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  1. रेपो रेट 0.25% बढ़ते ही महंगी हुई होम लोन की किस्त, देखें आपके लोन पर कितनी बढ़ गई हर महीने की EMI

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रेपो रेट 0.25% बढ़ते ही महंगी हुई होम लोन की किस्त, देखें आपके लोन पर कितनी बढ़ गई हर महीने की EMI

Upstox

5 min read | अपडेटेड October 07, 2026, 11:09 IST

सारांश

आरबीआई ने रेपो रेट 0.25% बढ़ाकर 5.50% कर दिया है। इस बढ़ोतरी के बाद रेपो रेट से जुड़े होम लोन की ईएमआई बढ़ जाएगी। 50 लाख के 20 साल के लोन पर हर महीने 794 रुपए ज्यादा देने होंगे। जानिए 50 लाख से लेकर 2 करोड़ रुपए तक के लोन पर कितना असर पड़ेगा।

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आरबीआई द्वारा रेपो रेट 0.25% बढ़ाए जाने के बाद होम लोन की EMI में बढ़ोतरी।

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया यानी आरबीआई की मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी ने 7 अक्टूबर को रेपो रेट में 0.25% यानी 25 बेसिस पॉइंट्स की बढ़ोतरी कर दी है। इस फैसले के बाद देश में रेपो रेट बढ़कर 5.50% हो गया है। फरवरी 2023 के बाद यह पहली रेट हाइक है, जिसने 125 बेसिस पॉइंट्स के रेट कट सायकल पर विराम लगा दिया है। जिन लोगों ने बैंकों से रेपो रेट से लिंक्ड होम लोन ले रखा है, उनकी होम लोन की ब्याज दरों में इस 0.25% की बढ़ोतरी का सीधा और तुरंत असर देखने को मिलेगा।

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अगर आपका भी होम लोन चल रहा है, तो आपकी मंथली EMI का बजट अब बढ़ने वाला है। आइए आसान भाषा में समझते हैं कि रेपो रेट में 0.25% की तेजी के बाद आपके 50 लाख, 75 लाख, 1 करोड़, 1.5 करोड़ और 2 करोड़ रुपए के होम लोन की मंथली EMI कितनी बढ़ जाएगी।

जानिए आपके होम लोन की EMI पर कितना पड़ेगा असर

होम लोन EMI का कैलकुलेशन समझने के लिए अगर 20 साल के लोन टेन्यूर पर 8.50% की मौजूदा ब्याज दर को माना जाए, जो अब 0.25% बढ़कर 8.75% हो जाएगी, तो हर लोन अमाउंट पर EMI का बोझ बढ़ जाएगा। 50 लाख रुपए के 20 साल के होम लोन पर पहले EMI 43,391 रुपए आती थी जो अब बढ़कर 44,186 रुपए हो जाएगी, यानी हर महीने 794 रुपए ज्यादा देने होंगे और 20 साल में 1.91 लाख रुपए का अतिरिक्त ब्याज लगेगा।

इसी तरह 75 लाख रुपए के लोन पर EMI 65,087 रुपए से बढ़कर 66,278 रुपए हो जाएगी, जिससे हर महीने 1,192 रुपए का इजाफा होगा और कुल ब्याज 2.86 लाख रुपए बढ़ जाएगा। 1 करोड़ रुपए के लोन पर मंथली EMI 86,782 रुपए से बढ़कर 88,371 रुपए हो जाएगी, जिससे हर महीने 1,589 रुपए और 20 साल में कुल 3.81 लाख रुपए ज्यादा चुकाने होंगे।

बड़े लोन अमाउंट और टेन्यूर बढ़ाने पर क्या होगा गणित?

