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4 min read | अपडेटेड July 10, 2026, 13:30 IST
सारांश
इंडियन बैंक ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के अपने कंसोलिडेटेड वित्तीय नतीजे जारी कर दिए हैं। चालू वित्त वर्ष की जून तिमाही में बैंक का नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर बढ़कर 3,356.63 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है। इसके साथ ही बैंक के रेवेन्यू में भी अच्छी बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

पहली तिमाही के कंसोलिडेटेड नतीजों में इंडियन बैंक का मुनाफा और रेवेन्यू दोनों चमके। | Image: Shutterstock
सार्वजनिक क्षेत्र के प्रमुख बैंकों में से एक इंडियन बैंक ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के लिए अपने कंसोलिडेटेड वित्तीय नतीजे जारी कर दिए हैं। बैंक की ओर से जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक इस तिमाही में उसके नेट प्रॉफिट और टोटल इनकम दोनों में ही शानदार बढ़ोतरी देखने को मिली है। बैंक ने बाजार की उम्मीदों के मुताबिक बेहतरीन ऑपरेशनल परफॉर्मेंस पेश की है। इसके अलावा बैंक ने अपनी एसेट क्वालिटी को सुधारने में भी बड़ी सफलता हासिल की है जिसके कारण बैंक के एनपीए रेशियो में भारी गिरावट आई है।
इंडियन बैंक के कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट में इस तिमाही के दौरान जबरदस्त उछाल देखने को मिला है। जून 2026 को समाप्त हुई इस तिमाही में बैंक का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट बढ़कर 3,356.63 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है। अगर हम इसकी तुलना पिछले साल की इसी तिमाही यानी जून 2025 से करें तो तब बैंक को 2,276.37 करोड़ रुपये का नेट प्रॉफिट हुआ था। इस तरह सालाना आधार पर बैंक के मुनाफे में एक बहुत बड़ी बढ़त दर्ज की गई है। वहीं अगर हम पिछली तिमाही यानी मार्च 2026 से तुलना करें तो तब बैंक का नेट प्रॉफिट 3,173.05 करोड़ रुपये रहा था। इस लिहाज से तिमाही दर तिमाही आधार पर भी बैंक का मुनाफा बढ़ा है।
बैंक ने इस तिमाही में कमाई के मामले में भी नया रिकॉर्ड बनाया है। पहली तिमाही के दौरान इंडियन बैंक की कंसोलिडेटेड टोटल इनकम यानी रेवेन्यू बढ़कर 20,997.38 करोड़ रुपये हो गई है। पिछले साल की समान तिमाही में बैंक की टोटल इनकम 18,905.60 करोड़ रुपये दर्ज की गई थी। बैंक की इस कुल कमाई में ब्याज से होने वाली इनकम का सबसे बड़ा योगदान रहा है। बैंक ने इस तिमाही में 18,095.14 करोड़ रुपये की ब्याज से इनकम यानी इंटरेस्ट अर्न किया है जो पिछले साल जून तिमाही के 16,285.10 करोड़ रुपये के मुकाबले काफी ज्यादा है। इसके अलावा बैंक की अन्य इनकम भी 2,620.50 करोड़ रुपये से बढ़कर 2,902.24 करोड़ रुपये पर पहुंच गई है।
बैंक के ऑपरेशन को मजबूत रखने में उसके ऑपरेटिंग प्रॉफिट की भी अहम भूमिका रही है। इस तिमाही में बैंक का ऑपरेटिंग प्रॉफिट 5,588.06 करोड़ रुपये रहा है जो पिछले साल की इसी तिमाही के 4,792.38 करोड़ रुपये के मुकाबले शानदार बढ़त को दिखाता है। इस दौरान बैंक का कुल खर्चा भी बढ़ा है। बैंक का कुल खर्च इस तिमाही में 15,409.32 करोड़ रुपये रहा है जो पिछले साल जून तिमाही में 14,113.22 करोड़ रुपये था। बैंक के कर्मचारियों पर आने वाली लागत यानी एम्प्लॉई कॉस्ट भी बढ़कर 3,098.53 करोड़ रुपये हो गई है जो पिछले साल 2,644.70 करोड़ रुपये थी।
इंडियन बैंक के लिए सबसे राहत की बात उसकी एसेट क्वालिटी में आया बड़ा सुधार है। बैंक का ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स यानी ग्रॉस एनपीए घटकर 1.86 पर्सेंट पर आ गया है। पिछले साल जून 2025 की तिमाही में यह आंकड़ा 3.01 पर्सेंट के ऊंचे स्तर पर था। वहीं पिछली मार्च तिमाही में यह 1.98 पर्सेंट था। बैंक का नेट एनपीए भी इस तिमाही में महज 0.15 पर्सेंट रह गया है जो पिछले साल की समान तिमाही में 0.18 पर्सेंट था। बैंक का कुल ग्रॉस एनपीए अमाउंट अब घटकर 12,710.34 करोड़ रुपये रह गया है जो पिछले साल 18,066.88 करोड़ रुपये था।
बैंक की वित्तीय स्थिति को मजबूत रखने वाला कैपिटल एडेक्वसी रेशियो बासेल तीन नियमों के तहत इस तिमाही में 17.80 पर्सेंट दर्ज किया गया है। पिछले साल जून तिमाही में यह 17.99 पर्सेंट था। बैंक का अर्निंग पर शेयर यानी ईपीएस भी इस तिमाही में बढ़कर 24.92 रुपये पर पहुंच गया है जो पिछले साल की पहली तिमाही में 16.90 रुपये था। बैंक का रिटर्न ऑन एसेट्स भी इस तिमाही में सुधरकर 1.34 पर्सेंट हो गया है जो पिछले साल की जून तिमाही में 1.03 पर्सेंट दर्ज किया गया था।
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