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  1. मुनाफे के वादे या ठगी का जाल? फर्जी शेयर सुझावों पर सेबी ने निवेशकों को चेताया

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मुनाफे के वादे या ठगी का जाल? फर्जी शेयर सुझावों पर सेबी ने निवेशकों को चेताया

Upstox

4 min read | अपडेटेड October 23, 2026, 13:31 IST

सारांश

इन्वेस्टरों को सावधानी बरतने की सलाह देते हुए सेबी ने कहा कि उन्हें अज्ञात व्यक्तियों या शेयर मार्केट एक्सपर्ट होने का दावा करने वालों द्वारा संचालित ऐसे व्हाट्सऐप ग्रुपों से नहीं जुड़ना चाहिए, जिनमें शामिल होने के लिए इन्वाइट जरूरी हो।

SEBI

व्हाट्सऐप पर शेयर टिप्स के नाम पर धोखाधड़ी, निवेशकों को सेबी ने किया अलर्ट (Photo: Shutterstock)

भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (Securities and Exchange Board of India, SEBI) ने गुरुवार को इन्वेस्टरों को फर्जी व्हाट्सऐप ग्रुपों को लेकर चेताया है। ऐसे ग्रुप शेयरों में इन्वेस्टमेंट के नाम पर भरोसा जीतने के लिए झूठे सपोर्ट मैसेजेस और प्रॉफिट के मनगढ़ंत दावे करते हैं, ताकि इन्वेस्टर्स उनके झांसे में आ जाएं। सेबी ने एक बयान में कहा कि कुछ अनरजिस्टर्ड लोग फ्री इन्वेस्टर एजुकेशन के नाम पर केवल इन्वाइट भेजने के जरिये जुड़ने वाले व्हाट्सऐप ग्रुपों में इन्वेस्टरों को शेयर खरीदने-बेचने के सुझाव दे रहे हैं। इन फर्जी ग्रुपों के ऑपरेटर्स अक्सर मार्केट एक्सपर्ट्स बनकर विदेशी व्हाट्सऐप नंबरों का इस्तेमाल करते हैं।

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सेबी ने कहा, 'इन सुझावों को भरोसेमंद दिखाने के लिए ऑपरेटरों के साथ मिलकर काम करने वाले कुछ सदस्य प्रॉफिट के झूठे दावे करते हैं और कथित ‘एक्सपर्ट’ की तारीफ करते हैं। एस्ट्रोटर्फिंग के नाम से जानी जाने वाली यह गतिविधि वास्तविक समर्थन का झूठा माहौल बनाती है और अनजान इन्वेस्टरों को इन सुझावों पर अमल करने के लिए प्रेरित करती है।' सेबी ने यह भी बताया कि प्रवर्तन एजेंसियों या नियामक संस्थाओं की कार्रवाई के बाद ऐसे ग्रुप किस तरह काम करते हैं। सेबी ने कहा कि ऐसे ग्रुपों के सदस्यों से अक्सर किसी नए नंबर से संपर्क किया जाता है और उन्हें दूसरे ग्रुप से जुड़ने के लिए कहा जाता है। ऑपरेटर दावा करते हैं कि सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म की पाबंदियों के कारण पिछले ग्रुप पर रोक लगा दी गई है।

किस तरह के मैसेज हैं ठगी का इशारा?

सेबी ने ऐसे ही एक मैसेज का जिक्र किया, जिसमें कहा गया था, 'सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म के जोखिम नियंत्रण उपायों के कारण हमारा पिछला ग्रुप बंद कर दिया गया है। यह नया ग्रुप रोजाना अच्छी गुणवत्ता वाले शेयरों की जानकारी और कारोबार संबंधी मार्गदर्शन देगा। कृपया ग्रुप से जुड़ें।' इन्वेस्टरों को सावधानी बरतने की सलाह देते हुए सेबी ने कहा कि उन्हें अज्ञात व्यक्तियों या शेयर मार्केट एक्सपर्ट होने का दावा करने वालों द्वारा संचालित ऐसे व्हाट्सऐप ग्रुपों से नहीं जुड़ना चाहिए, जिनमें शामिल होने के लिए इन्वाइट जरूरी हो। खासतौर से विदेशी नंबरों का इस्तेमाल करने वाले ग्रुपों से सतर्क रहना चाहिए।

अपनी ये जानकारियां बिल्कुल ना करें शेयर

इन्वेस्टरों को ग्रुप के अन्य सदस्यों की ओर से की जाने वाली तारीफ, मुनाफे के दावों या सौदों की पुष्टि वाले मैसेजेस से प्रभावित नहीं होने की भी सलाह दी गई है। ऐसे मैसेज भ्रामक धारणा बनाने के लिए जानबूझकर डाले जा सकते हैं। सेबी ने कहा कि किसी ग्रुप के निलंबित, बंद या प्रतिबंधित होने का दावा करने वाले और सदस्यों को नए ग्रुप से जुड़ने के लिए इन्वाइट करने वाले मैसेजों को खतरे का संकेत मानना चाहिए। सेबी ने ऐसे ग्रुपों की ओर से सुझाए गए कारोबार प्लैटफॉर्म या ऐप पर खाते खोलने या उनमें पैसे भेजने से भी बचने की सलाह दी। इन्वेस्टरों को अपनी निवेश हिस्सेदारी या कारोबार खाते से जुड़ी जानकारी ग्रुप ऑपरेटरों के साथ शेयर नहीं करनी चाहिए।

कैसे पता करें कि सेबी रजिस्टर्ड ऐप है या नहीं?

नियामक ने कहा, 'केवल सेबी में रजिस्टर्ड मध्यस्थों के साथ ही कारोबार करें और सिर्फ प्रामाणिक कारोबारी ऐप का उपयोग करें।' निवेशक उसकी आधिकारिक वेबसाइट पर मध्यस्थों के पंजीकरण की स्थिति की जांच कर सकते हैं। सेबी ने कहा कि इस बयान का उद्देश्य ऐसे फर्जी व्हाट्सऐप ग्रुपों में प्रसारित शेयर सुझावों और कारोबार संबंधी सलाह पर अमल करने से निवेशकों को आगाह करना है। उसने निवेशकों से प्रतिभूति बाजार में लेनदेन करते समय सतर्क रहने का आग्रह किया।

PTI इनपुट के साथ

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Upstox Hindi News Desk पत्रकारों की एक टीम है जो शेयर बाजारों, अर्थव्यवस्था, वस्तुओं, नवीनतम व्यावसायिक रुझानों और व्यक्तिगत वित्त को उत्साहपूर्वक कवर करती है।

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