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  1. कच्चे तेल की कीमतों में आई भारी गिरावट, क्या अब पेट्रोल-डीजल के दाम कम होंगे?

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कच्चे तेल की कीमतों में आई भारी गिरावट, क्या अब पेट्रोल-डीजल के दाम कम होंगे?

Upstox

3 min read | अपडेटेड April 15, 2026, 09:19 IST

सारांश

ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट देखी गई है और ब्रेंट क्रूड 95 डॉलर के नीचे आ गया है। अमेरिका-ईरान के बीच शांति वार्ता की उम्मीद और इजरायल-लेबनान के बीच बातचीत की सहमति से मार्केट में नरमी आई है।

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अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम गिरने से दुनिया भर के बाजारों में राहत की उम्मीद जगी है।

दुनिया भर के बाजारों के लिए एक राहत भरी खबर आई है। ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल यानी क्रूड ऑयल की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। बुधवार 15 अप्रैल 2026 को लगातार दूसरे दिन तेल के दाम ठंडे पड़ते नजर आए। ब्रेंट क्रूड अब 95 डॉलर प्रति बैरल के नीचे फिसल गया है। इस गिरावट के पीछे सबसे बड़ी वजह अमेरिका और ईरान के बीच होने वाली शांति वार्ता की उम्मीदें बताई जा रही हैं। अगर यह बातचीत सफल रहती है तो आने वाले दिनों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बड़ी राहत मिल सकती है।

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शांति वार्ता की जगी नई उम्मीद

कच्चे तेल के दामों में इस नरमी की मुख्य वजह मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव का कम होना है। हालिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते को लेकर दूसरे दौर की बातचीत की तैयारी चल रही है। मार्केट के निवेशकों को उम्मीद है कि इस बार दोनों देश किसी नतीजे पर पहुंच सकते हैं। इसके अलावा इजरायल और लेबनान के बीच भी आगे की बातचीत जारी रखने पर सहमति बन गई है। इन खबरों ने मार्केट में फैले डर को कम कर दिया है जिससे तेल की कीमतें नीचे आने लगी हैं।

डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा बयान

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में एक इंटरव्यू में संकेत दिया है कि अगले दो दिनों में कुछ बड़ा हो सकता है। उन्होंने कहा कि दोनों देश फिर से बातचीत की मेज पर आने के लिए तैयार दिख रहे हैं। हालांकि पिछले हफ्ते उपराष्ट्रपति जेडी वेंस की अगुवाई में हुई बातचीत बिना किसी ठोस नतीजे के खत्म हो गई थी लेकिन ट्रंप के नए बयान ने मार्केट में जान फूंक दी है। ट्रंप ने न्यूयॉर्क पोस्ट से बात करते हुए कहा कि वे इस दिशा में आगे बढ़ने के लिए ज्यादा इच्छुक हैं। इस बयान के बाद निवेशकों ने तेल की खरीदारी में थोड़ी सावधानी बरतनी शुरू कर दी है।

ताजा रेट्स का हाल

अगर हम आंकड़ों पर नजर डालें तो मंगलवार को ब्रेंट क्रूड में काफी उतार-चढ़ाव देखा गया था। एक समय यह 99.45 डॉलर तक पहुंच गया था लेकिन दिन खत्म होते-होते यह गिरकर 94.42 डॉलर पर आ गया। बुधवार सुबह के डेटा के मुताबिक ब्रेंट क्रूड 94.66 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड कर रहा है। इसी तरह अमेरिका का WTI क्रूड भी 98 डॉलर के लेवल से गिरकर अब 90.65 डॉलर के आसपास बना हुआ है। पिछले दो दिनों में आई यह गिरावट बताती है कि ग्लोबल मार्केट अब युद्ध के बजाय शांति की खबरों पर ज्यादा भरोसा कर रहा है।

कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट का सीधा असर दुनिया भर में इन्फ्लेशन यानी महंगाई पर पड़ता है। अगर क्रूड ऑयल सस्ता होता है तो ट्रांसपोर्टेशन की लागत कम हो जाती है जिससे जरूरी चीजों के दाम घटने लगते हैं। भारत जैसे देश के लिए यह बहुत अच्छी खबर है क्योंकि हम अपनी जरूरत का ज्यादा तेल दूसरे देशों से खरीदते हैं। अगर ग्लोबल मार्केट में कीमतें इसी तरह 95 डॉलर के नीचे बनी रहती हैं तो घरेलू बाजार में भी तेल कंपनियां पेट्रोल और डीजल के दाम कम करने पर विचार कर सकती हैं।

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Upstox Hindi News Desk पत्रकारों की एक टीम है जो शेयर बाजारों, अर्थव्यवस्था, वस्तुओं, नवीनतम व्यावसायिक रुझानों और व्यक्तिगत वित्त को उत्साहपूर्वक कवर करती है।

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