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4 min read | अपडेटेड October 16, 2026, 09:12 IST
सारांश
CNAP का पूरा नाम कॉलिंग नेम प्रेजेंटेशन है। इस सुविधा का उद्देश्य फोन पर आने वाली अनजान कॉल की पहचान करना आसान बनाना है। अभी तक कई लोग किसी अनजान नंबर से कॉल आने पर उसका नाम पता करने के लिए Truecaller जैसे थर्ड-पार्टी ऐप का इस्तेमाल करते हैं।

दूरसंचार विभाग (DoT) ने जारी सर्कुलर में टेलीकॉम कंपनियों को इस सुविधा को लागू करने के निर्देश दिए हैं।
1 नवंबर से मोबाइल फोन पर कॉल करने वाले व्यक्ति का नाम देखने के लिए Truecaller जैसे ऐप की जरूरत कम हो सकती है। सरकार ने टेलीकॉम कंपनियों को कॉल करने वाले का नाम दिखाने वाली सुविधा शुरू करने का निर्देश दिया है। इस सुविधा का नाम कॉलिंग नेम प्रेजेंटेशन (CNAP) है। इसके जरिए जब किसी व्यक्ति के फोन पर कॉल आएगी, तो स्क्रीन पर मोबाइल नंबर के साथ कॉल करने वाले का नाम भी दिखाई देगा। खास बात यह है कि इसके लिए ग्राहकों को कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं देना होगा।
CNAP का पूरा नाम कॉलिंग नेम प्रेजेंटेशन है। इस सुविधा का उद्देश्य फोन पर आने वाली अनजान कॉल की पहचान करना आसान बनाना है। अभी तक कई लोग किसी अनजान नंबर से कॉल आने पर उसका नाम पता करने के लिए Truecaller जैसे थर्ड-पार्टी ऐप का इस्तेमाल करते हैं। लेकिन CNAP शुरू होने के बाद फोन की स्क्रीन पर ही कॉल करने वाले का नाम दिखाई दे सकेगा।
दूरसंचार विभाग (DoT) ने जारी सर्कुलर में टेलीकॉम कंपनियों को इस सुविधा को लागू करने के निर्देश दिए हैं। कंपनियां 4G और इससे नई तकनीक वाले नेटवर्क पर CNAP शुरू करने के लिए ट्रायल कर चुकी हैं। फिलहाल इसे 2G, 3G और लैंडलाइन नेटवर्क पर लागू करने के बारे में अलग से विचार किया जाएगा।
इस सुविधा में कॉल करने वाले का नाम किस तरह दिखाई देगा, यह इस बात पर निर्भर करेगा कि उसका नंबर आपके फोन में सेव है या नहीं। अगर नंबर पहले से कॉन्टैक्ट लिस्ट में सेव है, तो फोन पर वही नाम दिखाई देगा, जिससे आपने उस नंबर को सेव किया है।
वहीं, अगर किसी घरेलू मोबाइल नंबर से कॉल आती है और वह आपके फोन में सेव नहीं है, तो नाम की जानकारी संबंधित टेलीकॉम कंपनी के ग्राहक रिकॉर्ड से ली जाएगी। यानी आपको अनजान नंबर की पहचान करने में मदद मिल सकती है। हालांकि, यह सुविधा तभी सही जानकारी दिखा पाएगी, जब टेलीकॉम कंपनी के रिकॉर्ड में नाम सही दर्ज होगा।
अगर किसी विदेशी नंबर से कॉल आती है, तो स्क्रीन पर 'International Call' लिखा दिखाई देगा। इससे ग्राहकों को घरेलू और अंतरराष्ट्रीय कॉल के बीच अंतर समझने में मदद मिलेगी।
CNAP से अनजान कॉल की पहचान करना आसान हो सकता है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि फोन पर दिखने वाला नाम पूरी तरह सुरक्षित या भरोसेमंद होने की गारंटी है। किसी व्यक्ति का नाम स्क्रीन पर दिखाई देने से यह साबित नहीं होता कि कॉल करने वाला वास्तव में वही व्यक्ति है या उसकी मंशा सही है। इसलिए ग्राहकों को बैंकिंग, ओटीपी और निजी जानकारी मांगने वाली कॉल से सावधान रहना होगा।
दूरसंचार विभाग ने इस सुविधा के लिए कुछ तकनीकी सुरक्षा उपाय भी तय किए हैं। कॉल खत्म होने के बाद नाम दिखाने के लिए इस्तेमाल की गई व्यवस्था में कॉल करने वाले की पहचान से जुड़ी जानकारी को सुरक्षित रखे रहने की अनुमति नहीं होगी। इसके अलावा, टेलीकॉम कंपनियों को नेटवर्क और डेटाबेस की क्षमता भी पर्याप्त रखनी होगी, ताकि नाम दिखाने की प्रक्रिया में देरी न हो।
बिजनेस और बल्क कनेक्शन इस्तेमाल करने वाले ग्राहकों को अपना पसंदीदा नाम दिखाने की सुविधा मिल सकती है। हालांकि, इसके लिए नाम का रजिस्टर्ड ट्रेडमार्क होना या वस्तु एवं सेवा कर (GST) पोर्टल पर रजिस्टर्ड ट्रेड नेम होना जरूरी होगा। टेलीकॉम कंपनियां नाम की जांच करने के बाद ही अपने रिकॉर्ड में बदलाव कर सकेंगी।
वहीं, जिन ग्राहकों ने मौजूदा नियमों के तहत कॉलिंग लाइन आइडेंटिफिकेशन रिस्ट्रिक्शन (CLIR) सुविधा चालू कर रखी है, उन्हें CNAP से छूट मिलेगी। ऐसे ग्राहकों का नाम कॉल पाने वाले व्यक्ति की स्क्रीन पर नहीं दिखाया जाएगा। कंपनियों को CNAP से जुड़ी शिकायतों के समाधान के लिए भी व्यवस्था बनानी होगी।
यह सुविधा टेलीकम्युनिकेशंस (ऑथराइजेशन फॉर प्रोविजन ऑफ प्रिंसिपल टेलीकम्युनिकेशन सर्विसेज) रूल्स, 2026 के नियम 48(1) के तहत शुरू की जा रही है। इसका मकसद कॉल करने वाले की पहचान को छेड़छाड़ से सुरक्षित तरीके से दिखाना है।
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