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  1. ऑटो-डेबिट नियमों में RBI ने किए बदलाव, कैसे ग्राहकों को मिलेगा इसका फायदा, यहां समझें

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ऑटो-डेबिट नियमों में RBI ने किए बदलाव, कैसे ग्राहकों को मिलेगा इसका फायदा, यहां समझें

Upstox

2 min read | अपडेटेड April 22, 2026, 13:08 IST

सारांश

केंद्रीय बैंक ने डिजिटल भुगतान - ई-मेंडेट फ्रेमवर्क, 2026 पर समेकित निर्देश जारी किए हैं, जिनमें कुछ संशोधनों के साथ सभी मौजूदा नियमों को एक साथ लाया गया है।

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया

ऑटो-डेबिट नियमों में आरबीआई ने किए क्या बदलाव?

अगर आपने भी अलग-अलग सर्विसेज की पेमेंट के लिए ई-मेंडेट के जरिए ऑटो-डेबिट सुविधा ले रखी है, तो यह खबर आपके लिए बहुत अहम है। अगर आपने अपने सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (एसआईपी), इंश्योरेंस, क्रेडिट कार्ड बिलों या फिर किसी ऐप के सब्सक्रिप्शन के लिए ऑटो-डेबिट सेट अप किया है, तो भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की ओर से एक अपडेट आया है, जो आपके लिए जानना बेहद अहम है। केंद्रीय बैंक ने डिजिटल भुगतान - ई-मेंडेट फ्रेमवर्क, 2026 पर समेकित निर्देश जारी किए हैं, जिनमें कुछ संशोधनों के साथ सभी मौजूदा नियमों को एक साथ लाया गया है। आरबीआई के अनुसार, यह कदम ‘ई-मेंडेट पर मौजूदा निर्देशों को समेकित करने’ और हितधारकों की प्रतिक्रिया के आधार पर बदलावों को शामिल करने के लिए उठाया गया है। ये निर्देश तत्काल प्रभाव से लागू होते हैं।

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कोई बड़ा बदलाव नहीं

यह कोई बड़ा बदलाव नहीं है। आरबीआई ने उद्योग जगत के लोगों से मिली प्रतिक्रिया के आधार पर कुछ मामूली समायोजन करते हुए, काफी हद तक पुराने ढांचे को ही बरकरार रखा है।

कार्ड बदलने पर भी काम करेगा ऑटो-पेमेंट

अगर आपका डेबिट या क्रेडिट कार्ड दोबारा जारी किया जाता है, तो आपको अपने स्थायी निर्देशों को फिर से सेट करने की आवश्यकता नहीं होगी। आरबीआई ने जारीकर्ताओं को मौजूदा ई-मैंडेट को नए कार्डों से जोड़ने की अनुमति दी है, जिससे उपयोगकर्ताओं को होने वाली असुविधा कम हो जाती है। फीस को लेकर भी स्पष्टता है। इस ढांचे में कहा गया है कि आवर्ती (Recurring) भुगतानों के लिए ई-मैंडेट सुविधा का लाभ उठाने वाले कस्टमर्स से कोई फीस नहीं ली जाएगी।

बैंकों और जारीकर्ताओं को अब प्रत्येक ट्रांजैक्शन के बाद की सूचना में शिकायत निवारण संबंधी विवरण शामिल करना होगा। आरबी ने यह भी दोहराया है कि जारीकर्ताओं के पास ‘एक सही विवाद निवारण सिस्टम होना चाहिए... ताकि कस्टमर्स अपनी शिकायतें दर्ज करा सकें।’ महत्वपूर्ण बात यह है कि अनधिकृत ट्रांजैक्शन के लिए कस्टमर की देयता को सीमित करने वाले नियम आवर्ती भुगतानों पर भी लागू होंगे, जिससे ऑटो-डेबिट भी इसी सुरक्षा दायरे में आ जाएंगे।

लेखकों के बारे में

Upstox
Upstox Hindi News Desk पत्रकारों की एक टीम है जो शेयर बाजारों, अर्थव्यवस्था, वस्तुओं, नवीनतम व्यावसायिक रुझानों और व्यक्तिगत वित्त को उत्साहपूर्वक कवर करती है।

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