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Q1FY26 में 19% रह सकती है NBFCs की लोन ग्रोथ, बीमा कंपनियों के लिए ये है अनुमान

Upstox

3 min read | अपडेटेड June 24, 2025, 18:00 IST

सारांश

रिपोर्ट में यह भी उम्मीद जताई गई है कि NBFCs का नेट प्रॉफिट जून तिमाही में सालाना 15 फीसदी बढ़ेगा, जो मार्च तिमाही में 5 फीसदी था। रिपोर्ट के मुताबिक इस ग्रोथ की वजह पूंजी जुटाने से हुआ लाभ और कुछ कंपनियों के घाटे से मुनाफे में लौटना है।

NBFCs

NBFCs का नेट प्रॉफिट जून तिमाही में सालाना 15 फीसदी बढ़ने की उम्मीद है।

वित्त वर्ष 2026 की पहली तिमाही में नॉन-बैंकिंग फाइनेंस कंपनियों (NBFCs) के लिए लोन ग्रोथ स्थिर रहने की उम्मीद है। यह पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 19 फीसदी और पिछली तिमाही से 4 फीसदी बढ़ सकती है। मॉर्गन स्टेनली की एक हालिया रिपोर्ट में यह बात कही गई है। यह दर FY25 की चौथी तिमाही में दर्ज 19 फीसदी की एनुअल ग्रोथ के बराबर है।

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रिपोर्ट में यह भी उम्मीद जताई गई है कि NBFCs का नेट प्रॉफिट जून तिमाही में सालाना 15 फीसदी बढ़ेगा, जो मार्च तिमाही में 5 फीसदी था। रिपोर्ट के मुताबिक इस ग्रोथ की वजह पूंजी जुटाने से हुआ लाभ और कुछ कंपनियों के घाटे से मुनाफे में लौटना है।

अगर एक बार के फायदे हटा दिए जाएं, तो भी असली मुनाफा करीब 18% तक बढ़ सकता है, जो पिछली तिमाही की 11% ग्रोथ से बेहतर है। यह सुधार काफी हद तक इसलिए है क्योंकि जून 2024 तिमाही का बेस हायर क्रेडिट कॉस्ट और लोअर मार्जिन के कारण कमजोर था।

लाइफ इंश्योरेंस सेक्टर को लेकर ये है अनुमान

रिपोर्ट के मुताबिक लाइफ इंश्योरेंस सेक्टर में कुछ कंपनियां बेहतर स्थिति में हैं। इसकी वजह अप्रैल और मई 2025 में एनुअल प्रीमियम इक्विवलेंट (APE) में मजबूत ग्रोथ है। रिपोर्ट के अनुसार, जून में कुछ कंपनियों के लिए APE में 9% से 6.5% की ग्रोथ हो सकती है। वहीं, एक प्रमुख बीमा कंपनी को अपनी तिमाही ग्रोथ को बराबर बनाए रखने के लिए सिर्फ जून में ही 9.5% ग्रोथ हासिल करनी होगी, क्योंकि पहली दो महीनों में प्रदर्शन कमजोर रहा।

वैल्यू ऑफ न्यू बिजनेस (VNB) की ग्रोथ में भी अंतर होगा। कुछ कंपनियों को गारंटीड प्रोडक्ट्स की बढ़ती मांग के चलते डबल डिजिट ग्रोथ मिल सकती है, खासकर हालिया ब्याज दरों में कटौती के बाद। दूसरी ओर, कुछ कंपनियों के लिए मुनाफे की मार्जिन फ्लैट रह सकती है और उनका प्रदर्शन जून के नतीजों पर निर्भर करेगा।

नॉन-लाइफ इंश्योरेंस के लिए रिपोर्ट में अभी कोई अनुमान नहीं दिया गया है, क्योंकि कंपनियों की जानकारी और रेगुलेटरी स्पष्टता का इंतजार किया जा रहा है। डिजिटल इंश्योरेंस कंपनियों की बात करें, तो यहां लगातार दूसरी तिमाही ग्रोथ धीमी रह सकती है। इसका कारण पिछले साल की पहली तिमाही में बहुत तेज ग्रोथ (65%) का हाई बेस है।

इस बीच कैपिटल मार्केट से जुड़ी कंपनियों के मुनाफे में अच्छी बढ़ोतरी की उम्मीद है क्योंकि बाजार में गतिविधि तेज बनी हुई है। हालांकि, रिपोर्ट चेतावनी देती है कि इस सेक्टर के वैल्यूएशन पहले से ही काफी ऊंचे हैं। इसमें निवेशकों को सतर्क या न्यूट्रल रुख अपनाने की सलाह दी गई है।

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Upstox Hindi News Desk पत्रकारों की एक टीम है जो शेयर बाजारों, अर्थव्यवस्था, वस्तुओं, नवीनतम व्यावसायिक रुझानों और व्यक्तिगत वित्त को उत्साहपूर्वक कवर करती है।

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