return to news
  1. सोने-चांदी समेत सरकार ने कीमती धातुओं पर बढ़ाई इंपोर्ट ड्यूटी, क्या होगा इसका असर, यहां समझें

बिजनेस न्यूज़

सोने-चांदी समेत सरकार ने कीमती धातुओं पर बढ़ाई इंपोर्ट ड्यूटी, क्या होगा इसका असर, यहां समझें

Namita Shukla

3 min read | अपडेटेड May 13, 2026, 08:22 IST

सारांश

वित्त मंत्रालय ने अधिसूचना 16/2026-सीमा शुल्क के माध्यम से कीमती धातुओं और उनके मूल तत्वों पर सीमा शुल्क की दरों को अपडेट किया है। सोने और चांदी के मूल तत्वों पर 5% और प्लैटिनम के मूल तत्वों पर 5.4% सीमा शुल्क लगेगा।

सोना-चांदी

सोने चांदी समेत कीमती धातुओं पर सरकार ने बढ़ाई इंपोर्ट ड्यूटी

आज यानी कि 13 मई को ज्वेलरी कंपनियों के शेयरों और सोने-चांदी की कीमतों पर निवेशकों की नजरें गड़ी रहने की उम्मीद है। दरअसल सरकार ने कीमती धातुओं (सोना, चांदी, प्लैटिनम) की विदेशी खरीद पर अंकुश लगाने और देश के विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव कम करने के लिए सोने और चांदी पर कस्टम ड्यूटी 6% से बढ़ाकर 15% कर दी है। बढ़ी हुई ड्यूटी से कीमती धातुओं के दुनिया के दूसरे सबसे बड़े उपभोक्ता देश में मांग कम हो सकती है, हालांकि इससे भारत के व्यापार घाटे को कम करने और रुपये को सहारा देने में मदद मिल सकती है, जो एशिया की सबसे कमजोर मुद्राओं में से एक है।

Open FREE Demat Account within minutes!
Join now

हालांकि, मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक उद्योग जगत के अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि बढ़ी हुई कस्टम ड्यूटी से तस्करी फिर से बढ़ सकती है, जो भारत द्वारा 2024 के बीच में कस्टम ड्यूटी कम करने के बाद कम हो गई थी। सरकार ने सोने और चांदी के आयात पर 10% बेसिक कस्टम ड्यूटी के साथ 5% एग्रिकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर एंड डेवलपमेंट सेस (AIDC) लगाया है, जिससे प्रभावी इंपोर्ट टैक्स 6% से बढ़कर 15% हो गया है।

इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन के नैशनल सेक्रेटरी सुरेंद्र मेहता ने कहा, ‘जैसा कि उम्मीद थी, सरकार ने चालू खाता घाटे को कम करने के लिए ड्यूटी बढ़ा दी है। हालांकि, इससे मांग प्रभावित हो सकती है, क्योंकि सोने और चांदी की कीमतें पहले से ही अधिक थीं।’ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को नागरिकों से विदेशी मुद्रा भंडार की रक्षा के लिए एक साल तक सोने की खरीदारी से बचने का आग्रह किया था। भारत अपनी लगभग सभी सोने की खपत आयात के माध्यम से पूरी करता है।

क्या हो सकता है इसका असर?

सरकार द्वारा सोने और चांदी पर प्रभावी इंपोर्ट ड्यूटी को 6% से बढ़ाकर 15% करने के फैसले से घरेलू सोने की कीमतों में उछाल आने और निकट भविष्य में आभूषण शेयरों पर पॉजिटिव असर पड़ने की उम्मीद है। भारत अपनी अधिकांश सोने की आवश्यकता का आयात करता है, और इंपोर्ट ड्यूटी में वृद्धि से कीमती धातु की लागत सीधे बढ़ जाती है। जिसके चलते, इंटरनेशनल सोने की कीमतें स्थिर रहने पर भी घरेलू सोने की कीमतों में और वृद्धि हो सकती है। इस कदम से घरेलू प्रीमियम में वृद्धि और आभूषणों की मांग में नरमी भी आ सकती है, खासकर तब जब सोने की कीमतें पहले से ही हाइ लेवल पर कारोबार कर रही हैं। अगर कीमतें तेजी से बढ़ती रहीं तो सोने के सिक्कों और ईटीएफ की मांग में भी समय के साथ कमी आ सकती है। उच्च घरेलू प्रीमियम का मतलब है कि भारत में सोना इंटरनेशनल कीमतों की तुलना में अधिक मार्जिन पर बिक सकता है।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)

लेखकों के बारे में

Namita Shukla
Namita Shukla is a seasoned journalist with over 15 years of experience in Hindi media. She has worked with some of the most reputed news organizations, including Navbharat Times, Dainik Jagran, Aaj Tak, and Hindustan Times Hindi. Throughout her career, Namita has reported on a wide range of beats such as national affairs, sports, business, and entertainment, bringing clarity and depth to her reporting. In addition to her journalistic work, she is a certified fact-checker by both Google and Meta, underscoring her commitment to accuracy and ethical journalism in the digital age.

अगला लेख