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4 min read | अपडेटेड June 05, 2026, 12:40 IST
सारांश
RBI गवर्नर ने बताया कि ग्लोबल इकॉनमी में बहुत ज्यादा अनिश्चितता और बाजार में उतार-चढ़ाव है। पॉलिसी बनाने वालों को भरोसा है कि वे कम से कम नुकसान के साथ झटकों का सामना कर लेंगे। उन्होंने कहा कि वेस्ट एशिया के टकराव का असर इकॉनमी पर पड़ रहा है।

RBI ने FY27 के लिए भारत की वास्तविक GDP वृद्धि दर का अनुमान घटाया है।
RBI गवर्नर ने बताया कि ग्लोबल इकॉनमी में बहुत ज्यादा अनिश्चितता और बाजार में उतार-चढ़ाव है। पॉलिसी बनाने वालों को भरोसा है कि वे कम से कम नुकसान के साथ झटकों का सामना कर लेंगे। उन्होंने कहा कि वेस्ट एशिया के टकराव का असर इकॉनमी पर पड़ रहा है।
सरकार ने विदेशी निवेशकों को आकर्षित करने के लिए आयकर कानून में बड़ा बदलाव किया है। नए प्रावधान के तहत विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) और Bank for International Settlements को भारतीय सरकारी बॉन्ड से मिलने वाले ब्याज और इन प्रतिभूतियों की बिक्री या हस्तांतरण से होने वाले पूंजीगत लाभ पर कर छूट दी जाएगी। G-Secs पर LTCG टैक्स 12.5% से घटाकर जीरो कर दिया गया है।
हालांकि इसके लिए इन संस्थाओं को सरकार द्वारा निर्धारित तरीके से जरूरी जानकारी उपलब्ध करानी होगी। यह छूट आम भारतीय निवेशकों या करदाताओं पर लागू नहीं होगी। इसका मुख्य उद्देश्य भारतीय सरकारी बॉन्ड बाजार में विदेशी निवेश को बढ़ावा देना है।
RBI ने FY27 के लिए भारत की वास्तविक GDP वृद्धि दर का अनुमान घटाकर 6.6% कर दिया है, जो पहले 6.9% था। तिमाही आधार पर Q1FY27 में 6.6%, Q2 में 6.3%, Q3 में 6.5% और Q4 में 6.8% की वृद्धि का अनुमान लगाया गया है।
RBI गवर्नर Sanjay Malhotra ने कहा कि पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण कच्चे तेल की औसत कीमतें अप्रैल की नीति समीक्षा में अनुमानित 85 डॉलर प्रति बैरल से अधिक रह सकती हैं, जिससे आर्थिक गतिविधियों पर दबाव बढ़ सकता है।
महंगाई के मोर्चे पर RBI ने FY27 के लिए खुदरा मुद्रास्फीति (CPI Inflation) का अनुमान बढ़ाकर 5.1% कर दिया है, जो पहले के अनुमान से करीब 50 बेसिस प्वाइंट अधिक है। केंद्रीय बैंक के अनुसार पहली तिमाही में महंगाई 4.2%, दूसरी में 5.1%, तीसरी में 5.9% और चौथी तिमाही में 5.4% रह सकती है। गवर्नर ने कहा कि कंपनियां बढ़ती लागत का बोझ उपभोक्ताओं पर डाल सकती हैं, जिससे कीमतों पर दबाव बना रह सकता है।
RBI गवर्नर ने यह भी बताया कि 29 मई 2026 तक भारत का विदेशी मुद्रा भंडार (Forex Reserves) 682.3 अरब डॉलर के मजबूत स्तर पर पहुंच गया है, जो वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच देश की बाहरी वित्तीय स्थिति को मजबूती प्रदान करता है।
गवर्नर के मुताबिक उम्मीद है कि बड़े सेंट्रल बैंक अब सख्त मॉनेटरी पॉलिसी की ओर बढ़ेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के अनुमान और अल-नीनो के जोखिमों की वजह से आउटलुक को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। मल्होत्रा का कहना है कि AI को लेकर चिंताओं के बावजूद सर्विस सेक्टर का प्रदर्शन अच्छा बना हुआ है।
RBI गवर्नर Sanjay Malhotra ने शुक्रवार को घोषणा की कि अनिवासी भारतीयों (NRI) और ओवरसीज सिटिजन ऑफ इंडिया (OCI) के लिए सूचीबद्ध भारतीय कंपनियों के शेयरों में निवेश की सीमा बढ़ाई जाएगी। यह निवेश बिना SEBI के अलग पंजीकरण के किया जा सकेगा। RBI ने यह सुविधा केवल NRI और OCI तक सीमित न रखते हुए विदेश में रहने वाले सभी पात्र व्यक्तियों (Persons Resident Outside India - PROI) तक बढ़ाने का फैसला किया है। यानी अब PROI को भी वही निवेश सुविधाएं मिलेंगी जो पहले सिर्फ NRI और OCI को उपलब्ध थीं।
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