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  1. हो चुकी है पूरी प्लानिंग, ये बैंक 1 दिसंबर से ग्राहकों को देने जा रहा झटका, अब पहले से ज्यादा देने होंगे कैश जमा-निकासी पर चार्ज

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हो चुकी है पूरी प्लानिंग, ये बैंक 1 दिसंबर से ग्राहकों को देने जा रहा झटका, अब पहले से ज्यादा देने होंगे कैश जमा-निकासी पर चार्ज

Upstox

3 min read | अपडेटेड October 23, 2026, 13:10 IST

सारांश

एक दिग्गज प्राइवेट बैंक ने सेविंग्स अकाउंट के चुनिंदा सर्विस चार्ज में बदलाव किया है, जो 1 दिसंबर 2026 से प्रभावी होंगे। बैंक ने तय लिमिट से अधिक कैश जमा करने और निकालने पर शुल्क बढ़ा दिया है।

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आईसीआईसीआई बैंक 1 दिसंबर 2026 से सेविंग्स अकाउंट के कैश और ईसीएस सर्विस चार्ज में करने जा रहा है बदलाव।

आईसीआईसीआई बैंक के खाताधारकों के लिए एक अहम अपडेट सामने आया है। बैंक ने सेविंग्स अकाउंट के चुनिंदा सर्विस चार्ज में बदलाव करने का फैसला किया है। ग्राहकों को दी गई सूचना के मुताबिक नए नियम 1 दिसंबर 2026 से लागू होने जा रहे हैं। बैंक ने तय लिमिट से अधिक कैश जमा करने और निकालने पर शुल्क में बढ़ोतरी की है। इसके साथ ही खाते में पर्याप्त बैलेंस न होने पर ECS डेबिट रिटर्न चार्ज भी बढ़ा दिया गया है। हालांकि बैंक ने मिलने वाले फ्री ट्रांजैक्शन की संख्या नहीं बदली है, लेकिन लिमिट पार करने वाले ग्राहकों की जेब पर इसका असर पड़ेगा।

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फ्री लिमिट के बाद कैश ट्रांजैक्शन पर नए चार्ज

संशोधित नियमों के अनुसार ग्राहकों को पहले की तरह हर महीने तीन फ्री कैश डिपॉजिट और तीन फ्री कैश विड्रॉल की सुविधा मिलती रहेगी। तीन फ्री ट्रांजैक्शन पूरे होने के बाद हर अतिरिक्त ट्रांजैक्शन पर 150 रुपये का चार्ज लगेगा। इसके साथ ही हर महीने 1 लाख रुपये तक की वैल्यू का कैश बिना शुल्क जमा और निकाला जा सकेगा। लेकिन इस 1 लाख रुपये की सीमा से अधिक कैश लेन-देन करने पर चार्ज को 3.50 रुपये से बढ़ाकर 4 रुपये प्रति 1,000 रुपये कर दिया गया है। इसके लिए न्यूनतम चार्ज 150 रुपये तय है, यानी दोनों में जो ज्यादा होगा वही लिया जाएगा। संख्या और वैल्यू दोनों लिमिट टूटने पर ज्यादा वाला शुल्क लगेगा।

ग्राहकों की जेब पर कितना पड़ेगा अतिरिक्त बोझ

वैल्यू बेस्ड फीस बढ़ने का असर उन ग्राहकों पर होगा जो अपनी मंथली लिमिट से ज्यादा कैश निकालते या जमा करते हैं। उदाहरण के लिए अगर कोई ग्राहक तय सीमा से ऊपर 1 लाख रुपये का अतिरिक्त कैश लेन-देन करता है, तो उसे 350 रुपये की जगह 400 रुपये चुकाने होंगे। इसके ऊपर न्यूनतम 150 रुपये का नियम और जीएसटी अलग से जुड़ेगा। ग्राहक को कितना कुल चार्ज देना होगा, यह लेन-देन की रकम और ट्रांजैक्शन की संख्या पर निर्भर करेगा। जो ग्राहक अपनी तय फ्री लिमिट के भीतर रहेंगे, उन पर इस बदलाव का कोई असर नहीं पड़ेगा।

ECS डेबिट रिटर्न पर भी बढ़ी पेनाल्टी

आईसीआईसीआई बैंक ने वित्तीय कारणों जैसे बैलेंस की कमी के चलते ईसीएस डेबिट रिटर्न पर भी शुल्क बढ़ाया है। 1 दिसंबर 2026 से पहली बार ईसीएस रिटर्न होने पर 500 रुपये का चार्ज लगेगा। वहीं दूसरी और तीसरी बार रिटर्न होने पर 500 रुपये की जगह 550 रुपये प्रति रिटर्न चार्ज लिया जाएगा। यानी दूसरे और तीसरे रिटर्न पर 50 रुपये की बढ़ोतरी की गई है। बैंक एक ही मैंडेट के लिए एक महीने में अधिकतम तीन बार ही पेनाल्टी वसूलेगा। ऑटो-डेबिट या लोन EMI वाले ग्राहकों को चार्ज से बचने के लिए खाते में पर्याप्त बैलेंस रखना होगा।

बैंक ने स्पष्ट किया है कि यह बदले हुए नियम सभी तरह के खाताधारकों पर एक समान लागू नहीं होंगे। सीनियर सिटीजन्स और पेंशनर्स के लिए बैंक का अलग अकाउंट शेड्यूल है। इसके अलावा स्टूडेंट अकाउंट्स, बेसिक सेविंग्स बैंक डिपॉजिट अकाउंट्स और दिव्यांग ग्राहकों के खातों के लिए भी अलग नियम बने हैं। अलग-अलग खातों के हिसाब से छूट और फीस की शर्तें अलग होती हैं। इसलिए ग्राहकों को अपने अकाउंट के संबंधित शेड्यूल की जांच करने की सलाह दी गई है।

लेखकों के बारे में

Upstox
Upstox Hindi News Desk पत्रकारों की एक टीम है जो शेयर बाजारों, अर्थव्यवस्था, वस्तुओं, नवीनतम व्यावसायिक रुझानों और व्यक्तिगत वित्त को उत्साहपूर्वक कवर करती है।

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