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सारांश
आईएमएफ ने कहा कि उसे इस साल तेल की कीमतों में करीब 41% वृद्धि के साथ तेल का औसत भाव 96 डॉलर प्रति बैरल रहने का अनुमान है। इससे ग्लोबल महंगाई दर 2026 में बढ़कर 4.7% हो सकती है, जो पिछले साल 4.1% थी।

भारत की GDP ग्रोथ पर IMF का बड़ा अपडेट, 7% का अनुमान; चीन और अमेरिका कितनी तेजी से बढ़ेंगे? (Photo: Shutterstock)
अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (International Monetary Fund, IMF) ने इस साल ग्लोबल इकॉनमी की वृद्धि का अनुमान थोड़ा बढ़ाया है, लेकिन साथ ही वृद्धि दर सुस्त 3.1% रहने की आशंका जताई है। आईएमएफ ने जुलाई में ग्लोबल वृद्धि दर 3% रहने का अनुमान लगाया था। साल 2025 में ग्लोबल इकॉनमी 3.5% की वार्षिक दर से बढ़ी थी। आईएमएफ के मंगलवार को जारी आर्थिक परिदृश्य के अनुसार, अमेरिका की आर्थिक वृद्धि 2026 और 2027 में 2.3% पर स्थिर रहने का अनुमान है। आईएमएफ ने कहा कि उसे इस साल तेल की कीमतों में करीब 41% वृद्धि के साथ तेल का औसत भाव 96 डॉलर प्रति बैरल रहने का अनुमान है। इससे ग्लोबल महंगाई दर 2026 में बढ़कर 4.7% हो सकती है, जो पिछले साल 4.1% थी।
इस रिपोर्ट में कहा गया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के सेक्टर में तेजी से हो रहे विकास से तेल और गैस की कीमतों में भारी बढ़ोतरी के नुकसान की भरपाई हो रही है। यह रिपोर्ट ऐसे समय आई है, जब ग्लोबल इकॉनमी और वित्तीय क्षेत्र के लीडर आईएमएफ और वर्ल्ड बैंक की विंटर सीजन मीटिंग्स के लिए बैंकॉक में जुट रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक एआई सेक्टर की तेजी का फायदा हालांकि सभी देशों को समान रूप से नहीं मिल रहा है। कंप्यूटर चिप और एआई से जुड़े अन्य उपकरणों के आयात की शुद्ध मांग में अमेरिका और चीन की हिस्सेदारी तीन-चौथाई से अधिक है।
आईएमएफ की शोध निदेशक सिलवाना टेनरेरो ने बैंकॉक में कहा, ‘आर्थिक परिदृश्य में काफी असमानता है।’ रिपोर्ट में कहा गया कि आर्थिक वृद्धि कुछ देशों में अधिक केंद्रित होती जा रही है। अब 32 देश ग्लोबल वृद्धि में 95% योगदान दे रहे हैं, जबकि अप्रैल तक ऐसे देशों की संख्या 54 थी। इसमें कहा गया, ‘ग्लोबल इकॉनमी की रफ्तार केवल धीमी या तेज नहीं हो रही है। बल्कि, युद्ध के कारण आपूर्ति में आए झटकों और एआई से जुड़ी मजबूत मांग के असर के आधार पर विभिन्न देशों के बीच वृद्धि का डिस्ट्रीब्यूशन बदल रहा है।’ बैंकॉक में हो रही बैठकों में एआई का रोजगार पर असर भी प्रमुख मुद्दा है।
आईएमएफ की प्रबंध निदेशक क्रिस्टालिना जॉर्जीवा ने सोमवार को एक कार्यक्रम में कहा, ‘भले ही यह धीरे-धीरे आगे बढ़ने वाली सुनामी है, लेकिन है तो यह सुनामी ही।’ उन्होंने कहा, ‘हमारा अनुमान है कि समय के साथ दुनिया भर में करीब 40% नौकरियां प्रभावित होंगी। इनमें ऐसी नौकरियां शामिल हैं, जिनमें एआई से काम करने की क्षमता बढ़ेगी जिनका स्तर घटेगा या जो खत्म हो जाएंगी। हम इनमें से कुछ असर पहले ही देख रहे हैं।’ रिपोर्ट के मुताबिक, विकसित अर्थव्यवस्थाओं की वृद्धि दर इस साल मामूली बढ़कर 2.1% रहने का अनुमान है, जो 2025 में 2% थी। इसके बाद 2027 में इसके धीमी होकर 1.9% रहने की आशंका है।
आईएमएफ ने अपने अनुमानों में यह माना है कि होर्मुज स्ट्रेट के रास्ते तेल एवं गैस की आपूर्ति मार्च तक फिर शुरू हो जाएगी और एआई से जुड़ी मांग में तेजी कुछ कम हो जाएगी। रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका की आर्थिक वृद्धि 2.3% पर स्थिर रहने का अनुमान है। यूरो मुद्रा साझा करने वाले 21 यूरोपीय देशों की अर्थव्यवस्थाओं में इस साल 1.1% और 2027 में 1.2% की वृद्धि का अनुमान है। दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था चीन के इस साल 4.5% की दर से बढ़ने का अनुमान है, जो 2025 की 5% वृद्धि से कम है। यह चीन सरकार के आधिकारिक लक्ष्य के अनुरूप है।
आईएमएफ ने भारत को एक बार फिर दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली प्रमुख अर्थव्यवस्था बताया है। भारत की वृद्धि दर इस साल 7% रहने का अनुमान है, जो पिछले साल की 7.7% की तेज वृद्धि से कम है। आईएमएफ 191 देशों का एक ऋणदाता संगठन है। इसका उद्देश्य आर्थिक वृद्धि एवं वित्तीय स्थिरता को बढ़ावा देना और वैश्विक गरीबी कम करना है। बैंकॉक में हो रही बैठकों में वित्त मंत्री और केंद्रीय बैंक के गवर्नर वैश्विक अर्थव्यवस्था की स्थिति का आकलन करेंगे तथा वित्तीय स्थिरता तथा सतत वृद्धि को समर्थन देने की रणनीतियों पर चर्चा करेंगे।
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