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Gold Rate Today: कच्चे तेल की तेजी और फेड के फैसले से सोने पर दबाव, चांदी भी फिसली

Namita Shukla

3 min read | अपडेटेड October 26, 2026, 08:19 IST

सारांश

इंटरनेशनल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने से महंगाई की चिंता बढ़ गई है। वहीं, अमेरिकी फेडरल रिजर्व के ब्याज दरों पर फैसले से पहले सोने-चांदी के बाजार में भी दबाव देखने को मिल रहा है।

सोने का दाम

सोने-चांदी की अगली चाल होगी तय, फेडरल रिजर्व के फैसले पर टिकी बाजार की नजर (Photo: Shutterstock)

सोने और चांदी के दामों में पिछले कुछ दिनों में काफी ज्यादा उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। सोने और चांदी के दाम पिछले कुछ दिनों में काफी नीचे भी आए हैं। अगर आप आने वाले कुछ दिनों में गोल्ड या सिल्वर में इन्वेस्ट करने का प्लान बना रहे हैं, तो आपके लिए आने वाले कुछ दिन अहम हो सकते हैं। इंटरनेशनल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने से महंगाई की चिंता बढ़ गई है। वहीं, अमेरिकी फेडरल रिजर्व के ब्याज दरों पर फैसले से पहले सोने-चांदी के बाजार में भी दबाव देखने को मिल रहा है। ऐसे में इन्वेस्टर्स इस बात पर नजर बनाए हुए हैं कि कीमतों में गिरावट आगे भी जारी रहेगी या बाजार को जल्द राहत देखने को मिल सकती है।

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आज कितना है सोने और चांदी का भाव?

दिल्ली के लिए उपलब्ध खुदरा बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, 26 अक्टूबर यानी कि आज 10 ग्राम 24 कैरेट सोने की कीमत 1,42,010 रुपये, 10 ग्राम 22 कैरेट सोने की कीमत 1,30,176 रुपये दर्ज की गई है, वहीं चांदी की बात करें तो 1 किलोग्राम चांदी का भाव 1,95,900 रुपये तक लुढ़क चुका है।

डिस्क्लेमरः ध्यान रखें कि ये दिल्ली के रिपोर्टेड भाव हैं। आपके शहर में कीमतें अलग हो सकती हैं। आभूषण खरीदते समय मेकिंग चार्ज और जीएसटी के कारण अंतिम बिल भी बढ़ सकता है।

सोने-चांदी पर क्यों बना हुआ है दबाव?

सोने और चांदी की कीमतों में कमजोरी के पीछे कई वजहें हैं। सबसे बड़ी चिंता कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों को लेकर है। तेल महंगा होने से परिवहन और उत्पादन की लागत बढ़ सकती है, जिसका असर आमतौर पर महंगाई पर पड़ता है। दूसरी तरफ, अमेरिकी डॉलर की मजबूती और बॉन्ड प्रतिफल में बढ़ोतरी भी सोने के लिए मुश्किलें पैदा कर रही है। जब निवेशकों को ब्याज देने वाले विकल्पों में बेहतर रिटर्न मिलने की उम्मीद होती है, तो सोने की चमक कुछ फीकी पड़ सकती है।

पिछले सप्ताह घरेलू वायदा बाजार में भी बड़ी गिरावट दर्ज की गई। एमसीएक्स पर दिसंबर डिलीवरी वाला सोना करीब 4% गिरकर 1.42 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया था। चांदी में गिरावट और तेज रही। इसकी कीमत लगभग 7.14% टूटकर 1.96 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के आसपास पहुंच गई थी।

फेडरल रिजर्व के फैसले से तय होगी अगली चाल

अब बाजार की नजर 27 और 28 अक्टूबर को होने वाली अमेरिकी फेडरल रिजर्व की बैठक पर है। इन्वेस्टर्स यह जानना चाहते हैं कि केंद्रीय बैंक ब्याज दरों को लेकर आगे क्या रुख अपनाता है। अगर फेड महंगाई को लेकर सख्त संकेत देता है, तो सोने और चांदी पर दबाव बना रह सकता है। इसके उलट, ब्याज दरों में नरमी के संकेत मिलने पर दोनों धातुओं को सहारा मिल सकता है।

अगर आप शादी-ब्याह या किसी दूसरे घरेलू काम के लिए सोना-चांदी खरीदना चाहते हैं, तो अपने बजट और जरूरत को ध्यान में रखकर फैसला लें। वहीं, निवेश के लिहाज से खरीदारी करने वालों के लिए बाजार की अगली दिशा स्पष्ट होने तक सतर्क रहना बेहतर हो सकता है। फिलहाल, कच्चे तेल की कीमतें, डॉलर की चाल और अमेरिकी फेड का फैसला सोने-चांदी की आगे की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)

लेखकों के बारे में

Namita Shukla
Namita Shukla is a seasoned journalist with over 15 years of experience in Hindi media. She has worked with some of the most reputed news organizations, including Navbharat Times, Dainik Jagran, Aaj Tak, and Hindustan Times Hindi. Throughout her career, Namita has reported on a wide range of beats such as national affairs, sports, business, and entertainment, bringing clarity and depth to her reporting. In addition to her journalistic work, she is a certified fact-checker by both Google and Meta, underscoring her commitment to accuracy and ethical journalism in the digital age.

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