return to news
  1. EPFO की नई एमनेस्टी स्कीम क्या है, कब तक रहेगी लागू, जानिए कौन और कैसे उठा सकता है इसका लाभ?

बिजनेस न्यूज़

EPFO की नई एमनेस्टी स्कीम क्या है, कब तक रहेगी लागू, जानिए कौन और कैसे उठा सकता है इसका लाभ?

Namita Shukla

3 min read | अपडेटेड July 13, 2026, 08:36 IST

सारांश

वित्त अधिनियम, 2026 ने मान्यता प्राप्त भविष्य निधियों को नियंत्रित करने वाले आयकर ढांचे को कर्मचारी भविष्य निधि एवं विविध प्रावधान अधिनियम, 1952 के वैधानिक और प्रशासनिक प्रावधानों के अनुरूप कर दिया है।

ईपीएफओ ने भविष्य निधि ट्रस्टों से एमनेस्टी स्कीम के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं (Photo: Shutterstock)

EPFO.jpg

श्रम और रोजगार मंत्रालय के अंतर्गत कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) ने एमनेस्टी स्‍कीम, 2026 शुरू की है। इस स्कीम के तहत आयकर अधिनियम, 1961 के अंतर्गत मान्यता प्राप्त छूट प्राप्त भविष्य निधि (पीएफ) ट्रस्ट संचालित करने वाले प्रतिष्ठानों को अपने अनुपालन की स्थिति नियमित करने का एक बार का मौका दिया गया है। नियोक्ताओं, हितधारकों और आम जनता को इस स्कीम पर ध्यान देने की सलाह दी जाती है, जो छह महीने के लिए खुली रहेगी।

Open FREE Demat Account within minutes!
Join now

वित्त अधिनियम, 2026 ने मान्यता प्राप्त भविष्य निधियों को नियंत्रित करने वाले आयकर ढांचे को कर्मचारी भविष्य निधि एवं विविध प्रावधान अधिनियम, 1952 के वैधानिक और प्रशासनिक प्रावधानों के अनुरूप कर दिया है। आयकर अधिनियम, 2025 के अंतर्गत मान्यता केवल उन्हीं भविष्य निधियों को मिलेगी, जिन्होंने कर्मचारी भविष्य निधि और विविध प्रावधान अधिनियम, 1952 की धारा 17 के अंतर्गत छूट हासिल की है। ऐसे प्रतिष्ठानों को अधिनियम की धारा 17 और सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020 की धारा 143 के अंतर्गत पूर्वव्यापी प्रभाव से एमनेस्टी का फायदा दिया जाएगा।

एमनेस्टी स्‍कीम का आवेदन

यह योजना उन प्रतिष्ठानों पर लागू होती है जो आयकर अधिनियम, 1961 के तहत मान्यता प्राप्त भविष्य निधि ट्रस्ट का संचालन कर रहे हैं, लेकिन जिनके पास संबंधित सरकार (केंद्र सरकार या राज्य सरकार, जैसा भी मामला हो) से औपचारिक छूट अधिसूचना नहीं है।

स्कीम की वैधता

अवधि: यह स्कीम अधिसूचना की तिथि से छह (6) महीने की अवधि के लिए वैध है। स्कीम की अधिसूचना 29 जून, 2026 को जारी की गई थी।

पात्र प्रतिष्ठान

श्रेणी-I: वे प्रतिष्ठान जो पूर्वव्यापी ट्रस्ट नियमितीकरण की मांग कर रहे हैं और जिन्होंने पहले ही गैर-छूट प्राप्त प्रतिष्ठान के रूप में अनुपालन शुरू कर दिया है या जो गैर-छूट प्राप्त प्रतिष्ठान के रूप में भावी अनुपालन का ऑप्शन चुन रहे हैं ।
श्रेणी-II: वे प्रतिष्ठान जो पूर्वव्यापी ट्रस्ट नियमितीकरण की मांग कर रहे हैं और सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020 के तहत छूट प्राप्त प्रतिष्ठानों के रूप में काम करना जारी रखना चाहते हैं।

प्रमुख फायदे और दी गई छूट

पूर्वव्यापी नियमितीकरण: ट्रस्ट की स्थापना से लेकर निर्धारित कट-ऑफ डेट तक छूट की स्थिति और ट्रस्ट की मान्यता दी जाएगी।
सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020 के तहत आवश्यकताओं में छूट: न्यूनतम कर्मचारी संख्या और कोष के आकार संबंधी नियमों में छूट दी गई है। 3 साल पूर्व अनुपालन नियम को संतुष्ट माना जाता है।
कानूनी कार्यवाही की समाप्ति: बकाया, हर्जाने और ब्याज के लिए लंबित आकलन वापस ले लिए जाएंगे और खत्म कर दिए जाएंगे, बशर्ते सदस्य खातों में वैधानिक दरों के बराबर या उससे बेहतर ब्याज और अंशदान प्राप्त हुए हों। पहले के अंतिम आदेश प्रारंभ से ही अमान्य माने जाएंगे।

नियोक्ता के अनिवार्य दायित्व

आवेदन: पात्र प्रतिष्ठान केंद्र सरकार को संबोधित एक औपचारिक आवेदन देंगे। आवेदन संबंधित क्षेत्रीय कार्यालय को ईमेल के माध्यम से भेजे जा सकते हैं। स्कीम का फायदा उठाने की इच्छा व्यक्त करते हुए रुचि पत्र भी rc.exemption@epfindia.gov.in पर ईमेल किया जा सकता है।
लेखापरीक्षा अनुपालन: वित्तीय खातों की लेखापरीक्षा चार्टर्ड अकाउंटेंट द्वारा की जानी चाहिए। ईपीएफ अधिकारियों द्वारा निर्देशित विशेष/अनुपालन लेखापरीक्षा आवेदन की तिथि से 3 महीने के अंदर पूरी की जानी चाहिए।

मार्गदर्शन और सहायता

इस एमनेस्टी स्‍कीम के संबंध में विस्तृत जानकारी के लिए, राजपत्र अधिसूचना जीएसआर 525(ई) दिनांक 29.06.2026 द्वारा जारी कर्मचारी भविष्य निधि योजना, 2026 के अनुलग्नक के भाग सी का संदर्भ लिया जा सकता है। इसके अतिरिक्त, परिपत्र, मानक प्रक्रिया आदि में उल्लिखित विस्तृत प्रक्रिया के लिए ईपीएफओ की वेबसाइट का भी संदर्भ लिया जा सकता है। संबंधित क्षेत्राधिकार के अंतर्गत आने वाला ईपीएफओ का क्षेत्रीय कार्यालय आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान करेगा और प्रतिष्ठानों से आवेदन स्वीकार करेगा/उन पर कार्रवाई करेगा।

लेखकों के बारे में

Namita Shukla
Namita Shukla is a seasoned journalist with over 15 years of experience in Hindi media. She has worked with some of the most reputed news organizations, including Navbharat Times, Dainik Jagran, Aaj Tak, and Hindustan Times Hindi. Throughout her career, Namita has reported on a wide range of beats such as national affairs, sports, business, and entertainment, bringing clarity and depth to her reporting. In addition to her journalistic work, she is a certified fact-checker by both Google and Meta, underscoring her commitment to accuracy and ethical journalism in the digital age.

अगला लेख