मार्केट न्यूज़

3 min read | अपडेटेड May 04, 2026, 10:50 IST
सारांश
आइडियाफोर्ज टेक्नोलॉजी के शेयरों में सोमवार को 18 पर्सेंट से ज्यादा की तेजी देखी गई। कंपनी ने मार्च तिमाही में घाटे से उबरकर 60.95 करोड़ रुपये का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है। शानदार नतीजों और बढ़ते रेवेन्यू की वजह से इनवेस्टर्स के बीच इस डिफेंस टेक शेयर की भारी डिमांड देखने को मिल रही है।
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आइडियाफोर्ज टेक्नोलॉजी के शेयरों में जबरदस्त उछाल देखा गया।
सोमवार की सुबह शेयर बाजार में डिफेंस सेक्टर की कंपनी आइडियाफोर्ज टेक्नोलॉजी के शेयरों ने धूम मचा दी। मार्च तिमाही के शानदार नतीजों के बाद कंपनी के शेयरों में निवेशकों ने जमकर खरीदारी की जिससे इसके भाव में 18 पर्सेंट से ज्यादा की तेजी देखने को मिली। कंपनी ने अपने परफॉर्मेंस से सबको हैरान कर दिया है और लंबे समय बाद घाटे से बाहर निकलकर तगड़ा नेट प्रॉफिट कमाया है। बाजार के जानकारों का मानना है कि कंपनी के बेहतर ऑपरेशनल परफॉर्मेंस ने निवेशकों का भरोसा जीता है।
बाजार खुलते ही आइडियाफोर्ज के शेयर तेजी से ऊपर जाने लगे। 4 मई की सुबह 10:47 बजे यह शेयर करीब 18.47 पर्सेंट की बढ़त के साथ 721.70 रुपये पर कारोबार कर रहा था। पिछले कारोबारी दिन यह 609.20 रुपये पर बंद हुआ था।
कंपनी ने वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही यानी जनवरी से मार्च के बीच 60.95 करोड़ रुपये का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट दर्ज किया है। यह आंकड़ा इसलिए बहुत अहम है क्योंकि पिछले साल इसी तिमाही में कंपनी को 25.92 करोड़ रुपये का भारी घाटा उठाना पड़ा था। एक साल के भीतर ही कंपनी ने जिस तरह से वापसी की है उससे मार्केट के इनवेस्टर्स काफी खुश नजर आ रहे हैं।
मुनाफे के साथ-साथ कंपनी के रेवेन्यू में भी रिकॉर्ड तोड़ ग्रोथ देखी गई है। आइडियाफोर्ज ने जानकारी दी है कि ऑपरेशन से उनका रेवेन्यू 594 पर्सेंट बढ़कर 141.04 करोड़ रुपये पहुंच गया है। पिछले साल की इसी तिमाही में यह सिर्फ 20.31 करोड़ रुपये रहा था। हालांकि इस दौरान कंपनी के खर्चों में भी करीब 84 पर्सेंट की बढ़ोतरी हुई है। मार्च तिमाही में कंपनी का कुल खर्च 92.74 करोड़ रुपये रहा जबकि पिछले साल यह 50.43 करोड़ रुपये था। खर्च बढ़ने की मुख्य वजह मटेरियल की बढ़ती लागत को बताया गया है।
पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव के कारण सप्लाई चेन में कई बड़ी मुश्किलें आईं लेकिन इसके बाद भी आइडियाफोर्ज ने अपनी काबिलियत साबित की। कंपनी के सीईओ और होल-टाइम डायरेक्टर अंकित मेहता ने बताया कि हमने अपनी चौथी तिमाही में अब तक का सबसे ज्यादा रेवेन्यू हासिल किया है और अपने ओपन ऑर्डर्स का 40 पर्सेंट हिस्सा सफलता के साथ पूरा कर लिया है। उन्होंने कहा कि कंपनी ने इंजीनियरिंग से लेकर मैन्युफैक्चरिंग तक हर स्तर पर अपनी ताकत बढ़ाई है। इसी की वजह से कठिन समय में भी कंपनी बड़े ऑर्डर्स को समय पर पूरा करने में सफल रही है।
आइडियाफोर्ज को पूरा भरोसा है कि आने वाले समय में उसके ड्रोन बिजनेस की भूमिका और ज्यादा बढ़ने वाली है। कंपनी का ऑर्डर बुक काफी मजबूत नजर आ रहा है जो भविष्य की ग्रोथ का संकेत देता है। वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान कंपनी ने अपने ऑर्डर बुक में 5.3 बिलियन रुपये जोड़े हैं। यह दिखाता है कि डिफेंस और टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में कंपनी की पकड़ लगातार मजबूत हो रही है। ड्रोन सेक्टर में मिल रहे नए प्रोजेक्ट्स कंपनी को आने वाले समय में नई ऊंचाइयों पर ले जा सकते हैं।
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