पर्सनल फाइनेंस
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4 min read | अपडेटेड May 07, 2026, 16:23 IST
सारांश
PFRDA ने असंगठित क्षेत्र के लोगों के लिए NPS Sanchay स्कीम शुरू की है। यह नेशनल पेंशन सिस्टम का आसान वर्जन है। इसमें 18 से 85 साल तक के लोग निवेश कर सकते हैं। इसका मकसद दिहाड़ी मजदूरों और छोटे व्यापारियों को रिटायरमेंट के बाद नियमित आय देना है ताकि उनका फ्यूचर सुरक्षित रहे।

पीएफआरडीए की नई एनपीएस संचय स्कीम से अब मजदूरों और छोटे कामगारों को भी मिलेगी पेंशन की सुविधा। Image: Shutterstock
भारत में एक बहुत बड़ी आबादी असंगठित क्षेत्र में काम करती है। इन लोगों के पास काम के दौरान तो आमदनी होती है, लेकिन रिटायरमेंट के बाद नियमित कमाई का कोई पक्का जरिया नहीं होता। इसी परेशानी को दूर करने के लिए पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी यानी PFRDA ने एक नई पहल की है। अथॉरिटी ने NPS Sanchay Scheme लॉन्च की है, जिसे नेशनल पेंशन सिस्टम यानी NPS का एक बहुत ही सरल और आसान वर्जन माना जा रहा है। इस योजना को इस तरह डिजाइन किया गया है कि एक आम आदमी भी बिना किसी एक्सपर्ट की मदद के इसमें निवेश कर सके और अपने फ्यूचर को सुरक्षित बना सके।
NPS संचय असल में नेशनल पेंशन सिस्टम के ऑल सिटीजन मॉडल और MSF फ्रेमवर्क के तहत शुरू की गई एक योजना है। इसका सबसे बड़ा मकसद पेंशन निवेश की प्रक्रिया को इतना आसान बनाना है कि समाज का हर वर्ग इसमें शामिल हो सके। पीएफआरडीए ने इसे खास तौर पर उन लोगों के लिए तैयार किया है जो छोटे कारोबार चलाते हैं, दिहाड़ी मजदूरी करते हैं, घरों में काम करते हैं या किसी भी तरह के अनौपचारिक काम में लगे हैं। आंकड़ों के मुताबिक भारत का करीब 90 पर्सेंट वर्कफोर्स इसी असंगठित क्षेत्र का हिस्सा है। इन लोगों के पास अक्सर भविष्य के लिए कोई आर्थिक सुरक्षा नहीं होती, इसलिए यह स्कीम उनके लिए बुढ़ापे की लाठी साबित हो सकती है। इस योजना की सबसे अच्छी बात यह है कि इसमें निवेश का तरीका पहले से तय रहेगा, जिससे निवेशकों को किसी तरह की उलझन नहीं होगी।
इस योजना की पहुंच को व्यापक बनाने के लिए उम्र के नियमों को काफी लचीला रखा गया है। 18 साल से लेकर 85 साल तक का कोई भी भारतीय नागरिक एनपीएस संचय में निवेश शुरू कर सकता है। बस ध्यान यह रखना है कि आवेदन जमा करते समय आपकी उम्र इसी तय सीमा के भीतर होनी चाहिए। खाता खोलने के लिए निवेशकों को KYC प्रक्रिया से गुजरना होगा, जो आजकल हर वित्तीय काम के लिए जरूरी है। इसके लिए सब्सक्राइबर रजिस्ट्रेशन फॉर्म यानी एसआरएफ भरना होगा और पहचान के साथ पते के जरूरी दस्तावेज जमा करने होंगे। यह सरल प्रक्रिया सुनिश्चित करती है कि दूर-दराज के इलाकों में रहने वाले लोग भी आसानी से अपना अकाउंट खोल सकें।
पीआरएफडीए ने इस योजना में निवेश के पैटर्न को मौजूदा सरकारी स्कीमों जैसे यूपीएस, एनपीएस और अटल पेंशन योजना की तरह ही सुरक्षित रखा है। इसका मतलब है कि आपका पैसा सुरक्षित और संतुलित तरीके से मैनेज किया जाएगा ताकि लंबे समय में एक अच्छा फंड तैयार हो सके। अगर निवेश की राशि की बात करें, तो इसमें खाता खोलने के लिए शुरुआत में कम से कम 500 रुपये जमा करने होंगे। इसके बाद अपने खाते को एक्टिव रखने के लिए पूरे साल में कम से कम 1000 रुपये का निवेश करना जरूरी है। निवेशक देश के किसी भी पॉइंट ऑफ प्रेजेंस यानी पीओपी सेंटर पर जाकर इस स्कीम का हिस्सा बन सकते हैं। इसके नियम सामान्य एनपीएस जैसे ही हैं, इसलिए लोगों को इसे समझने में कोई परेशानी नहीं आएगी।
पेंशन स्कीम होने के बावजूद इसमें जरूरत पड़ने पर पैसे निकालने की सुविधा दी गई है। एनपीएस संचय में आंशिक निकासी यानी पार्शियल विड्रॉल और स्कीम से बाहर निकलने के नियम वही रहेंगे जो मौजूदा एनपीएस में लागू होते हैं। अगर किसी निवेशक को बीच में पैसों की जरूरत पड़ती है, तो वह कुछ शर्तों के साथ अपने जमा पैसे का हिस्सा निकाल सकता है। रिटायरमेंट के समय या जब कोई इस योजना से बाहर निकलना चाहता है, तो उसे एक तय प्रक्रिया का पालन करना होगा।
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