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3 min read | अपडेटेड March 24, 2026, 10:54 IST
सारांश
हिमाचल प्रदेश सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर 'अनाथ और विधवा सेस' लगाने का फैसला किया है। विधानसभा में भारी विरोध और विपक्ष के वॉकआउट के बीच यह संशोधन विधेयक पास हो गया। सरकार का कहना है कि इससे होने वाली कमाई का इस्तेमाल समाज के कमजोर तबकों की मदद के लिए किया जाएगा।

हिमाचल प्रदेश में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी की तैयारी, सरकार ने पास किया नया सेस बिल।
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव की वजह से पहले ही दुनिया भर में कच्चे तेल के दाम आसमान छू रहे हैं। पेट्रोल, डीजल और गैस की कीमतों ने आम आदमी का बजट बिगाड़ दिया है। इसी बीच हिमाचल प्रदेश की सुखविंदर सिंह सुक्खू सरकार ने राज्य की जनता को एक और बड़ा झटका दे दिया है। राज्य सरकार ने पेट्रोल और हाईस्पीड डीजल पर 'अनाथ और विधवा सेस' लगाने का फैसला किया है। इसके लिए विधानसभा में एक विशेष संशोधन विधेयक लाया गया, जिसे भारी हंगामे के बीच पारित कर दिया गया है। अब राज्य में तेल की कीमतों में बढ़ोतरी होना बिल्कुल तय माना जा रहा है। सरकार के इस कदम से आम जनता की जेब पर सीधा असर पड़ेगा।
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने 23 मार्च 2026 को विधानसभा में हिमाचल प्रदेश मूल्य परिवर्धित कर (संशोधन) विधेयक पेश किया। इस विधेयक का मुख्य मकसद राज्य में बिकने वाले पेट्रोल और डीजल पर एक नया सेस लागू करना है। सरकार के इस कदम के बाद अब राज्य में जब भी पेट्रोल या डीजल की पहली बिक्री होगी, उस वक्त यह सेस वसूला जाएगा। इस कानून के कार्यान्वयन के बाद राज्य सरकार के पास यह अधिकार होगा कि वह अधिसूचना के माध्यम से इस सेस की दरें तय कर सके। सरकार का तर्क है कि इससे जो रेवेन्यू आएगा, वह सीधे समाज सेवा में लगाया जाएगा।
जैसे ही सदन में यह विधेयक चर्चा के लिए आया, विपक्ष ने इस पर जोरदार हमला बोल दिया। भारतीय जनता पार्टी के विधायकों ने इसे महंगाई की मार झेल रही जनता पर एक अनावश्यक बोझ करार दिया। विपक्ष का कहना है कि इस फैसले से हिमाचल में डीजल 90 रुपये के पार और पेट्रोल 100 रुपये के पार पहुंच जाएगा। विपक्ष ने अनाथ और विधवा जैसे शब्दों के इस्तेमाल पर भी कड़ी आपत्ति जताई और कहा कि सरकार को इन नामों का सहारा लेकर टैक्स नहीं बढ़ाना चाहिए। लंबी बहस और हंगामे के बाद जब सरकार ने विधेयक वापस नहीं लिया, तो विरोध स्वरूप विपक्ष ने सदन से वॉकआउट कर दिया।
विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि बीजेपी विधवा और अनाथ विरोधी है। उन्होंने साफ किया कि सरकार का लक्ष्य समाज के सबसे कमजोर तबकों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है। मुख्यमंत्री ने तर्क दिया कि अगर उनकी सरकार अनाथ बच्चों और विधवाओं के कल्याण के लिए कुछ नया कर रही है, तो इसमें बुराई क्या है। उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र सरकार खुद पेट्रोल और डीजल पर 27 रुपये का सेस वसूलती है। सीएम ने दावा किया कि पड़ोसी राज्यों पंजाब और हरियाणा में पेट्रोल-डीजल अभी भी हिमाचल से करीब दो रुपये महंगा है और नया सेस लगने के बाद भी हिमाचल में तेल इन राज्यों से सस्ता ही रहेगा।
हिमाचल प्रदेश में वर्तमान में पेट्रोल पर 17 पर्सेंट और डीजल पर 13.9 पर्सेंट टैक्स वसूला जा रहा है। विपक्ष के अनुसार, सरकार पहले ही तेल की कीमतों में 7 रुपये की बढ़ोतरी कर चुकी है और अब 5 रुपये का नया सेस लगना जनता की कमर तोड़ने जैसा होगा। यह विधेयक अब मंजूरी के लिए राज्यपाल के पास भेजा जाएगा। जैसे ही राज्यपाल के हस्ताक्षर होंगे, यह कानून बनकर पूरे प्रदेश में लागू हो जाएगा। इसके बाद पेट्रोल-डीजल की नई कीमतें तय होंगी।
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