बिजनेस न्यूज़
.png)
3 min read | अपडेटेड July 02, 2026, 15:46 IST
सारांश
प्रोजेक्ट में हर साल 40 लाख टन क्षमता वाली एल्युमिना रिफाइनरी, 20 लाख टन क्षमता वाला एल्युमीनियम स्मेल्टर, 4,000 मेगावाट का खुद के इस्तेमाल वाला पावर प्लांट, 10 लाख टन वार्षिक क्षमता वाला डाउनस्ट्रीम मैनुफैक्चरिंग पार्क और इससे जुड़ा बुनियादी ढांचा शामिल होगा।

ओडिशा सरकार का एल्युमीनियम परियोजना के लिए आईएचसी-अदाणी के साथ समझौता (Photo: Shutterstock)
ओडिशा सरकार ने संयुक्त अरब अमीरात (United Arab Emirates, UAE) की इंटरनेशनल होल्डिंग कंपनी (आईएचसी) और अडानी ग्रुप के साथ 1.10 लाख करोड़ रुपये का इंटीग्रेटेड एल्युमीनियम प्रोजेक्ट स्थापित करने के लिए एक समझौता ज्ञापन (Memorandum of Understanding, MoU) पर आज साइन किए। अधिकारियों के मुताबिक यह प्रोजेक्ट ओडिशा के इतिहास में सबसे बड़ा प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (Foreign Direct Investment, FDI) और भारत के धातुकर्म क्षेत्र (Metallurgy sector) में सबसे बड़ा एफडीआई प्रस्ताव है। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी और कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में इंटरनेशनल होल्डिंग कंपनी (आईएचसी) और इंडस्ट्रियल प्रमोशन एंड इन्वेस्टमेंट कॉरपोरेशन ऑफ ओडिशा (आईपीआईसीओएल) के बीच एमओयू पर साइन किए गए।
अडानी एंटरप्राइजेज लिमिटेड और आईएचसी ग्रुप की कंपनी इंटरनेशनल रिसोर्सेज होल्डिंग (आईआरएच) ओडिशा में इस इंटिग्रेटेड नए एल्युमीनियम प्रोजेक्ट के विकास के लिए 50:50 के संयुक्त उद्यम (Joint Venture, JV) का गठन करेंगे। अडानी ग्रुप के बयान के अनुसार, प्रोजेक्ट में निवेश के लिए दोनों साझेदार डेट और इक्विटी के जरिए पूंजी जुटाएंगे। प्रोजेक्ट में हर साल 40 लाख टन क्षमता वाली एल्युमिना रिफाइनरी, 20 लाख टन क्षमता वाला एल्युमीनियम स्मेल्टर, 4,000 मेगावाट का खुद के इस्तेमाल वाला पावर प्लांट, 10 लाख टन वार्षिक क्षमता वाला डाउनस्ट्रीम मैनुफैक्चरिंग पार्क और इससे जुड़ा बुनियादी ढांचा शामिल होगा। इससे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से करीब 53,500 लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है।
मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने कहा कि यह प्रोजेक्ट ओडिशा में इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट, रोजगार और आर्थिक परिवर्तन के लिए बहुत मौके देगी। उन्होंने कहा, ‘यह निवेश ओडिशा को खनन और रिफाइनिंग से लेकर स्मेल्टिंग और डाउनस्ट्रीम मैनुफैक्चरिंग तक संपूर्ण एल्युमीनियम वैल्यू चेन डेवलप करने में सक्षम बनाएगा।’ इस मौके पर आईएचसी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) सैयद बसर शुएब ने कहा, ‘आईआरएच के जरिए हम इंटिग्रेटेड खनन और खनिज कारोबार डेवलप कर रहे हैं। हम महत्वपूर्ण खनिजों में निवेश कर इंडस्ट्रियल ग्रोथ को समर्थन देने, सप्लाई चेन को मजबूत बनाने और स्वच्छ ऊर्जा बदलाव को गति देने की दिशा में काम कर रहे हैं।’
उन्होंने कहा, ‘अडानी एंटरप्राइजेज के साथ यह साझेदारी हमारी इसी रणनीति और वर्ल्ड लेवल इंटिग्रेटेड एल्युमीनियम प्रोजेक्ट डेवलप करने की साझा महत्वाकांक्षा को दर्शाती है, जो लॉन्ग टर्म इकोनॉमिक वैल्यू क्रिएट करेगी।’ अडानी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकॉनमिक जोन (एपीएसईजेड) के प्रबंध निदेशक और अडानी सीमेंट के निदेशक करण अडानी ने कहा कि प्रस्तावित प्रोजेक्ट ओडिशा को लॉन्ग टर्म मैनुफैक्चरिंग सेंटर के रूप में लेकर कंपनी के भरोसे को दर्शाती है। उन्होंने कहा, ‘अडानी ग्रुप और आईएचसी ग्रुप के बीच प्रस्तावित जॉइंट वेंचर हमारी मजबूत साझेदारी को और सुदृढ़ करेगा। ओडिशा सरकार के साथ मिलकर हम ऐसा इंटीग्रेटेड एल्युमीनियम एन्वॉयरमेंट डेवलप करेंगे जो रोजगार बनाएगा, वैल्यू-ऐडेड मैनुफैक्चरिंग का विस्तार करेगा और भारत की औद्योगिक प्रतिस्पर्धा क्षमता को मजबूत बनाएगा।’
संबंधित समाचार
लेखकों के बारे में
.png)
अगला लेख