return to news
  1. HDB Financial Services IPO: निवेश का मन है तो पहले जान लें रिस्क फैक्टर्स, वरना बाद में हो सकता है पछतावा

मार्केट न्यूज़

HDB Financial Services IPO: निवेश का मन है तो पहले जान लें रिस्क फैक्टर्स, वरना बाद में हो सकता है पछतावा

Upstox

4 min read | अपडेटेड June 24, 2025, 12:58 IST

Twitter Page
Linkedin Page
Whatsapp Page

सारांश

HDB Financial Services IPO: आईपीओ के तहत ₹2,500 करोड़ के नए शेयर जारी किए जाएंगे। वहीं, HDFC Bank द्वारा ₹10000 करोड़ के शेयरों की बिक्री ऑफर फॉर सेल (OFS) के जरिए की जाएगी। HDFC Bank के पास कंपनी में 94.36% हिस्सेदारी है।

HDB Financial Services IPO

HDB Financial Services IPO: आईपीओ के लिए ₹700-₹740 प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया गया है।

HDB Financial Services IPO: HDFC Bank की सब्सिडियरी और NBFC कंपनी HDB फाइनेंशियल सर्विसेज का आईपीओ 25 जून को खुलने वाला है। कंपनी पब्लिक इश्यू के जरिए 12500 करोड़ रुपये जुटाना चाहती है। इसके लिए ₹700-₹740 प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया गया है। अपर बैंड पर कंपनी का मूल्य लगभग ₹61400 करोड़ है। एंकर निवेशकों के लिए यह 24 जून को एक दिन के लिए खुलेगा। निवेशक 27 जून तक निवेश कर सकेंगे।
Open FREE Demat Account within minutes!
Join now

आईपीओ के तहत ₹2,500 करोड़ के नए शेयर जारी किए जाएंगे। वहीं, HDFC Bank द्वारा ₹10000 करोड़ के शेयरों की बिक्री ऑफर फॉर सेल (OFS) के जरिए की जाएगी। HDFC Bank के पास कंपनी में 94.36% हिस्सेदारी है।

HDB Financial Services IPO से जुड़े रिस्क फैक्टर्स

अगर आप इस आईपीओ में निवेश का मन बना रहे हैं, तो कुछ जरूरी बातें आपको जान लेनी चाहिए। यहां हमने कंपनी से जुड़े उन 10 जोखिमों के बारे में बताया है, जिनका जिक्र RHP में है।

प्रमोटर को कम करनी पड़ सकती है हिस्सेदारी

एचडीबी फाइनेंशियल का कहना है कि अगर आरबीआई का 4 अक्टूबर 2024 को जारी ड्राफ्ट सर्कुलर लागू होता है, तो उसके प्रमोटर को कंपनी में अपनी हिस्सेदारी 20 फीसदी से नीचे लानी पड़ सकती है। इसका कंपनी के कामकाज, वित्तीय स्थिति और शेयर प्राइस पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।

ग्रॉस स्टेज 3 लोन में बढ़ोतरी

एचडीबी फाइनेंशियल ने कहा है कि 31 मार्च 2025 तक उसका ग्रॉस स्टेज 3 लोन, टोटल ग्रॉस लोन के 2.26% पर पहुंच गया, जो 31 मार्च 2024 तक 1.90% था। ग्रॉस स्टेज 3 लोन ऐसे लोन होते हैं जो 90 दिनों से अधिक समय से बकाया हों। अगर कस्टमर्स पेमेंट नहीं करते हैं या कंपनी पर्याप्त प्रोविजनिंग नहीं कर पाती तो इसका असर उसके मुनाफे पर पड़ सकता है।

अनसिक्योर्ड लोन में कमी

31 मार्च 2025 तक अनसिक्योर्ड लोन कंपनी के टोटल ग्रॉस लोन का 26.99% था, जो 31 मार्च 2024 तक 28.66% से कम है। अनसिक्योर्ड लोन वे लोन होते हैं, जिसमें कुछ भी गिरवी नहीं रखा जाता। अगर कस्टमर्स पेमेंट नहीं करते हैं तो कंपनी को नुकसान हो सकता है।

सिक्योर्ड लोन से जुड़े जोखिम

एचडीबी फाइनेंशियल का कहना है कि 31 मार्च 2025 तक सिक्योर्ड लोन उसके टोटल ग्रॉस लोन का 73.01% था। कंपनी ने कहा कि अगर गिरवी रखी गई संपत्ति का मूल्य कम होता है या उसे बेचने में देरी होती है, तो उसे घाटा हो सकता है और उसकी आर्थिक स्थिति पर असर पड़ सकता है।

एसेट-लायबिलिटी में असंतुलन का खतरा

कंपनी ने चेतावनी दी है कि भविष्य में उसके पास एसेट-लायबिलिटी का असंतुलन हो सकता है। इससे लिक्विडिटी इश्यू और मुनाफे पर असर हो सकता है।

कानूनी मामले

एचडीबी फाइनेंशियल के प्रमोटर और डायरेक्टर्स कुछ कानूनी मामलों में शामिल हैं। कुछ मामलों में रेगुलेटरी एजेंसियों ने जुर्माने भी लगाए हैं। अगर इन मामलों में कोई नकारात्मक फैसला आता है, तो इससे कंपनी की साख और आर्थिक स्थिति पर असर पड़ सकता है।

नेगेटिव कैश फ्लो

वित्त वर्ष 2023 में कंपनी ने अपने ऑपरेशंस, निवेश और फंडिंग गतिविधियों में नेगेटिव कैश फ्लो दिखाया है। आगे भी ऐसा हो सकता है क्योंकि कंपनी अपने नेटवर्क को देशभर में बढ़ाने के लिए पैसा खर्च कर रही है।

IPO का बड़ा हिस्सा OFS

कंपनी के IPO का बड़ा हिस्सा "ऑफर फॉर सेल" है। इसका मतलब है कि इससे मिलने वाला पैसा कंपनी को नहीं मिलेगा, बल्कि मौजूदा शेयरधारक को मिलेगा।

HDFC Bank को दी जाने वाली BPO सर्विस पर निर्भरता

कंपनी अपने प्रमोटर HDFC Bank को BPO सेवाएं (बैक ऑफिस, सेल्स सपोर्ट, कलेक्शन आदि) देती है। मार्च 2025 तक इन सेवाओं से कंपनी के कुल प्रॉफिट का 2.44% आया। अगर ये सेवाएं बंद हो गईं तो कंपनी के मुनाफे पर असर पड़ सकता है।

प्रमोटर पर निर्भरता और हितों का टकराव

कंपनी कहती है कि वह अपने प्रमोटर HDFC Bank की पहचान और सहयोग पर निर्भर है। हालांकि, कई बार प्रमोटर के अपने हित कंपनी या उसके अन्य निवेशकों के हितों से टकरा सकते हैं। HDB Financial, HDFC Bank और प्रमोटर ग्रुप की दूसरी कंपनियों (जैसे HDFC Sales और HDFC Securities) के साथ मिलती-जुलती सेवाएं देती है, जिससे प्रतिस्पर्धा और हितों का टकराव हो सकता है।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)
SIP
टाइमिंग पर भारी पड़ती है निरंतरता
promotion image

लेखकों के बारे में

Upstox
Upstox Hindi News Desk पत्रकारों की एक टीम है जो शेयर बाजारों, अर्थव्यवस्था, वस्तुओं, नवीनतम व्यावसायिक रुझानों और व्यक्तिगत वित्त को उत्साहपूर्वक कवर करती है।

अगला लेख