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  1. छूट गई ITR फाइल करने की तारीख? 31 दिसंबर तक है बिलेटेड रिटर्न का मौका, जानें पेनल्टी और नियम

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छूट गई ITR फाइल करने की तारीख? 31 दिसंबर तक है बिलेटेड रिटर्न का मौका, जानें पेनल्टी और नियम

Upstox

3 min read | अपडेटेड October 22, 2026, 19:15 IST

सारांश

असेसमेंट ईयर 2026-27 के लिए तय तारीख पर इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल न कर पाने वाले टैक्सपेयर्स 31 दिसंबर 2026 तक बिलेटेड रिटर्न भर सकते हैं। इसके लिए लेट फीस और ब्याज लग सकता है।

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आईटीआर भरने से चूकने वाले टैक्सपेयर्स के पास 31 दिसंबर 2026 तक बिलेटेड रिटर्न जमा करने का मौका है।

अगर आप इनकम टैक्स रिटर्न सामान्य समय सीमा में फाइल करने से चूक गए हैं, तो परेशान न हों। असेसमेंट ईयर 2026-27 के लिए जो लोग तय मूल तारीख तक अपना रिटर्न नहीं भर पाए, वे 31 दिसंबर 2026 तक बिलेटेड रिटर्न दाखिल कर सकते हैं। बिलेटेड रिटर्न करदाताओं को अपनी इनकम की जानकारी देने, बकाया टैक्स चुकाने और फाइलिंग पूरी करने का मौका देता है। हालांकि देरी से रिटर्न भरने पर कुछ अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ता है, इसलिए आखिरी दिनों का इंतजार किए बिना इसे समय पर पूरा कर लेना ही सही रहता है।

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क्या होता है बिलेटेड रिटर्न और कितनी है लेट फीस?

सामान्य तारीख बीत जाने के बाद दाखिल होने वाले रिटर्न को बिलेटेड रिटर्न कहते हैं। असेसमेंट ईयर 2026-27 के लिए बिलेटेड रिटर्न 31 दिसंबर 2026 तक या असेसमेंट पूरा होने से पहले भरा जा सकता है। यानी डेडलाइन छूटने के बाद भी इसे जमा किया जा सकता है। हालांकि देरी से फाइलिंग पर सेक्शन 234एफ के तहत लेट फीस लगती है। 5 लाख रुपये तक की आय पर 1,000 रुपये और 5 लाख से अधिक पर 5,000 रुपये फीस देनी होती है। इसके अलावा बकाया टैक्स पर ब्याज भी लग सकता है।

आईटीआर में गलती होने पर क्या है नियम?

अगर आपने समय पर रिटर्न भरा था, लेकिन बाद में कोई गलती सामने आती है, तो आपके लिए नियम अलग हैं। कई बार लोग बैंक ब्याज या अन्य जानकारी देना भूल जाते हैं। ऐसी गलतियों को रिवाइज्ड रिटर्न दाखिल करके सुधारा जा सकता है। असेसमेंट ईयर 2026-27 के लिए रिवाइज्ड रिटर्न की आखिरी तारीख बढ़ाकर 31 मार्च 2027 या असेसमेंट पूरा होने तक कर दी गई है। यह पहले के नियम से अलग है, जहां दोनों के लिए 31 दिसंबर ही तय था।

दिसंबर के बाद रिवाइज्ड रिटर्न पर लगेगा चार्ज?

रिवाइज्ड रिटर्न की तारीख 31 मार्च तक होने के बावजूद दिसंबर के बाद फाइलिंग करना महंगा पड़ेगा। अगर असेसमेंट ईयर 2026-27 के लिए रिवाइज्ड रिटर्न 31 दिसंबर के बाद और 31 मार्च तक भरा जाता है, तो अतिरिक्त फीस लगेगी। इसमें भी 5 लाख रुपये तक की आय पर 1,000 रुपये और 5 लाख से अधिक आय पर 5,000 रुपये फीस देनी होगी। इसलिए गलतियों को सुधारने के लिए भी 31 दिसंबर से पहले कदम उठाना बेहतर रहेगा।

फाइल करने से पहले जांचें जरूरी जानकारी

बिलेटेड या रिवाइज्ड रिटर्न सबमिट करने से पहले टैक्सपेयर्स को फॉर्म 26एएस, एआईएस और अन्य आय विवरण जांच लेने चाहिए। सैलरी, बैंक ब्याज, कैपिटल गेंस और डिविडेंड इनकम को सही तरह दर्ज करना जरूरी है। साथ ही यह भी देख लें कि कोई टैक्स बकाया तो नहीं है। अगर टैक्स बनता है, तो रिटर्न भरने से पहले उसे चुकाना होगा। रिवाइज्ड रिटर्न भरते समय पक्का करें कि पिछली गलती सुधर चुकी हो।

अगर 31 दिसंबर की तारीख छूट जाए तो क्या होगा?

जिन्होंने अभी तक रिटर्न नहीं भरा है, उनके लिए 31 दिसंबर सबसे अहम तारीख है क्योंकि इसके बाद बिलेटेड रिटर्न नहीं भरा जा सकेगा। इसके बाद केवल अपडेटेड रिटर्न यानी आईटीआर-यू का विकल्प बचता है। लेकिन आईटीआर-यू के नियम कड़े हैं और इसमें अतिरिक्त टैक्स लगता है। इसका इस्तेमाल ज्यादा रिफंड लेने या टैक्स देनदारी घटाने के लिए नहीं हो सकता। इसलिए समय रहते बिलेटेड रिटर्न भरकर फाइलिंग पूरी कर लें।

लेखकों के बारे में

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Upstox Hindi News Desk पत्रकारों की एक टीम है जो शेयर बाजारों, अर्थव्यवस्था, वस्तुओं, नवीनतम व्यावसायिक रुझानों और व्यक्तिगत वित्त को उत्साहपूर्वक कवर करती है।

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