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  1. हफ्ते में 5 दिन काम और PLI पर अड़े बैंक कर्मचारी, हड़ताल के चलते लगातार 4 दिन बंद रह सकता है बैंक

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हफ्ते में 5 दिन काम और PLI पर अड़े बैंक कर्मचारी, हड़ताल के चलते लगातार 4 दिन बंद रह सकता है बैंक

Upstox

3 min read | अपडेटेड August 24, 2026, 11:47 IST

सारांश

Bank Strike: बता दें कि 11 सितंबर शुक्रवार है। इसके बाद शनिवार और रविवार को बैंक की छुट्टी रहेगी। इसके अलावा 14 सितंबर को कुछ राज्यों में गणेश चतुर्थी की भी छुट्टी होगी। ऐसे में कई जगहों पर बैंकिंग सेवाएं लगातार चार दिन प्रभावित हो सकती हैं।

bank strike

UFBU ने कई मांगों को लेकर 11 सितंबर को देशभर में हड़ताल का ऐलान किया है।

अगर आपको किसी जरूरी काम से बैंक जाना है, तो इसकी प्लानिंग पहले ही करनी होगी। दरअसल, बैंक कर्मचारी देशभर में हड़ताल करने की तैयारी कर रहे हैं। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) ने कई मांगों को लेकर 11 सितंबर को देशभर में हड़ताल का ऐलान किया है। UFBU बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों की 9 यूनियनों का संगठन है। अगर यह हड़ताल होती है, तो खासकर सरकारी बैंकों में बैंकिंग सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं।

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लगातार 4 दिन बंद रह सकते हैं बैंक

बता दें कि 11 सितंबर शुक्रवार है। इसके बाद शनिवार और रविवार को बैंक की छुट्टी रहेगी। इसके अलावा 14 सितंबर को कुछ राज्यों में गणेश चतुर्थी की भी छुट्टी होगी। ऐसे में कई जगहों पर बैंकिंग सेवाएं लगातार चार दिन प्रभावित हो सकती हैं।

28 सितंबर से फिर हड़ताल की चेतावनी

UFBU ने 28 सितंबर से तीन दिन की एक और देशव्यापी हड़ताल की चेतावनी दी है। यह हड़ताल बैंकों के छमाही क्लोजिंग के समय होगी। यूनियनों ने कहा है कि अगर उनकी मांगों पर सरकार और बैंक प्रबंधन ने ध्यान नहीं दिया, तो 26 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल भी शुरू की जा सकती है। UFBU के मुताबिक यह फैसला रविवार को हुई बैठक में लिया गया। यूनियनों का आरोप है कि सरकार उनकी प्रमुख मांगों को लेकर सकारात्मक रवैया नहीं अपना रही है।

5 दिन बैंकिंग की मांग क्यों?

बैंक यूनियनों की सबसे बड़ी मांग 5 दिन बैंकिंग व्यवस्था लागू करने की है। 8 मार्च 2024 को हुए 12वें द्विपक्षीय समझौते और 9वें संयुक्त नोट में इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (IBA) ने इस प्रस्ताव पर सहमति जताई थी। इसके तहत सोमवार से शुक्रवार तक बैंकिंग कामकाज कराया जाना था और रोजाना काम के समय में 40 मिनट की बढ़ोतरी की जानी थी। प्रस्ताव को सरकार के पास मंजूरी के लिए भेजा गया, लेकिन UFBU का कहना है कि दो साल से ज्यादा समय बीतने के बावजूद इस पर फैसला नहीं हुआ है।

PLI स्कीम पर भी विवाद

यूनियनों ने बैंक अधिकारियों के लिए सरकार की परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) स्कीम पर भी आपत्ति जताई है। UFBU का कहना है कि IBA के साथ हुई सहमति के अनुसार PLI बैंक के कुल प्रदर्शन से जुड़ा होना चाहिए और कर्मचारियों व अधिकारियों के लिए एक समान व्यवस्था होनी चाहिए।

वहीं, सरकार की मौजूदा योजना में स्केल IV और उससे ऊपर के अधिकारियों को व्यक्तिगत प्रदर्शन के आधार पर अधिकतम 365 दिन के बेसिक वेतन तक PLI मिल सकता है। स्केल III तक के अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए अधिकतम 15 दिन के बेसिक वेतन के साथ महंगाई भत्ता तय किया गया है।

UFBU के मुताबिक PLI का मामला फिलहाल मुख्य श्रम आयुक्त (CLC) के सामने सुलह प्रक्रिया में है और दिल्ली हाईकोर्ट में भी लंबित है। इसके बावजूद बैंकों में इस योजना के तहत PLI का भुगतान शुरू हो गया है।

पेंशन से जुड़ी मांगें भी शामिल

बैंक यूनियनों की अन्य मांगों में पेंशन को अपडेट और बेहतर करना, सभी पेंशनभोगियों के लिए महंगाई भत्ते की एक समान गणना व्यवस्था लागू करना और NPS के तहत आने वाले कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना (OPS) में जाने का विकल्प देना शामिल है। UFBU का कहना है कि ये मांगें भी अभी तक लंबित हैं।

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