return to news
  1. Akshaya Tritiya 2026: पिछले अक्षय तृतीया से अब तक गोल्ड ETF ने कैसा दिया रिटर्न? इस बार भी बन सकता है विकल्प

बिजनेस न्यूज़

Akshaya Tritiya 2026: पिछले अक्षय तृतीया से अब तक गोल्ड ETF ने कैसा दिया रिटर्न? इस बार भी बन सकता है विकल्प

विकास तिवारी

3 min read | अपडेटेड April 18, 2026, 14:41 IST

सारांश

अगर आप इस अक्षय तृतीया पर सोने में निवेश की सोच रहे हैं, तो गोल्ड ETF एक फायदे का सौदा हो सकता है। इसमें चोरी का डर नहीं होता और इसे शेयर की तरह आसानी से खरीदा-बेचा जा सकता है।

gold-etf-returns-high-performance

सोने में निवेश का आधुनिक और सुरक्षित तरीका है गोल्ड ETF।

अक्षय तृतीया का त्यौहार भारत में सोना खरीदने के लिए सबसे शुभ माना जाता है। लेकिन अब जमाना बदल रहा है और लोग फिजिकल गोल्ड यानी सिक्के या गहने खरीदने के बजाय डिजिटल तरीके से सोने में पैसा लगाना ज्यादा पसंद कर रहे हैं। पिछले एक साल के आंकड़ों को देखें तो गोल्ड ETF ने अपने शानदार प्रदर्शन से सबको हैरान कर दिया है। पिछली अक्षय तृतीया से लेकर इस साल तक गोल्ड ETF ने 61% तक का तगड़ा रिटर्न दिया है।

Open FREE Demat Account within minutes!
Join now

गोल्ड ETF में निवेश क्यों है बेहतर?

गोल्ड ETF में निवेश करना आजकल काफी स्मार्ट चॉइस मानी जा रही है। यह निवेश का एक ऐसा जरिया है जो बहुत ही कुशल और आसान है। इसकी सबसे बड़ी खूबी इसकी लिक्विडिटी है, यानी आप इसे कभी भी कैश में बदल सकते हैं। इसके अलावा इसे मैनेज करना बहुत आसान है और इसमें आने वाला खर्च भी काफी कम होता है। इन्हीं वजहों से आम निवेशकों के बीच गोल्ड ETF की लोकप्रियता तेजी से बढ़ रही है।

जब आप फिजिकल गोल्ड खरीदते हैं, तो हमेशा उसके चोरी होने या खराब होने का डर बना रहता है। उसे लॉकर में रखने का अलग से खर्च देना पड़ता है। लेकिन गोल्ड ETF के साथ ऐसा कोई चक्कर नहीं है। इसमें आपको सोना फिजिकल रूप में नहीं रखना पड़ता। यह आपके डीमैट अकाउंट में इलेक्ट्रॉनिक तरीके से सुरक्षित रहता है, बिल्कुल वैसे ही जैसे आप किसी कंपनी के शेयर रखते हैं। इससे सुरक्षा की टेंशन पूरी तरह खत्म हो जाती है।

कम खर्च और ज्यादा फायदा

गोल्ड ETF में निवेश करने का एक और बड़ा फायदा इसकी कम फीस है। अगर आप गोल्ड म्यूचुअल फंड से इसकी तुलना करें, तो गोल्ड ETF का एक्सपेंस रेशियो काफी कम होता है। इसके अलावा जब आप फिजिकल गोल्ड खरीदते हैं, तो आपको मेकिंग चार्ज और अन्य टैक्स देने पड़ते हैं, लेकिन गोल्ड ETF में ऐसे फालतू खर्चों की बचत हो जाती है। आप बहुत छोटे अमाउंट के साथ भी इसकी शुरुआत कर सकते हैं। आपको पूरा बिस्किट या सिक्का खरीदने की जरूरत नहीं है, आप यूनिट्स में भी सोना खरीद सकते हैं।

गोल्ड ETF को शेयर बाजार में शेयरों की तरह ही ट्रेड किया जाता है। इसका मतलब है कि आप मार्केट के दौरान कभी भी इसे खरीद या बेच सकते हैं। इसकी कीमतें सीधे तौर पर बाजार में चल रहे सोने के भाव से जुड़ी होती हैं, जिससे इसमें पूरी पारदर्शिता रहती है। आप पल-पल की कीमत को ट्रैक कर सकते हैं और अपनी सुविधा के अनुसार फैसला ले सकते हैं।

पोर्टफोलियो में डायवर्सिफिकेशन और महंगाई से बचाव

अपने निवेश को सुरक्षित रखने के लिए पोर्टफोलियो को डायवर्सिफाई करना बहुत जरूरी है। गोल्ड ETF आपके पोर्टफोलियो में सोने की मौजूदगी पक्की करता है, जिससे रिस्क कम हो जाता है। इसके अलावा सोने को हमेशा महंगाई के खिलाफ एक बचाव यानी हेज माना जाता है। जैसे-जैसे महंगाई बढ़ती है, सोने की कीमतें भी ऊपर जाती हैं, जिससे आपका पैसा सुरक्षित रहता है और उसकी वैल्यू बनी रहती है। इस अक्षय तृतीया पर गोल्ड ETF निवेशकों के लिए मुनाफे की नई चमक लेकर आया है।

लेखकों के बारे में

विकास तिवारी
Vikash Tiwary is a finance journalist with 6+ years of newsroom experience. He is currently growing Upstox Hindi, crafting data-driven stories on stocks, personal finance, mutual funds, and global markets, while exploring how AI can simplify finance. His work spans Zee Business, TV9 Bharatvarsh, ABP News, India TV, and Inshorts. He also holds NISM certification.

अगला लेख