पर्सनल फाइनेंस
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4 min read | अपडेटेड January 02, 2026, 14:00 IST
सारांश
राजस्थान सरकार की मुख्यमंत्री राजश्री योजना के तहत बेटियों को जन्म से लेकर 12वीं कक्षा पास करने तक कुल 50,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। यह पैसा छह अलग-अलग किस्तों में मिलता है। इसका मुख्य उद्देश्य राज्य में बेटियों की पढ़ाई और उनके बेहतर स्वास्थ्य को बढ़ावा देना है।

मुख्यमंत्री राजश्री योजना के जरिए राजस्थान सरकार बेटियों के सुनहरे भविष्य की नींव रख रही है।
राजस्थान सरकार ने राज्य की बेटियों की किस्मत संवारने और उन्हें पढ़ाई-लिखाई में आगे बढ़ाने के लिए एक बहुत ही शानदार योजना चलाई है। इस योजना का नाम मुख्यमंत्री राजश्री योजना है। इस योजना के जरिए सरकार बेटी के जन्म से लेकर उसके 12वीं कक्षा पास करने तक कुल 50,000 रुपये की बड़ी आर्थिक मदद करती है। यह पैसा एक साथ नहीं बल्कि छह अलग-अलग किस्तों में दिया जाता है ताकि समय-समय पर बेटी की जरूरतों को पूरा किया जा सके। सरकार का मानना है कि इस योजना से समाज में बेटियों के प्रति सोच बदलेगी और लोग उन्हें बोझ समझने के बजाय खुशियां मनाएंगे। इससे बेटियों की स्कूल छोड़ने की दर में भी कमी आएगी।
इस योजना का सबसे बड़ा फायदा उन परिवारों को मिलता है जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं और पैसों की कमी की वजह से अपनी बेटियों को स्कूल नहीं भेज पाते। सरकार चाहती है कि हर बेटी अच्छी शिक्षा पाए और सेहतमंद रहे। इसलिए सहायता राशि को शिक्षा और स्वास्थ्य के चरणों से जोड़ा गया है। इस योजना के जरिए राज्य में बालिका जन्म दर को सुधारने और मातृ मृत्यु दर को कम करने की कोशिश की जा रही है। जब परिवार को पता होता है कि बेटी की पढ़ाई के लिए सरकार से मदद मिलेगी, तो वे उसे स्कूल भेजने में हिचकिचाते नहीं हैं। यह योजना प्रदेश की बालिकाओं को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
मुख्यमंत्री राजश्री योजना का पैसा छह चरणों में लाभार्थी के बैंक खाते में भेजा जाता है। पहली किस्त के रूप में बेटी के जन्म पर 2,500 रुपये दिए जाते हैं। जब बेटी एक साल की हो जाती है और उसका पूरा टीकाकरण हो जाता है, तब दूसरी किस्त के रूप में फिर से 2,500 रुपये मिलते हैं। इसके बाद जब बेटी पहली कक्षा में नाम लिखवाती है, तो तीसरी किस्त के रूप में 4,000 रुपये दिए जाते हैं। चौथी किस्त 5,000 रुपये की होती है जो कक्षा छह में प्रवेश लेने पर मिलती है। कक्षा दस में पहुंचने पर पांचवीं किस्त के रूप में 11,000 रुपये की मदद दी जाती है। सबसे बड़ी और आखिरी किस्त 25,000 रुपये की होती है, जो बेटी द्वारा 12वीं कक्षा पास करने पर मिलती है।
इस योजना का फायदा लेने के लिए कुछ जरूरी शर्तें तय की गई हैं। सबसे पहली शर्त यह है कि परिवार राजस्थान का मूल निवासी होना चाहिए। यह योजना उन बेटियों के लिए है जिनका जन्म 1 जून 2016 या उसके बाद हुआ है। बेटी का जन्म किसी सरकारी अस्पताल या जननी सुरक्षा योजना से जुड़े मान्यता प्राप्त प्राइवेट अस्पताल में होना चाहिए। योजना की पहली दो किस्तों का लाभ सभी को मिलता है, लेकिन तीसरी और उसके बाद की किस्तों का फायदा उन्हीं बेटियों को दिया जाता है जो अपने माता-पिता की पहली दो जीवित संतानों में शामिल हैं। इसके अलावा बेटी का सरकारी स्कूल में पढ़ना भी अनिवार्य है ताकि शिक्षा को बढ़ावा मिल सके।
इस योजना के लिए रजिस्ट्रेशन कराना बहुत ही आसान है। बेटी के जन्म के समय पहली और दूसरी किस्त के लिए अलग से कोई फार्म भरने की जरूरत नहीं पड़ती, क्योंकि अस्पताल के जरिए ही इसका नाम पोर्टल पर चढ़ जाता है। हालांकि आपके पास जन आधार कार्ड होना बहुत जरूरी है। जब बेटी पहली कक्षा में नाम लिखवाती है, तो स्कूल के जरिए आगे की किस्तों के लिए आवेदन किया जाता है। अभिभावकों को चाहिए कि वे बेटी का जन्म प्रमाण पत्र, जन आधार कार्ड और बैंक खाते की जानकारी तैयार रखें। आप अपने नजदीकी ई-मित्र केंद्र पर जाकर भी इस योजना के लिए ऑनलाइन अपना नाम दर्ज करवा सकते हैं। बस ध्यान रखें कि आपका बैंक खाता जन आधार से जुड़ा होना चाहिए ताकि पैसा सीधे खाते में आ सके।
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