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FY26 के पहले क्वार्टर में GST चोरी के आंकड़ों से चकराया सिर, पकड़ी गई ₹15,851 करोड़ की चपत

Upstox

3 min read | अपडेटेड July 21, 2025, 08:10 IST

सारांश

FY 2025-26 की पहली तिमाही के दौरान केंद्रीय और राज्य जीएसटी अधिकारियों द्वारा पकड़ी गई फर्जी कंपनियों की कुल संख्या 3,558 रही, जो इससे पिछले FY की समान तिमाही के आंकड़े 3,840 से कम है।

जीएसटी

अप्रैल-जून तिमाही में जीएसटी चोरी के आंकड़े यहां देखें

Goods and Services Tax (GST) यानी कि माल एवं सेवा कर अधिकारियों ने मौजूदा फाइनेंशियल ईयर के पहले (अप्रैल-जून) क्वार्टर में 15,851 करोड़ रुपये के फर्जी इनपुट कर क्रेडिट (आईटीसी) दावों का पता लगाया है। यह पिछले फाइनेंशियल ईयर के समान पीरियड की तुलना में 29 प्रतिशत अधिक है। हालांकि, जाली कंपनियों की संख्या में सालाना आधार पर कमी आई है। FY 2025-26 की पहली तिमाही के दौरान केंद्रीय और राज्य जीएसटी अधिकारियों द्वारा पकड़ी गई फर्जी कंपनियों की कुल संख्या 3,558 रही, जो इससे पिछले FY की समान तिमाही के आंकड़े 3,840 से कम है।

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गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत की अध्यक्षता में राज्यों के वित्त मंत्रियों की एक समिति वर्तमान में विशिष्ट क्षेत्रों में टैक्स चोरी की स्टडी कर रही है और आईटीसी धोखाधड़ी को रोकने के तरीकों पर विचार कर रही है। एक अधिकारी ने कहा, ‘औसतन, हर महीने लगभग 1,200 फर्जी कंपनियां पकड़ में आ रही हैं। अप्रैल-जून के पीरियड में फर्जी कंपनियों की संख्या पिछले साल की समान अवधि की तुलना में कम है, जो दर्शाता है कि फर्जी जीएसटी पंजीकरण के खिलाफ अभियान कारगर रहा है।’

पकड़ी गईं 3,558 फर्जी कंपनियां

चालू FY की जून तिमाही के दौरान केंद्रीय और राज्य जीएसटी अधिकारियों द्वारा पकड़ी गई फर्जी कंपनियों और आईटीसी धोखाधड़ी के आंकड़ों के अनुसार, 3,558 फर्जी फर्मों से जुड़े 15,851 करोड़ रुपये का आईटीसी धोखाधड़ी से लिया गया। इस दौरान, जीएसटी अधिकारियों ने 53 लोगों को गिरफ्तार किया और 659 करोड़ रुपये बरामद किए गए।

FY 2024-25 के पहले क्वार्टर में, जीएसटी अधिकारियों ने 3,840 फर्जी कंपनियों से जुड़े 12,304 करोड़ रुपये के फर्जी आईटीसी का पता लगाया था। 549 करोड़ रुपये बरामद किए गए थे और 26 लोगों को गिरफ्तार किया गया था। जीएसटी व्यवस्था के तहत, आईटीसी कंपनियों द्वारा आपूर्तिकर्ताओं से खरीदारी पर चुकाए गए टैक्सों से है। टैक्स देयता का भुगतान करते समय इस टैक्स का क्लेम क्रेडिट या कटौती के रूप में किया जा सकता है।

फर्जी आईटीसी से निपटना जीएसटी प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती रही है क्योंकि बेईमान तत्व केवल आईटीसी का दावा करने और सरकारी खजाने को चूना लगाने के लिए फर्जी कंपनियां बना लेते हैं। साल 2024-25 के दौरान, जीएसटी अधिकारियों ने 61,545 करोड़ रुपये की आईटीसी धोखाधड़ी में शामिल 25,009 फर्जी कंपनियों का पता लगाया था। जीएसटी अधिकारियों ने जीएसटी के तहत फर्जी पंजीकरण के खिलाफ दो अखिल भारतीय अभियान चलाए हैं।

जीएसटी अधिकारियों को इन अभियानों से मिला क्या फायदा?

16 मई, 2023 से 15 जुलाई, 2023 के बीच फर्जी पंजीकरण के खिलाफ पहले अभियान में, जीएसटी पंजीकरण वाली कुल 21,791 इकाइयों का अस्तित्व नहीं मिला था। पहले विशेष अभियान के दौरान 24,010 करोड़ रुपये की संदिग्ध कर चोरी का पता चला था। इसी तरह 16 अप्रैल से 30 अक्टूबर, 2024 के बीच दूसरे अभियान में, जीएसटी अधिकारियों ने जीएसटी के तहत पंजीकृत लगभग 18,000 फर्जी कंपनियों का पता लगाया, जो लगभग 25,000 करोड़ रुपये की कर चोरी में शामिल रही हैं।

भाषा इनपुट के साथ

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Upstox Hindi News Desk पत्रकारों की एक टीम है जो शेयर बाजारों, अर्थव्यवस्था, वस्तुओं, नवीनतम व्यावसायिक रुझानों और व्यक्तिगत वित्त को उत्साहपूर्वक कवर करती है।

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