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पंजाब के किसानों को मिला राज्य सरकार से खास तोहफा, कोऑपरेटिव लोन की लिमिट कितनी बढ़ी?

Upstox

2 min read | अपडेटेड June 03, 2026, 08:27 IST

सारांश

केसीसी योजना के तहत नई फसलें भी जोड़ी गई हैं, जिनके लिए किसानों को लोन दिया जाएगा। यह राज्य सरकार की तरफ से प्रदेश में फसलों में विविधता को बढ़ावा देने की कोशिशों का हिस्सा है।

पंजाब किसान

पंजाब सरकार ने किसानों के लिए कुछ अहम ऐलान (Photo: Shutterstock)

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मंगलवार को राज्य में किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) रखने वालों के लिए अलग-अलग फसलों पर सहकारिता ऋण (कोऑपरेटिव लोन) की सीमा बढ़ाने का ऐलान किया। भगवंत मान ने कहा कि राज्य सरकार ने किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) रखने वालों के लिए नीति में बदलाव करने का फैसला किया है, ताकि इसे किसानों के लिए और ज्यादा फायदेमंद बनाया जा सके। उन्होंने कहा कि गेहूं की फसल के लिए लोन लिमिट 24,300 रुपये प्रति एकड़ से बढ़ाकर 30,000 रुपये प्रति एकड़ कर दी गई है। उन्होंने कहा कि पहली बार फसल के बचे हुए हिस्से (पराली) के मैनेजमेंट के लिए लोन के तौर पर 2,000 रुपये प्रति एकड़ की रकम दी जाएगी।

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किन-किन कोऑपरेटिव लोन की बढ़ी लिमिट?

मान ने कहा कि गन्ने की फसल के लिए लोन की लिमिट 44,000 रुपये प्रति एकड़ से बढ़ाकर एक लाख रुपये प्रति एकड़ कर दी गई है। उन्होंने आगे कहा कि केसीसी योजना के तहत नई फसलें भी जोड़ी गई हैं, जिनके लिए किसानों को लोन दिया जाएगा। यह राज्य सरकार की तरफ से प्रदेश में फसलों में विविधता को बढ़ावा देने की कोशिशों का हिस्सा है। उन्होंने बताया कि पॉपुलर की खेती पर 2,000 रुपये प्रति एकड़, बांस पर 13,000 रुपये प्रति एकड़, 'जामुन' पर 23,000 रुपये प्रति एकड़, लेमन ग्रास पर 30,000 रुपये प्रति एकड़, लहसुन पर 1.57 लाख रुपये प्रति एकड़, रबी की प्याज की फसल पर 92,686 रुपये प्रति एकड़ और हाइब्रिड टमाटर पर 80,981 रुपये प्रति एकड़ की रकम दी जाएगी।

फलों और मछली को लेकर लिए गए क्या फैसले?

फलों के बारे में मान ने कहा कि ड्रैगन फ्रूट के लिए 47,000 रुपये प्रति एकड़ का लोन दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि मछली पालन के सेक्टर में लोन की लिमिट 2.50 लाख रुपये से बढ़ाकर तीन लाख रुपये प्रति हेक्टेयर कर दी गई है, और सफेद झींगे के लिए 4.50 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर की लोन लिमिट को बढ़ाकर 5.50 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर कर दिया गया है। मान ने आगे कहा कि कोऑपरेटिव बैंकों की आर्थिक हालत में भी सुधार किया जाएगा। उन्होंने दावा किया कि पंजाब में कोऑपरेटिव बैंक 7% के ब्याज पर लोन देते हैं, जो कि सबसे कम है।

PTI इनपुट के साथ

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