेकर स्थिति अभी भी पूरी तरह साफ नहीं है, लेकिन ट्रंप के इस फैसले ने बाजार के सेंटिमेंट को सहारा दिया है।
ग्लोबल मार्केट यानी कॉमैक्स पर आज सुबह सोने की कीमत करीब 1 पर्सेंट बढ़कर 4768 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई है। इससे पिछले सेशन में सोने की कीमतों में 2 पर्सेंट से ज्यादा की गिरावट आई थी, जिससे निवेशक थोड़े डरे हुए थे। चांदी की बात करें तो एशियाई ट्रेडिंग घंटों के दौरान चांदी की कीमतों में 1.8 पर्सेंट का सुधार हुआ और यह 77.80 डॉलर प्रति औंस के लेवल पर पहुंच गई। अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध शुरू होने के बाद से अब तक सोने की कीमतों में 10 पर्सेंट से ज्यादा की गिरावट आ चुकी है, जबकि चांदी इस दौरान करीब 17 पर्सेंट तक टूट चुकी है। आज की बढ़त ने निवेशकों को थोड़ी राहत दी है।
बाजार में इस बदलाव की एक बड़ी वजह सप्लाई में आ रही रुकावट भी है। हॉर्मुज जलडमरूमध्य का रास्ता अभी भी जहाजों की आवाजाही के लिए बंद है। ईरान ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक अमेरिका उसके जहाजों पर लगी पाबंदी नहीं हटाता, तब तक वह इस महत्वपूर्ण समुद्री रास्ते को नहीं खोलेगा। इस रास्ते के बंद होने से पूरी दुनिया में एनर्जी सप्लाई में भारी दिक्कत आ रही है। सप्लाई चेन प्रभावित होने की वजह से महंगाई बढ़ने का खतरा भी पैदा हो गया है। यही वजह है कि निवेशक सुरक्षित निवेश के तौर पर फिर से सोने की तरफ रुख कर रहे हैं।
कीमतों में रिकवरी के बावजूद कुछ ऐसे फैक्टर भी हैं जो सोने और चांदी पर लगातार दबाव बना रहे हैं। डॉलर इंडेक्स में पिछले सेशन के दौरान 0.4 पर्सेंट की मजबूती देखी गई है। डॉलर महंगा होने से सोना उन लोगों के लिए महंगा हो जाता है जो दूसरी करेंसी में निवेश करते हैं। इसके अलावा फेडरल रिजर्व के अगले संभावित चेयरमैन केविन वारश के एक बयान ने भी बाजार में हलचल पैदा कर दी है। उन्होंने कहा है कि अगर वे चेयरमैन बनते हैं, तो वे पूरी तरह स्वतंत्र होकर काम करेंगे। इसका मतलब है कि सेंट्रल बैंक ब्याज दरों को ऊंचे लेवल पर रख सकता है, जो सोने जैसे एसेट के लिए अच्छा संकेत नहीं माना जाता।
भारतीय बाजार यानी एमसीएक्स पर सोने और चांदी के रेट में आज थोड़ा बदलाव देखा गया है। 21 अप्रैल के डेटा के मुताबिक, एमसीएक्स पर सोने का भाव 1,51,698 रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास था। वहीं चांदी की बात करें तो यह 2,44,916 रुपये प्रति किलोग्राम के लेवल पर देखी गई। ग्लोबल मार्केट में आई रिकवरी के बाद अब निवेशकों की नजर आने वाले समय में होने वाली शांति वार्ता पर टिकी है। ट्रंप ने साफ कर दिया है कि वे तब तक कोई नया हमला नहीं करेंगे जब तक ईरान की तरफ से कोई नया और ठोस प्रस्ताव नहीं आ जाता।
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