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  1. Gold-Silver Price: डॉलर में मजबूती से कमजोर पड़ा सोना, चांदी में भी हल्की गिरावट, इन फैक्टर्स पर टिकी नजर

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Gold-Silver Price: डॉलर में मजबूती से कमजोर पड़ा सोना, चांदी में भी हल्की गिरावट, इन फैक्टर्स पर टिकी नजर

Shubham Singh Thakur

3 min read | अपडेटेड October 13, 2026, 08:17 IST

सारांश

सोने और चांदी की कीमतों में यह गिरावट US डॉलर के मजबूत होने के चलते आई है। इसके साथ ही फेडरल रिजर्व के ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता का असर भी कीमती धातुओं पर दिख रहा है। दूसरी तरफ US में महंगाई के आंकड़े भी आने वाले हैं।

Gold Silver

डॉलर मजबूत होने की वजह से सोने और चांदी की कीमतों में ज्यादा तेजी नहीं आ पा रही है।

Gold-Silver Price: सोने या चांदी के खरीदारों के लिए राहत की खबर है। आज 13 अक्तूबर को दोनों धातुओं की कीमतों में हल्की गिरावट नजर आ रही है। bullions.co.in के अनुसार सुबह करीब 08 बजे 24 कैरेट वाले 10 ग्राम सोने का भाव 149,760 रुपये पर आ गया है। इसके साथ ही चांदी की कीमत भी 223,280 रुपये प्रति किलो के स्तर पर देखी गई। आज कॉमेक्स पर सोने का वायदा भाव 0.02 फीसदी मामूली गिरकर 4,189.60 डॉलर प्रति औंस पर आ गया। वहीं, चांदी की कीमत 0.34 फीसदी घटकर 60.31 डॉलर प्रति औंस तक लुढ़क गई।
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सोने और चांदी की कीमतों में यह गिरावट US डॉलर के मजबूत होने के चलते आई है। इसके साथ ही फेडरल रिजर्व के ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता का असर भी कीमती धातुओं पर दिख रहा है। दूसरी तरफ US में महंगाई के आंकड़े भी आने वाले हैं।

क्या है सोने-चांदी में कमजोरी की वजह

डॉलर मजबूत होने की वजह से सोने और चांदी की कीमतों में ज्यादा तेजी नहीं आ पा रही है। वहीं, कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण महंगाई को लेकर चिंता बनी हुई है। अब निवेशकों की नजर अमेरिका के महंगाई के आंकड़ों पर है, जिनसे यह संकेत मिलेगा कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व आगे ब्याज दरों में क्या बदलाव कर सकता है।

अमेरिकी डॉलर इंडेक्स करीब 18 महीने के ऊंचे स्तर पर है, जिससे सोने और चांदी की कीमतों में तेजी सीमित हो रही है। सोने और चांदी की कीमतों पर डॉलर और अमेरिकी बॉन्ड की ब्याज दरों का सीधा असर पड़ता है। डॉलर मजबूत होने पर दूसरे देशों के खरीदारों के लिए सोना महंगा हो जाता है। वहीं, ब्याज दरें बढ़ने पर निवेशक सोने के बजाय ऐसे विकल्पों में पैसा लगाना पसंद कर सकते हैं, जिनसे ब्याज मिलता है।

दूसरी ओर, पश्चिम एशिया में तनाव और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें भी बाजार को प्रभावित कर रही हैं। ब्रेंट क्रूड करीब 105 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया, जो दो सप्ताह के ऊंचे स्तर के करीब है। तेल महंगा होने से महंगाई बढ़ने का खतरा रहता है। ऐसे में अमेरिकी फेडरल रिजर्व ब्याज दरों में कटौती करने में देरी कर सकता है।

अब किन फैक्टर्स पर रहेगी बाजार की नजर?

आने वाले दिनों में अमेरिका के महंगाई के आंकड़े, फेडरल रिजर्व के बयान, डॉलर की चाल और अमेरिकी बॉन्ड की ब्याज दरें सोने-चांदी की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगी। एक्सपर्ट्स का कहना है कि पिछले सप्ताह फेडरल रिजर्व के सख्त रुख, मजबूत डॉलर और अमेरिकी बॉन्ड की ऊंची ब्याज दरों से सोने-चांदी पर दबाव पड़ा था। हालांकि, ईरान के साथ बातचीत में प्रगति से जुड़ी टिप्पणियों के बाद तेल की कीमतों और महंगाई को लेकर चिंता कुछ कम हुई, जिससे बाजार के माहौल में सुधार आया।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)

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