बड़े लोन अमाउंट की बात करें तो 1.5 करोड़ रुपए के लोन पर आपकी मंथली EMI 1,30,173 रुपए से बढ़कर 1,32,557 रुपए हो जाएगी, यानी हर महीने 2,383 रुपए का बोझ बढ़ेगा और कुल एक्स्ट्रा ब्याज 5.72 लाख रुपए बैठेगा। वहीं 2 करोड़ रुपए के लोन पर EMI 1,73,565 रुपए से बढ़कर 1,76,742 रुपए हो जाएगी, जिससे हर महीने 3,177 रुपए ज्यादा देने होंगे और 20 साल में 7.63 लाख रुपए का अतिरिक्त ब्याज लगेगा। कुल मिलाकर 0.25% की तेजी से EMI में लगभग 1.8% की बढ़ोतरी हुई है, यानी हर 50 लाख के लोन पर करीब 794 रुपए महीना बढ़ा है।

अगर बैंक आपकी मंथली EMI नहीं बढ़ाता है, तो लोन का टेन्यूर बढ़ जाएगा। उदाहरण के लिए 240 महीने का लोन अब 253 महीने यानी 21.1 साल चलेगा, जिससे आपको 13 महीने ज्यादा EMI देनी होगी। इसके अलावा 8.00% की ब्याज दर पर 50 लाख के लोन की EMI 41,822 रुपए से बढ़कर 42,603 रुपए और 2 करोड़ के लोन की EMI 1,67,288 रुपए से बढ़कर 1,70,413 रुपए हो जाएगी। अगर आगे भी 50, 75 या 100 बेसिस पॉइंट्स की बढ़ोतरी होती है तो 1 करोड़ के लोन की EMI बढ़कर क्रमशः 89,973 रुपए, 91,587 रुपए और 93,213 रुपए तक पहुंच सकती है।

होम लोन ग्राहकों को किन बातों का रखना चाहिए ध्यान?

रेपो रेट बढ़ने के बाद होम लोन बॉरोअर्स को कुछ जरूरी बातें चेक कर लेनी चाहिए। सबसे पहले यह देखें कि आपका लोन रेपो रेट यानी ईबीएलआर से लिंक्ड है या एमसीएलआर से। रेपो रेट से लिंक्ड लोन की ब्याज दरें बैंक तुरंत एक महीने या एक तिमाही के भीतर बढ़ा देते हैं, जबकि MCLR से लिंक्ड लोन में यह बदलाव धीरे-धीरे होता है। वहीं फिक्स्ड रेट वाले होम लोन ग्राहकों पर इस बढ़ोतरी का कोई असर नहीं पड़ेगा। दूसरी बात यह है कि बैंक का स्प्रेड सैंक्शन के वक्त फिक्स होता है, इसलिए रेपो रेट बढ़ने से सिर्फ बेंचमार्क वाला हिस्सा ही बदलता है। तीसरी बात यह ध्यान रखें कि कम टेन्यूर वाले लोन पर ब्याज दर बढ़ने का असर कम होता है। जैसे 50 लाख रुपए के 15 साल के लोन पर EMI 49,237 रुपए से बढ़कर 49,972 रुपए होगी, यानी केवल 735 रुपए का ही अंतर आएगा।

आरबीआई के इस फैसले पर वेस्टेड के फाउंडर और सीईओ विरम शाह का कहना है कि रेपो रेट में 0.25% की बढ़ोतरी कर इसे 5.50% करना और कैलिब्रेटेड टाइटनिंग की ओर बढ़ना बढ़ती महंगाई के दबाव से निपटने के लिए उठाए गए सधे हुए कदम हैं। कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और सख्त ग्लोबल मॉनेटरी स्थितियों के बीच यह कदम प्राइस स्टेबिलिटी में भरोसा मजबूत करता है और रुपए के एसेट्स को सपोर्ट कर सकता है। यह अमेरिकी फेड के अपर पॉलिसी रेट के मुकाबले गैप को बढ़ाकर 1.50 पर्सेंटेज पॉइंट्स कर देता है, हालांकि क्रूड की कीमतें और कैपिटल फ्लो करेंसी को प्रभावित करते रहेंगे। दूसरी तरफ अमेरिकी बाजार के एसएंडपी 500 और नैस्डैक इंडेक्स ने रिकॉर्ड ऊंचाई को छुआ है, जिसे फेड रेट हाइक, एआई और कॉर्पोरेट अर्निंग्स से सपोर्ट मिला है।

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Upstox Hindi News Desk पत्रकारों की एक टीम है जो शेयर बाजारों, अर्थव्यवस्था, वस्तुओं, नवीनतम व्यावसायिक रुझानों और व्यक्तिगत वित्त को उत्साहपूर्वक कवर करती है।

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