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  1. मेटल और IT शेयरों में मजबूती, क्रूड ऑयल समेत इन फैक्टर्स से भी शेयर बाजार को मिला सपोर्ट

मार्केट न्यूज़

मेटल और IT शेयरों में मजबूती, क्रूड ऑयल समेत इन फैक्टर्स से भी शेयर बाजार को मिला सपोर्ट

Shubham Singh Thakur

3 min read | अपडेटेड August 24, 2026, 11:00 IST

सारांश

शेयर बाजार के निवेशकों को सबसे बड़ी राहत क्रूड ऑयल से मिली है। आज ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत 1.48 फीसदी घटकर 91.29 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया है। कुछ दिनों पहले इसकी कीमत 93 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गई है।

Stock Market

Stock Market: भारत अपनी ज्यादातर तेल जरूरतों के लिए आयात पर निर्भर है।

Stock Market: भारतीय शेयर बाजार के लिए आज नए हफ्ते के पहले दिन की शुरुआत पॉजिटिव रही। आज 24 अगस्त को शुरुआती कारोबार में BSE Sensex में करीब 250 अंकों की तेजी नजर आई और यह 77789.40 के स्तर पर पहुंच गया। दूसरी तरफ आज Nifty 50 में भी 61 अंकों की बढ़त दर्ज की गई और यह 24313 के लेवल पर पहुंच गया। हालांकि, इसके बाद बाजार में कुछ कमजोरी भी देखने को मिली। आज क्रूड ऑयल के भाव में कुछ गिरावट नजर आ रही है। इसके साथ ही विदेशी निवेशकों की खरीदारी ने भी बाजार का माहौल बेहतर किया है। यहां हम जानेंगे कि बाजार में आज की तेजी के लिए कौन से फैक्टर्स जिम्मेदार हैं।
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क्रूड ऑयल में गिरावट

शेयर बाजार के निवेशकों को सबसे बड़ी राहत क्रूड ऑयल से मिली है। आज ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत 1.48 फीसदी घटकर 91.29 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया है। कुछ दिनों पहले इसकी कीमत 93 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गई है। भारत अपनी ज्यादातर तेल जरूरतों के लिए आयात पर निर्भर है। ऐसे में क्रूड ऑयल के भाव में गिरावट भारत के लिए अच्छी खबर है।

वैल्यू बाइंग

शेयर बाजार में आज की रिकवरी के पीछे एक और बड़ी वजह वैल्यू बाइंग है। इसके पहले लगातार दो हफ्ते बाजार में गिरावट देखने को मिली थी। पिछले हफ्ते की बात करें तो निफ्टी और सेंसेक्स में 0.5 फीसदी और 0.6 फीसदी की गिरावट आई थी। वेस्ट एशिया में बढ़ते तनाव के बीच कच्चे तेल की कीमतों और बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी के कारण बाजार पर दबाव बढ़ा था। इस गिरावट के बाद अब निवेशक अच्छे शेयरों को सस्ते भाव पर खरीद रहे हैं।

रुपये में मजबूती

आज सोमवार को शुरुआती कारोबार में रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 7 पैसे बढ़कर 95.64 पर पहुंच गया। डॉलर के कमजोर होने से इसे सहारा मिला, लेकिन जियो-पॉलिटिकल टेंशन के कारण इसमें बड़ी बढ़त नहीं हो पाई। फॉरेक्स ट्रेडर्स का कहना है कि डॉलर इंडेक्स कमजोर हुआ है, लेकिन ब्रेंट क्रूड की ऊंची कीमतों और इंपोर्टर्स की लगातार मांग के कारण रुपये में ज्यादा बढ़त नहीं हो सकी।

इसके अलावा वॉशिंगटन ईरान पर नए प्रतिबंध लगाने की तैयारी कर रहा है, जिनसे ईरान के तेल व्यापार, बैंकिंग नेटवर्क और शिपिंग रूट्स पर असर पड़ेगा। ऐसे में निवेशक सावधानी बरत रहे हैं। इंटरबैंक फॉरेन एक्सचेंज में रुपया 95.68 पर खुला और फिर 7 पैसे बढ़कर 95.64 पर पहुंच गया।

मेटल और IT शेयरों में तेजी

आज NSE पर कई ऐसे सेक्टर्स हैं, जिनमें तेजी नजर आ रही है। निफ्टी मेटल इंडेक्स की बात करें तो यह 1 फीसदी से ज्यादा उछल गया है। इसके अलावा निफ्टी ऑटो, IT, मीडिया, फार्मा, रियल्टी और ऑयल एंड गैस समेत कई इंडेक्स में हरियाली नजर आई। सेक्टर स्पेसिफिक तेजी ने भी आज बाजार को सपोर्ट किया है।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)

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